कॉलेज में स्टाफ के लिए नहीं शौचालय

प्राचार्य कक्ष के शौचालय का सभी कर रहे उपयोग-

कटंगी। नगर के सर्व सुविधायुक्त कहे जाने वाले राजा भोज शासकीय महाविद्यालय भवन में शौचालय की कमी है। इस महाविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए तो जैसा-तैसा जर्जर शौचालय है। लेकिन महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक एवं अतिथि विद्वानों के लिए पृथक से कोई शौचालय नहीं है। इस कारण पूरा स्टाफ प्राचार्य कक्ष में बने एक मात्र शौचालय का मजबूरी में उपयोग कर रहा है। शौचालय के अभाव में सर्वाधिक परेशानी महाविद्यालय के महिला स्टाफ को होती है। प्राचार्य कक्ष में पुरूष वर्ग के सहकर्मी मौजूद रहने पर महिला कर्मचारी बेझिझक दैनिक क्रिया के लिए शौचालय का उपयोग नहीं कर पा रही है। हालाकिं इस बात से महाविद्यालय प्रबंधन पूरी तरह से भलिभांति वाकिफ भी है। लेकिन इसके बावजूद अब तक शौचालय का निर्माण नहीं किया गया है। इस बारे में कॉलेज के वरिष्ट छात्र कई बार महाविद्यालय प्रंबधन से चर्चा कर महाविद्यालय स्टाफ के लिए शौचालय निर्माण कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
महाविद्यालय के पूर्व छात्र अनमोल शर्मा का कहना है कि एक तरफ तो पूरे देशभर में स्वच्छता अभियान के चलते गांव-गांव व घर-घर में शौचालय निर्माण कराया जा रहा है। वहीं दूसरी तरह कई वर्षों संचालित हो रहे महाविद्यालय में आज भी स्टाफ के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं हो पाई है। जिससे महिला स्टाफ को शर्मिदगी का सामना करना पड़ता है। वह बताते हंै महिला व पुरूष सभी स्टाफ के लिए एक ही शौचालय की व्यवस्था है वह भी महाविद्यालय की प्रथम मंजिल पर स्थित है। ऐसे में नीचे कक्षाओं के भीतर अध्यापक कार्य करने वाली महिला स्टाफ को परेशान होना पड़ता है। महाविद्यालय में महिला शौचालय की व्यवस्था नहीं होना महाविद्यालयीन व्यवस्था को लेकर कई विरोध भी किया गया है। लेकिन अब तक इस ओर महाविद्यालय प्रशासन का ध्यान नहीं गया। वहीं सभी विद्यार्थियों के उपयोग के लिए बना शौचालय की हालत भी बहुत ही खराब है। नियमिति साफ-सफाई नहीं होने से दिन भर दुर्गध फैलती है। फिलहाल शैक्षणिक संस्थान में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा नहीं होना बेहद ही शर्मनाक बात है।

mukesh yadav Reporting
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