सातवें वेतनमान का लाभ देने पेंशनरों ने उठाई आवाज

मुख्यमंत्री ने सेवारत व सेवानिवृत कर्मियों को भी सातवें वेतनमान का लाभ दिए जाने  आश्वासन मिला है। लेकिन  पालन नहीं हो रहा है

By: mahesh doune

Published: 11 Sep 2017, 05:34 PM IST

बालाघाट. मध्यप्रदेश विद्युत मंडल पेंशनर्स एसोसिएशन ने कंपनियों के सेवारत व सेवानिवृत कर्मियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संघ के जिलाध्यक्ष आरएस सिंह ने बताया कि केन्द्र व राज्य शासन के सेवारत कर्मियों को १ जनवरी २०१६ से सातवें वेतनमान की अनुशंसा के अनुसार नया वेतनमान लागू हो चुका है। विद्युत मंडल के सेवारत व सेवानिवृत कर्मियों को भी देने का आश्वासन मिला है। लेकिन आश्वासन का पालन नहीं किया जा रहा है।
कर्मचारियों में पनप रहा आक्रोश
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व में मध्यप्रदेश से अलग हुए १६ जिले जो छत्तीसगढ़ राज्य के है उनके सेवारत व सेवानिवृत कर्मियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने का आदेश हो गया है। मध्यप्रदेश में सातवें वेतनमान का लाभ नहीं मिलने से कंपनियों में कार्यरत अधिकारी कर्मचारी व पेंशनर्स में भारी असंतोष पनप रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय शासन के कार्यरत कर्मचारियों की तरह जस का तस सातवां वेतनमान का लाभ विद्युत मंडल में कार्यरत समस्त अधिकारी व पेंशनर्स को दिया जाए।
ये रहे शामिल
इस दौरान संगठन के पदाधिकारी आईडी पटले, एमएस राजपूत, एलआर सूर्यवंशी, बीआर फुंडे, आरसी देशमुख टीसी सोनवाने, एचएल कटरे, चैनलाल ठाकरे, बंशीलाल लिल्हारे, केआर नखाते, बीएस चौधरी, मंशाराम बिसेन, श्यामाबाई राऊत, रामप्यारी उइके, पुष्पाबाई वाघाड़े, भागवंती पंचेश्वर सहित अन्य शामिल रहे।
लघुवेतन कर्मचारियों ने संघ की बैठक में रखी समस्या
 मध्यप्रदेश लघुवेतन कर्मचारी संघ तहसील शाखा बिरसा की बैठक में कर्मचारियों ने अपनी समस्या संघ के जिलाध्यक्ष के समक्ष रखी। बैठक शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल सभागार बिरसा में संघ के जिलाध्यक्ष संतोष प्रधान, सचिव जितेन्द्र नेवारे, संगठन मंत्री दादा सोहनसिंह, बिरसा शाखा अध्यक्ष अंकुर अगारे की प्रमुख उपस्थिति में हुई। इसमें संघ की गतिविधियों व आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की गई।

मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन
इस दौरान स्कूल में कार्यरत सफाई कर्मचारियों ने अपनी समस्या रखी। इसमें प्रमुख रूप से ८-१० वर्षो से स्कूल में कार्यरत सफाई कर्मचारी को निकाल दिया गया उन्हें नहीं निकाला जाएं। कर्मचारियों को २००० रुपए वेतन दिया जा रहा है वह भी हर माह समय पर नहीं मिल रहा। सफाई कर्मचारी से छात्रावासों में २४ घंटे ड्यूटी करा रहे है। काम करने से मना करने पर बंद करने की धमकी दी जाती है। कर्मचारियों की समस्या को सुनकर जिलाध्यक्ष प्रधान ने इस बारे में कलेक्टर व सहायक आयुक्त से चर्चा करने का आश्वासन दिया। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने की बात कहीं।

Patrika
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