२६ लोगों के मौत के जिम्मेदार तत्कालीन एडीएम को नोटिस जारी

घटना के ६ माह बाद जारी हुआ नोटिस, आयुक्त जबलपुर ने जारी किया आदेश

By: Bhaneshwar sakure

Published: 09 Dec 2017, 11:44 AM IST

बालाघाट. जनपद पंचायत बालाघाट के ग्राम पंचायत खैरी में संचालित वारिस पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट मामले में तत्कालीन अपर कलेक्टर व प्रभारी अधिकारी (अनुज्ञप्ति शाखा) और वर्तमान जिपं सीईओ मंजूषा राय को दोषी मानकार आरोप पत्र जारी किया गया है। कमिश्नर जबलपुर संभाग गुलशन बामरा ने इस मामले में तत्कालीन अपर कलेक्टर मंजूषा राय को नोटिस जारी किया है। नोटिस प्राप्त होने के दस दिनों के भीतर जवाब भी मांगा है। जवाब नहीं मिलने पर तत्कालीन अपर कलेक्टर व वर्तमान जिपं सीईओ मंजूषा राय के खिलाफ एक तरफा कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं इस मामले में तत्कालीन कलेक्टर भरत यादव ने भी प्रकरण में तत्कालीन अपर कलेक्टर मंजूषा राय को दोषी माना था। तत्कालीन कलेक्टर भरत यादव के पत्र के आधार पर ही कमिश्नर गुलशन बामरा ने नोटिस जारी किया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम खैरी के पटाखा फैक्ट्री में ७ जून की शाम करीब ४ बजे अचानक विस्फोट हुआ था। इस विस्फोट में २२ श्रमिक जिंदा जल गए थे। जबकि ९ गंभीर रुप से घायल हो गए थे। घायलों में से चार लोगों की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस तरह से इस घटना में २६ लोंगों की मौत हुई थी। जबकि ५ घायल हुए थे। इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच भी हुई थी। जांच रिपोर्ट भी सौंप दी गई थी। लेकिन यह जांच करीब ६ माह तक ठंडे बस्ते में रही। इसके बाद कमिश्नर गुलशन बामरा ने २७ नवम्बर को तत्कालीन अपर कलेक्टर मंजूषा राय पर आरोप पत्र जारी कर जवाब मांगा है। हालांकि, कमिश्नर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार तत्कालीन अपर कलेक्टर व वर्तमान जिपं सीईओ मंजूषा राय ने अभी तक अपना जवाब पेश नहीं किया है।
२७ नवम्बर को जारी हुआ है नोटिस
जानकारी के अनुसार कार्यालय कमिश्नर जबलपुर संभाग से २७ नवम्बर को तत्कालीन अपर कलेक्टर मंजूषा राय के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया गया है। जिसमें स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि तत्कालीन अपर कलेक्टर व प्रभारी अधिकारी मंजूषा राय (अनुज्ञप्ति शाखा) के कार्यकाल में वाहिद अहमद पिता सगीर अहमद वार्ड क्रमांक २ भटेरा चौकी निवासी को ग्राम खैरी में आतिशबाजी विनिर्माण अनुज्ञप्ति के नवीनीकरण किए जाने के आवेदन पत्र पर एसपी बालाघाट और एसडीएम बालाघाट के जांच प्रतिवेदन अनापत्ति प्रमाण पत्र के आधार पर ही और स्थल निरीक्षण किए बगैर ही स्वीकृत पटाखा विनिर्माण अनुज्ञप्ति का नवीनीकरण ५ वर्ष के लिए किए जाने जिला दंडाधिकारी को प्रस्तावित की गई थी। प्राप्त प्रतिवेदनों का सूक्ष्म परीक्षण और स्वयं के द्वारा परिसर का स्थल निरीक्षण किया जाता तो यह घटना नहीं होती। वहीं समय-समय पर विस्फोटक अधिनियम १८८४, विस्फोटक पदार्थ अधिनियिम १९०८, विस्फोटक अधिनियम २००८ में जारी निर्देशों का पालन किए जाने के संबंध में और शासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन प्रतिवेदन एसपी व एसडीएम से प्राप्त कर त्रैमासिक जानकारी शासन को नहीं भेजी गई। जिसके कारण विपरित परिस्थिति हुई है। इस घटना के लिए कमिश्नर गुलशन बामरा ने भी तत्कालीन अपर कलेक्टर मंजूषा राय को जिम्मेदार माना है।
१९ जून को ही कलेक्टर ने मान लिया था दोषी
इस मामले में कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी ने घटना के १२वें दिन १९ जून को ही तत्कालीन अपर कलेक्टर मंजूषा राय को दोषी मान लिया था। तत्कालीन कलेक्टर ने इस मामले में १९ जून को कमिश्नर जबलपुर संभाग को पत्र लिखकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया था। इस पत्र में तत्कालीन कलेक्टर ने तत्कालीन अपर कलेक्टर मंजूषा राय को अपने पदीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतना पाया गया था। जिसके लिए उन्हें स्वयं को जिम्मेदार माना गया था। वहीं उनका आचरण मप्र सिविल सेवा आचरण नियम १९६५ के नियम ३ (सामान्य) के विपरित होने उनके विरुद्ध मप्र सिविल (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम १९६६ के निहित प्रावधानों के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने का उल्लेख किया था।
पूर्व विधायक ने सीएस को लिखा पत्र
इस मामले में लांजी क्षेत्र के पूर्व विधायक किशोर समरिते ने मुख्य सचिव मप्र शासन को तत्कालीन अपर कलेक्टर मंजूषा राय के खिलाफ कार्रवाई किए जाने पत्र लिखा है। वहीं शुक्रवार को एसपी को पत्र लिखकर इस मामले में दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पूर्व विधायक किशोर समरिते के अनुसार पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट होने से २६ लोगों की मृत्यु हो गई। वहीं ५ घायल हो गए। लेकिन इस मामले में आज तक जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। राज्य शासन के निर्देश पर तत्कालीन कलेक्टर ने मामले की जांच करवाई थी। जिसमें तत्कालीन अपर कलेक्टर मंजूषा राय को दोषी माना था। इसी मामले में कमिश्नर गुलशन बामरा ने भी तत्कालीन अपर कलेक्टर को दोषी मानते हुए नोटिस जारी किया है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले में तत्कालीन अपर कलेक्टर मंजूषा राय के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम व अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया जाए।
नोटिस जारी किया गया है
इस मामले में तत्कालीन अपर कलेक्टर व वर्तमान जिला पंचायत सीईओ मंजूषा राय को नोटिस जारी किया गया है। दस दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है, जवाब नहीं मिलने पर एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
-गुलशन बामरा, आयुक्त, जबलपुर संभाग

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