बैहर के रामनाथ शिव बालक त्रिपाठी ने जीता प्रथम पुरस्कार

17.24 किग्रा दुध उत्पादन कर पाई ५० हजार की राशि
गोपाल पुरस्कार योजना में आए सर्वश्रेष्ठ भारतीय नस्लों के मवेशी

By: mukesh yadav

Published: 19 Jan 2019, 11:33 AM IST

बालाघाट. मप्र शासन के पशुपालन विभाग की गोपाल पुरस्कार योजना के तहत जिले में भी पहले ब्लॉक फिर जिला स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता में बैहर के रामनाथ शिव बालक त्रिपाठी की गाय (मवेशी) ने १७.२४ किग्राम दुध उत्पादन कर रामनाथ को प्रथम पुरस्कार विजेता बनने का गौरव दिलवाया है। शहर के पशु चिकित्सा सेवा विभाग प्रागंण में जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजन के बाद पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न कराया गया। जिसमें अतिथियों के हस्ते विजेताओं को नकद पुरस्कार व प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया।
मुख्य समारोह जिला पंचायत सीईओ जगदीश गोमे की अध्यक्षता में आयोजित किया गया था। जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा बिसेन उपस्थित हुई। वहीं अन्य अतिथियों में उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ विनोद वाजपेई, डॉ विनोद बिसेन, डॉ घनश्यान पर्ते, डॉ उमा परते, सहायक शल्यज्ञो डॉ राजेश्वर सिंह नगपुरे सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी की उपस्थित रहे। पुरस्कार वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। विजेताओ के मवेशी मालिक अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होंगे।
इन्होंने जाते पुरस्कार
जानकारी के अनुसार जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले दस गौंवशीय पशुपालकों में से प्रथम स्थान पर बैहर से रामनाथ शिव बालक त्रिपाठी रहे जिनकी गाय ने सर्वाधिक 17.24 किग्रा दुध उत्पादन किया। इसी तरह दूसरे नंबर पर लालबर्रा खैरगांव से दिलीप गुलाबचंद राहांगडाले जिनकी गाय ने 14.94 किग्रा दुध उत्पादन किया। इसी तरह तृतीय स्थान पर किरनापुर रजेगांव से जितेंद्र हरिभाउ जिनकी गाय ने 13.08 किग्रा दुध उत्पादन किया इन्हें पुरस्कृत किया गया।
इसी तरह भैंस वंशीय पशुपालकों में प्रथम स्थान मधु रिखिराम लिल्हारे बालाघाट के ग्राम खैरी ने प्राप्त किया। जिनकी भैंस ने 18.12 किग्रा दुध उत्पादन किया। इसी तरह द्वितीय स्थान पर किरनापुर केशा से रोशन लाल ताराचंद जिनके मवेशी ने 15.96 किग्रा दुध उत्पादन एवं तृतीय वारासिवनी के ग्राम सरंडी से विनोद रिखुलाल जिनकी भैस द्वारा 15.46 किग्रा दुध उत्पादन किया गया ने प्राप्त किया।
नकद पुरस्कार से पुरस्कृत
जानकारी के अनुसार जिले के विकास खंडों में योजना अंतर्गत सर्व श्रेष्ठ दुग्ध उत्पादन देने वाली भारतीय देशी नस्लों की 10 गाए एवं 10 भंैस जिले की प्रातियोगिता हेतू चयनित की गई थी। जिला कार्यालय पशुपालन विभाग के प्रांगण में जिला स्तरीय प्रतियोगिता संपन्न कराई गई। प्रतियोगिता में 3 समय की दुध उत्पादन के आधार पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हेतू लाई गई। उन्हें पहले विकास खंड स्तर पर क्रमश: प्रथम 10 हजार, द्वितिय 7500 एवं तृतीय स्थान में 5000 रुपए का पुरस्कार दिया जा चुका है। वहीं जिला स्तर पर प्रथम विजेता को 50 हजार, द्वितीय को 25 हजार एवं तृतीय विजेता को 15 हजार रुपए की राशि तथा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। शेष सभी 14 पशुपालकों को 5000 रुपए प्रति पशु की राशि दी जाएगी। गौरतलब है की प्रांत स्तर पर प्रथम विजेता को 2 लाख, द्वितीय को 1 लाख, तृतीय स्तर पर 50 हजार रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप तथा शेष 7 पशु पालकों को प्रति 10 हजार रुपए की राशि प्रदान की जाती है।

mukesh yadav Reporting
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