पाले से पूरी तरह खराब हुई दलहनी फसलें, सब्जियां

मिनी कश्मीर में तब्दील हो रहा कान्हा नेशनल पार्क का क्षेत्र, तापमान के नीचले स्तर पर जाने से जनजीवन भी हो रहा प्रभावित

By: Bhaneshwar sakure

Published: 03 Jan 2019, 05:39 PM IST

बालाघाट/गढ़ी. जिले के कान्हा नेशनल पार्क से लगे गढ़ी क्षेत्र में पाला पडऩे से न केवल जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बल्कि दलहनी फसल और सब्जियां पूरी तरह से खराब हो गई है। यह प्राकृतिक आपदा किसानों पर दोहरे पर दो आषाढ़ वाली कहावत चरितार्थ कर रहा है। मौजूदा समय में इस क्षेत्र में पारा दिनोंदिन लुढक रहा है।
जानकारी के अनुसार कान्हा नेशनल पार्क और इससे लगा हुआ पूरे क्षेत्र में सघन वन है। जिसके कारण यहां रोजाना पाला पड़ रहा है। रात्रि के समय तापमान में गिरावट होने के कारण ठंड का असर अधिक रहता है। जबकि सुबह के समय इसका प्रभाव अधिक होने लगता है। इतना ही नहीं सुबह के वक्त खेतों सहित मैदान में बर्फ की चादर बन जाती है। मौजूदा समय में कान्हा नेशनल पार्क मिनी कश्मीर बन गया है। सूपखार क्षेत्र में तापमान तो अपने नीचले स्तर पर जा रहा है।
दलहनी, सब्जियों पर हुआ ज्यादा असर
कान्हा नेशनल पार्क से लगे क्षेत्रों में किसानों द्वारा लगाई गई दलहनी फसल और सब्जियों पर सबसे ज्यादा पाला का असर हुआ है। सब्जियां पूरी तरह से पाले से प्रभावित होकर खराब हो चुकी है। ऐसा ही हाल दलहनी फसलों का भी बना हुआ है। इन फसलों के क्षतिग्रस्त होने से किसानों को काफी नुकसान हो रहा है।
एक दर्जन से अधिक ग्रामों में प्रभाव
कान्हा नेशनल पार्क से सटे एक दर्जन से अधिक ग्रामों में पाला का असर है। यहां रोजाना पडऩे वाली ठंड से न केवल ग्रामीण परेशान है। बल्कि इसका सीधा असर फसलों पर भी पड़ रहा है। खासतौर पर गढ़ी क्षेत्र के राम्हेपुर, खजरा, कुगांव, कुकर्रा, कोयलीखापा, समरिया, जैतपुरी, माना, सिजोरा सहित अन्य ग्रामों में किसानों द्वारा लगाई दलहन फसल और सब्जियां पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। इन फसलों को खराब होने से किसानों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है।
सर्वे कराए जाने की मांग
क्षेत्र के किसान बैसाख सिंह टेकाम, संजय धुर्वे, दुर्गा बाई चिचाम, आशा कर्पे, खेमराज चौधरी, हेमंत पंचतिलक, भजन बाहेश्वर, गर्जुन कावरे सहित अन्य ने बताया कि मौजूदा समय में इस क्षेत्र में रोजाना पाला पड़ रहा है। जिसके कारण फसलों को काफी क्षति हो रही है। फसलों के क्षति होने से किसानों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन से मांग है कि शीघ्र ही खराब हुई फसलों का सर्वे कर पीडि़त किसानों को मुआवजा प्रदान किया जाए।

Bhaneshwar sakure Bureau Incharge
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