बाघ की चहलकदमी से किसानों में दहशत

किसानों के खेतों में दिखे बाघ के पैरों के निशान

बालाघाट/नेवरगांव. नेवरगांव से सरंडी नाले से लगे खेतों में बाघ के पैरों के निशान दिखने से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। बुधवार को किसान यादोराव जामरे के खेत में बाघ के पद चिन्ह देखे गए। सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे थे।
जानकारी के अनुसार सरंडी नाले के तरफ से पश्चिम से पूर्व की ओर बाघ ने आवागमन किया होगा, जिसके पैरों के निशान से दिशा का पता चल रहा है। इधर, क्षेत्र में किसानों द्वारा रबी की फसल के लिए खेतों में सिंचाई करने का कार्य कर रहे हैं। जिसके कारण अधिकांश किसानों के खेत गीले हैं। जिन खेतों में पानी के कारण नमी बनी हुई है, उन स्थानों पर बाघ के पैरों के निशान आसानी से देखे जा सकते हैं। चतुर्भुज जामरे, यादोराव जामरे, प्रमोद हनवत के खेतों में यह निशान आज भी स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं। इसके चार दिन पूर्व भी खेतों में बाघ के पैरों के निशान देखे गए थे। खेतों में बाघ के पैरों के निशान मिलने से किसानों में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। खासतौर पर रात्रि के समय यह दुविधा और भी अधिक बड़ी हुई है। बाघ की आहट से किसानों में दहशत होने की वजह से कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
ज्ञात हो इसके पूर्व भी नेवरगांव वा में 26 अप्रैल 2013 को बाघ ने आतंक मचाया था। बाघ की घटना को लेकर नेवरगांव में जो माहौल उत्पन्न हुआ था, उसे आज भी लोग भूले नहीं है। यही दृश्यों को देख सुन चुके लोगों में आज भी शेर की आहट से लोगों में सिरहन पैदा होती है।

Bhaneshwar sakure
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