कोसा केन्द्र तोड़ लगाया क्रेशर

mukesh yadav

Publish: Feb, 15 2018 11:43:21 (IST)

Balaghat, Madhya Pradesh, India
कोसा केन्द्र तोड़ लगाया क्रेशर

वीआरएस कंपनी की मनमानी, सड़क निर्माण में कर रहा बर्डन का उपयोग

बालाघाट. शासन ने शासकीय संपत्तियों के लिए बहुत पहले एक स्लोगन जारी किया था और हर शासकीय संपत्ति पर लिखवाया था। "शासकीय संपत्ति आपकी अपनी है, इसलिए इसकी रक्षा करें"। लेकिन स्लोगन का अर्थ वीआरएस कंपनी ने उल्टा ही करके रख दिया है। अभी हाल ही में एक ऐसा ही उदाहरण सामने आया हैं। यहां वीआरएस कंपनी ने नांदी मुख्य मार्ग पर स्थित रेशम विभाग के शासकीय जर्जर भवन को तोड़ दिया तथा अवैध रुप से क्रेशर का संचालन कर रही है। इस ओर संबंधित विभाग तथा प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान नहीं है। जबकि सूत्रों का मानना है कि प्रशासनिक महकमा जानबूझकर अनजान बने हुए हैं।
ग्रामीणों से मिली जानकारी अनुसार नांदी मुख्य मार्ग पर स्थित रेशम विभाग के कोसा केन्द्र को सड़क निर्माण करने वाली वीआरएस कंपनी ने तोड़ दिया है। यहां पर अवैध रुप से अस्थाई क्रेशर का संचालन कर रही है। गौरतलब हो इस क्रेशर में ओवर बर्डन की तुड़ाई की जा रही है। जिसका उपयोग सिवनी से कटंगी व्याहा बोनकट्टा महाराष्ट्र बार्डर तक होने वाले सड़क निर्माण तथा गर्रा चौकी से मिरगपुर तक बनने वाले सड़क में धड़ल्ले से हो रहा है। जिससे सड़क की गुणवत्ता पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। हालाकिं इसके बाद भी आज तक एमपीआरडीसी के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने इसके प्रयोग पर रोक लगाने के लिए कोई सुध नहीं ली है।
नहीं दिया किसी ने ध्यान
खनिज विभाग के अनुसार कटंगी एवं तिरोड़ी में स्वीकृत खनिरियायत खनिपट्टों से निकलने वाले वेस्ट मटेरियल (ओवर बर्डन) को बेचने की अनुमति किसी भी खदान संचालक को प्रदान नहीं की गई है। लेकिन इसके बाद भी क्षेत्र की खदानों के संचालक अवैध तरीके से मटेरियल बेच रहे हैं। इस मामले पर जांच करने की बजाए खजिन विभाग कंपनी तथा खदान मालिकों को संरक्षण प्रदान कर रहा है। नांदी सरपंच ने बताया कि अस्थाई क्रेशर स्थापित करने के लिए कंपनी ने पंचायत से एनओसी नहीं ली है तथा कोसा केन्द्र की बिल्ंिडग को भी अवैध तरीके से ध्वस्त कर दिया। जब उन्होंने क्रेशर के संचालन संबंधी जानकारी जुटाई तब तक क्रेशर संचालित हो चुका था। जनप्रतिनधियों को इस बारे में बताया गया। लेकिन उन्होंने भी ध्यान नहीं दिया।
इनका कहना है।
कंपनी ने भवन तोडऩे की अनुमति नहीं ली है। भवन तोड़ दिया गया है यह जानकारी आपसे मुझे मिल रही है। शीघ्र ही पता लगाकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
डीपी सिंह, जिला रेशम अधिकारी

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