सोसायटी में कर्मचारियों की सांठगांठ से कम तौली धान

823 बोरियों में दो-दो किलो कम निकली धान, साल्हे सोसायटी का मामला

बालाघाट. सोसायटी के कर्मचारियों की बिचौलियों व व्यापारियों से सांठ-गांठ का मामला प्रकाश में आया है। यहां पर सोसायटी कर्मचारियों द्वारा एक किसान कम व्यापारी से बोरियों में कम धान की तौल की। यहां पर ८२३ बोरियों में दो-दो किलो धान कम निकली है। इसका खुलासा उस समय हुआ, जब धान का परिवहन होने पर भंडारण केन्द्र में ट्रक में धान नियत वजन से कम निकली। जिसके बाद इस मामले की जांच किए जाने पर वास्तविकता सामने आई। मामला लालबर्रा क्षेत्र के साल्हे सोसायटी का है।
जानकारी के अनुसार साल्हे सोसायटी अंतर्गत ग्राम बघोली निवासी व्यापारी नीलकंठ टेंभरे जिन्होंने धान खरीदी के शुरुआती दिनों से अनेक किसानों के पंजीयन पर हजारों क्विंटल धान साल्हे सोसायटी में समर्थन मूल्य पर बिक्री की है। व्यापारी की अंतिम चरण में 823 बोरी धान पकड़ाया जाना प्रबंधन की पोल खोल रहा है। इन ८२३ बोरियों में निर्धारित तौल के स्थान पर ३८ किलो ही धान पाई गई है। इधर, इस मामले की जानकारी मिलते ही शनिवार की देर शाम लालबर्रा तहसीलदार मौका स्थल पर पहुंचे और जानकारियां जुटाई है। हालांकि, इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
बताया गया है कि व्यापारी नीलकंठ टेंभरे जिसे खरीदी प्रभारी भली-भांति पहचानते हैं। बावजूद इसके उनके द्वारा लगातार नीलकंठ की धान खरीदी की जाती रही। 18 जनवरी को जब कृषि विभाग के अधिकारी इस बात की तस्दीक करने खरीदी केंद्र पहुंचे कि कहीं किसानों से अधिक मात्रा में धान की तौल तो नहीं की जा रही है। तब तौल किए हुए नीलकंठ टेंभरे के लगे हुए लाट से बोरों का तौल किया गया तो वास्तविकता सामने आई। जहां किसानों से बोरे का माप और धान की शौक काटकर 40 किलो 800 ग्राम खरीदी की जानी थी। वहीं नीलकंठ टेंभरे के बोरों में केवल 38 किलो ही धान पाई गई। जिसके बाद खरीदी प्रभारी और कर्मचारियों ने अपने आप को बचाने के लिए आनन-फानन में उपस्थित किसानों के समक्ष पंचनामा बनाया। इसके बाद साढ़े सोलह क्विंटल धान और लाने के लिए व्यापारी नीलकंठ टेंभरे को कहा गया।
इनका कहना है
सिवनी नरेला में शासकीय धर्म कांटा है, जहां पर परिवहन होने वाली धान का माप किया जाता है। उन्हें शिकायत मिली थी कि उनके धान खरीदी केंद्रों से पहुंचने वाले ट्रकों में कम धान पाई जा रही है। जिसकी जांच के लिए कल ही वे नरेला गए थे। उनकी नजरों के पीछे खरीदी प्रभारी व्यापारियों के साथ मिलकर सरकारी खजाने को बर्बाद करने में बंदरबांट करने में लगे हुए हैं इस बात का खुलासा आज सोसाइटी में हुआ है। इन पर उचित कार्रवाई होना चाहिए।
-दिलीप कुमार लिल्हारे, पर्यवेक्षक लालबर्रा ब्रांच

Bhaneshwar sakure Bureau Incharge
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