दो माह बाद बहाल हुई बिजली व्यवस्था

अंधेरे में गुजर रही थी ग्रामीणों की रातें, 11 केवी के तार टूटने से बिजली की नहीं हो पा रही थी आपूर्ति

By: Bhaneshwar sakure

Updated: 18 Jul 2021, 09:59 PM IST

बालाघाट. जिले के आदिवासी अंचलों में बिजली की कटौती होना आम बात हो गई है। लेकिन दो माह तक बिजली की आपूर्ति ही नहीं होना यह ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई थी। ग्रामीणों द्वारा इसकी शिकायत भी की गई थी, लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जिसके चलते ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों को मामले की शिकायत की। इधर, जनप्रतिनिधियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए न केवल क्षतिग्रस्त लाइन को दुरुस्त करवाया। बल्कि गांव में बिजली की आपूर्ति भी बहाल कराई। गांव में बिजली आपूर्ति बहाल होने से ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। मामला जिले के परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नक्सल प्रभावित ग्राम खारा ,पोलबत्तूर, कुर्थीटोला का है।
जानकारी के अनुसार दो माह पूर्व ही आंधी-तूफान के चलते इन ग्रामों में आपूर्ति की जाने वाली ११ केवी की विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना विद्युत विभाग को भी दी थी, लेकिन विभाग या तो फाल्ट नहीं खोज पाया या फिर इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। जिसके कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। आलम यह था कि इस बारिश के मौसम में ग्रामीणों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ रही थी। जब ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत आयुष मंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से की तब जाकर विभागीय अमले ने इसे गंभीरता से लिया। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर फाल्ट खोजा और उसे दुरुस्त किया। तब जाकर करीब दो माह बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई है।
उल्लेखनीय है कि वनग्राम खारा, पोलबत्तूर, कुर्थीटोला नक्सल प्रभावित ग्राम हैं। ये ग्राम पहाड़ों की बीच घने जंगलों में बसा हुआ है। इन गांवों में आवागमन बालाघाट से बैहर रोड पर बंजारी मंदिर के समीप से जंगलों के रास्ते किया जाता है। इन गांवों में पहुंचने के लिए करीब १७ किमी की दूरी तय करना पड़ता है। बावजूद इसके ग्रामीणों की समस्याओं को नौकरशाह गंभीरता से नहीं लेते हैं।

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