scriptNeither the passenger waiting room nor the arrangement of cold drinkin | न यात्री प्रतीक्षालय न शीतल पेयजल की व्यवस्था | Patrika News

न यात्री प्रतीक्षालय न शीतल पेयजल की व्यवस्था

तपिश बढ़ी, पारा ३८ के पार
झुलसा देने वाले तपिश के बीच करना पड़ रहा बसों का इंतजार
उकवा के मुसाफिरों के हाल हो रहे बेहाल

बालाघाट

Published: April 06, 2022 07:54:54 pm

बालाघाट/उकवा. जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर जारी है। सूर्य की तपिश बढ़ गई और पारा ३८ डिग्री के पार हो चला है। ऐसे में खासकर बाहर से आने वाले मुसाफिरों और यात्रियों को भीषण गर्मी में झुलसते देखा जा रहा है। मामला जिले की मॉयल नगरी उकवा का प्रकाश में आया है। एक सैकड़ा से अधिक गांवों के केन्द्र बिंदु उकवा में सुसज्जित यात्री प्रतीक्षालय और बस स्टैंड तक की व्यवस्था नहीं है। परिणाम स्वरूप यात्रियों और मुसाफिरों को खुले आसमान के नीचे भीषण तपिश के बीच बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। वर्षो से यह समस्या बनी हुई है। लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यहां सडक़ किनारे या फिर हॉटल, दुकानों की आड़ में खड़े होकर बसों के इंतजार में यात्रियों को परेशान होते देखा जा सकता है।
इसके अलावा इतनी भीषण गर्मी के बावजूद मॉयल प्रबंधन, पंचायत या अन्य किसी समाज सेवियों द्वारा यहां राहत पहुंचाने शीतल पेयजल (प्याऊ) तक की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में यात्रियों को कितनी तकलीफों का सामना करना पड़ता है आसानी से समझा जा सकता है।
पानी मोल लेकर बुझा रहे प्यास
बसों के इंतजार में परेशान हो रहे मुसाफिरों ने बताया कि मुख्यालय बैहर, परसवाड़ा, बैहर और कान्हा राष्ट्रीय उद्यान जाने के लिए भी इसी मार्ग का उपयोग करना पड़ता है। इस कारण यहां से आधा सैकड़ों से अधिक बसों का संचालन होता है। जिनमें नित्य हजारों की संख्या में यात्रीगण सफर करते हैं। ऐसे में यदि उकवा में स्टॉप आता है तो हर वर्ग के यात्रियों को पानी मोल लेकर प्यास बुझानी पड़ रही है। स्थानीय हॉटल संचालकों द्वारा पानी का व्यवयाए शुरू कर दिया गया है, इस कारण मुफ्त में पीने के लिए कोई पानी नहीं देता है। ऐसे में आदिवासी गरीब यात्रियों का मरना हो जा रहा है, जिन्हें दोपहर के समय पेयजल के लिए भटकते देखा जा सकता है।
नहीं सुन रहा कोई
उकवा निवासी प्रतीक राउत और नरेश कुमार पंचभावे ने बताया कि उकवा जिले की मॉयल नगरी के नाम से विख्यात से है। यहां से निकलने वाले मैगनीज से शासन को लाखों रुपए का राजस्व भी प्राप्त होता है। बावजूद इसके उकवा गांव की हमेंशा से ही उपेक्षा की जाती रही है। जनप्रतिनिधियों और नेताओं द्वारा भी चुनाव के समय बस स्टैंड और यात्री प्रतीक्षालय की सुविधा मुहैया कराए जाने के आश्वासन दिए जाते रहे हैं। लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद कोई सुध लेने नहीं पहुंचता है। अब ग्रामीण आगामी चुनाव का बहिष्कार किए जाने का मन भी बना रहे हैं।
वर्सन
उकवा में यात्री प्रतीक्षालय और बस स्टैंड की समस्या अभी से नहीं, बल्कि वर्षो से बनी हुई है। लंबे समय से मांग किए जाने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अब ग्रामीण आगामी समय में चुनाव बहिष्कार का मन बना रहे हैं।
प्रतीक राउत, उकवा निवासी
न यात्री प्रतीक्षालय न शीतल पेयजल की व्यवस्था
न यात्री प्रतीक्षालय न शीतल पेयजल की व्यवस्था
गर्मी इतनी बढ़ गई है कि सडक़ों का डामर तक पिघलने लगा है। बावजूद इसके प्याऊ तक की व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय व्यापारी, मजदूरों और राहगीरों को भी प्यास के मारे परेशान होते दोपहर में देखा जा सकता है। शीघ्र ही प्याऊ की व्यवस्था की जानी चाहिए।
नरेश कुमार पंचभावे, उकवा

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Presidential Election 2022: लालू प्रसाद यादव भी लड़ेंगे राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव! जानिए क्या है पूरा मामलाMumbai News Live Updates: बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस के निवास पहुंचे एकनाथ शिंदेMaharashtra Political Crisis: उद्धव के इस्तीफे पर नरोत्तम मिश्रा ने दिया बड़ा बयान, कहा- महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा का दिखा प्रभावप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने MSME के लिए लांच की नई स्कीम, कहा- 18 हजार छोटे करोबारियों को ट्रांसफर किए 500 करोड़ रुपएDelhi MLA Salary Hike: दिल्ली के 70 विधायकों को जल्द मिलेगी 90 हजार रुपए सैलरी, जानिए अभी कितना और कैसे मिलता है वेतनKangana Ranaut ने Uddhav Thackeray पर कसा तंज, कहा- 'हनुमान चालीसा बैन किया था, इन्हें तो शिव भी नहीं बचा पाएंगे'उदयपुर हत्याकांड: आरोपियों के कराची कनेक्शन पर पाकिस्तान की बेशर्मी, जानिए क्या बोलाUdaipur Murder: उदयपुर में हिंदू संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, हत्यारों को फांसी दो के लगे नारे
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.