दो माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी जवाबदारों पर नहीं हुई कार्रवाई

बायसन को घसीटकर बगैर पीएम के ही अंतिम संस्कार किए जाने का मामला

बालाघाट. वन्य प्राणी बायसन को वाहन से बांधकर करीब दो सौ मीटर घसीटने और बगैर पीएम के ही अंतिम संस्कार करने के मामले में डिप्टीरेंजर और बीटगार्ड को शोकाज नोटिस जारी किया गया है।
जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र पूर्व बैहर अंतर्गत आने वाले भमोड़ी बीट के कक्ष क्रमांक 1596 में 1 नवम्बर 19 को एक जंगली भैंसा मृत अवस्था में वन श्रमिक रोशनसिंह ताराम, शिवशंकर करकड़े और कूप में काम करने वाले ग्रामीणो के द्वारा देखा गया था। जिसकी सूचना वनरक्षक ओमकार चौधरी और सहायक परिक्षेत्र अधिकारी योधन पारधी को दी गई थी। जिसके बाद वे अधिकारियों के साथ घटना स्थल पंहुचे। बिना किसी कार्रवाई और पीएम के ही शेड्यूल 1 के भाग 2 केटेगरी के वन्यप्राणी जंगली भैंसा को घटनास्थल से लगभग 200 मीटर दूर शासकीय वाहन से बांधकर घसीटते हुए ले जाकर जंगल के अंदर जला कर नष्ट कर दिया गया।
इधर, वनमण्डलाधिकारी उत्तर बालाघाट से मिली जानकारी अनुसार जंगली भैंसा शेड्यूल 1 के भाग 2 केटेगरी का वन्यप्राणी है, जिसकी मौत किसी भी कारणों से हो, निर्धारित प्रोटोकाल के तहत पहले विधिवत पंचनामा कार्रवाई करते हुए वनमण्डलाधिकारी की मौजूदगी में पशु चिकित्सक द्वारा पोस्टमार्टम करने के बाद अंतिम संस्कार किया जाना होता है। जबकि पूर्व बैहर वन परिक्षेत्र अंतर्गत बिना किसी कार्रवाई के उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। जो कि शासन के नियमों के विरूध्द है। इस मामले में वन सुरक्षा समिति अध्यक्ष पार्वती मेरावी, उपाध्यक्ष हीरासिंह पुसाम और पूर्व सरपंच हरेसिंह पुसाम सहित ने इसकी लिखित शिकायत डीएफओ से की थी। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग भी की थी। लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी किसी भी अधिकारी व कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं हो पाई है।
इनका कहना है
इस मामले में डिप्टीरेंजर और बीटगार्ड को शोकाज नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। कार्रवाई जारी है।
-एसकेएस तिवारी, डीएफओ, उत्तर सामान्य वनमंडल बालाघाट

Bhaneshwar sakure Bureau Incharge
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