सार्वजनिक मंगल भवनो पर जनपद का कब्जा

जनता को नहीं मिल रहा अपेक्षाकृत लाभ

By: mukesh yadav

Updated: 04 Apr 2019, 03:44 PM IST

चिखलाबांध. खैरलांजी मुख्यालय में स्थित डॉ बाबा साहब आम्बेडकर मंगल भवन पर जनपद का बेजा कब्जा और एकाधिकार जमाने से आम जनता को इन दोनों ही भवन का अपेक्षाकृत लाभ नहीं मिल रहा है। इस कारण ग्रामीण एवं क्षेत्रवासी सामाजिक, धार्मिक एवं वैवाहिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए मुह ताकना पड़ रहा है। जो भवन की दरकार लिए दर - दर भटक रहे है, वहीं रख रखाव के अभाव में उक्त भवनों की हालत भी कबाड़ बनते जा रही है। लेकिन जनपद द्वारा कोई सुध नही ली जा रही है।
ज्ञात हो कि पिछले दो दशक पूर्व मुख्यालय में स्थित तात्कालीन विधायक डोमन सिंह नगपुरे की विधायक विकास निधि से डॉ बाबा साहब आम्बेडकर सामुदायिक भवन का निर्माण होते ही जनपद द्वारा उक्त भवन पर कब्जा कर उपयंत्रियों के सुपुर्द कर दिया गया है। तब से आज तक उक्त सामुदायिक भवन अपेक्षित उद्देश्यों के तहत आम जनता को कार्यक्रमों के लिए आबंटित ही नहीं हो पाया और निरंतर जनपद के कब्जे में होने से उपयंत्रियों की निजी संपत्ति बनते नजर आ रहा है। दुसरी ओर पूर्व विधायक बोधसिंह भगत के प्रयासो से आदिवासी वित्त विकास विभाग की राशि से निर्मित डॉ आम्बेडकर मंगल भवन भी जनपद के कब्जे में होने से इसका भी लाभ आम जनता को समय पर नहीं मिल पा रहा है। जिससे लोगों को सार्वजनिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर कॉफी दिक्कतो के दौर से गुजरना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार इन दिनों शादी-विवाह के माहौल के साथ लोकसभा चुनाव की खुमारी सर चढ़कर बोल रही है। चुनाव को देखते हुए सर्वत्र चुनावी आचार संहिता प्रभावशील है, जो कई लोगों के शादी के कार्यक्रम में खलल डाल रही है। यहां बात करे खैरलांजी मुख्यालय की तो यहॉ दो सार्वजनिक आम्बेडकर मंगल भवन पृथक-पृथक मद से कार्य एजेंसी लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित है। जिनमें से विधायक विकास निधि से निर्मित एक भवन जनपद में उपयंत्रियों के एकाधिकार में दे दिया है। वहीं दुसरा भवन भी बेजा कब्जे में है। ऐसे में घनी आबादी वाले मुख्यालय में आम जनों को घरो में किसी बड़े कार्यक्रम के लिए भवन की आवश्यकता होती है तो उन्हें यह भवन नहीं मिल पा रहे है। बताया गया कि आचार संहिता का हवाला देकर लोगों को उक्त सार्वजनिक भवन के लाभ से वंचित किया जा रहा है।
वर्जन
हिन्दु, मुस्लिम,बौद्ध और तमाम जाति धर्म के लोग घरो में पर्याप्त जगह के अभाव में बड़े कार्यक्रमों का आयोजन घरो के बजाय आम्बेडकर मंगल भवन में किया करते है। मुख्यालय में एक मात्र स्थान मंगल भवन ही है। लेकिन सार्वजनिक भवन को शादी और आचार संहिता से जोड़कर भवन आंबटित नहीं करना बेहद चिंताजनक एवं खेद का विशय है।
मो. शफी बाबा कुरैशी, स्थानीयजन

14 मई 2019 को मेरे बहन की शादी है। घर में पर्याप्त जगह नहीं होने से मेरे द्वारा आवेदन देकर जनपद से सशर्त मंगल भवन की मांग की गई। चूंकि उक्त भवन सार्वजनिक संपति के दायरे में है। जिसका लाभ सभी को दिया जाना चाहिए। लेकिन 29 अप्रेल को आमचुनाव होना है। जिसको लेकर आचार संहिता लागू है। इस कारण जनपद द्वारा उक्त मंगल भवन देने से मना किया जा रहा है। जबकि निर्धारित शुल्क भी जमा करने को तैयार हूॅ।
लेखेन्द्र वासनिक, स्थानीयवासी

वर्तमान में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू है। मंगल भवन जनपद द्वारा संचालित है। इसलिए भवन आंबटन के संबंध में उच्चाधिकारीयों से जानकारी लेने के बाद ही भवन का आंबटन किया जा सकता है। फिलहाल मार्गदर्शन हेतु उच्चाधिकारीयों को पत्र भेजा गया है।
श्रुति चौधरी, जनपद सीईओ खैरलांजी

mukesh yadav Reporting
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