निर्माण कार्यों की स्वीकृति में उड़ाई जा रही नियमों की धज्जियां

नगर परिषद में चल रही मनमानी

By: mukesh yadav

Updated: 08 Dec 2019, 05:10 PM IST

कटंगी। नगर परिषद अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में नियमों की अनदेखी कर निर्माण कार्य स्वीकृत करा रही है। आलम यह है कि जिन निर्माण कार्यों को पहले निविदा समिति और पीआईसी की बैठक में निरस्त किया जा चुका है, उस निर्माण कार्य को नियमों के विपरीत जाकर गुपचुप तरीके से पुन: पीआईसी से स्वीकृत करवाया गया है। मजेदार बात तो यह है कि ऐसे निर्माण कार्य का ठेका पीआईसी के सदस्यों के परिजनों से नजदीकी रखने वाले अप्रत्यक्ष ठेकेदार को ही मिला है।
मिली जानकारी अनुसार अभी हाल में पीआईसी ने वार्ड क्रमांक 12 में सीसी नाली निर्माण कार्य को स्वीकृति दी है। इस काम को निविदा समिति तथा बताया जाता है कि पीआईसी ने भी निरस्त कर दिया था। मगर अब उसी कार्य को पीआईसी ने स्वीकृति दे दी है। नगर परिषद कटंगी में पीआईसी की खासियत यह है कि इसमें कांग्रेस के ही सारे पार्षद है। जिसका मतलब यह अपनी मनमर्जी से फैसले लेने का अधिकार रखते हैं, यहीं बात उक्त निर्माण कार्य में लागू हो रही है। बता दें कि नगर परिषद ने काफी सारे निर्माण कार्य काफी विवादित है। अगर, इन सभी निर्माण कार्यों की सूक्ष्मता से जांच कर ली जाए तो निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार से लेकर जिम्मेदार जेल की हवा तक खा सकते हैं।
प्राप्त जानकारी अनुसार नगर परिषद ने 7 निर्माण कार्यों के लिए निविदा जारी की थी। इसमें वार्ड क्रमांक 12 में गोपी अग्रवाल के घर से पुरानी नाली तक सीसी नाली भी शामिल है। इस निर्माण कार्य को पहले निविदा समिति ने रद्द कर दिया गया था, लेकिन पुरी परिषद को अंधेरे में रखकर पीआईसी ने इस निर्माण के लिए स्वीकृति दे दी। अब इस नाली निर्माण के लिए टेंडर जारी हुआ है, वह भी तीसरी बार जिसका ठेका नपा अध्यक्ष के परिवार से करीबी संबंध रखने वाले ठेकेदार को ही मिला है। इस निर्माण कार्य और टेंडर प्रणाली में सांठ-गांठ होने का अंदेशा लगाया जा रहा है। वहीं इस पूरे मामले को लेकर एक अन्य ठेकेदार ने शीघ्र ही विभाग के वरिष्ट अधिकारियों, कलेक्टर से शिकायत करने की तैयारी की है। ज्ञात रहे कि नगर परिषद में कई ऐसे निर्माण कार्य हो चुके है, जिनमें नियमों की अनदेखी की गई है।
यह समस्याएं यथावत
इधर नगर परिषद केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना और जवाहर बाल उद्यान की बदली सुरत में विकास तलाश कर रही है। जबकि नगर में विकास को नए आयाम देने की बात हुई थी। यहीं वजह थी कि अध्यक्ष से नागरिकों को काफी उम्मीदें थी। मगर, जनता की उम्मीदों पर वह कितना खरा उतर पाई यह वह स्वंय और जनता दोनों बेहतर तरीके से जानती है। बीते चार सालों में महज कुछ ही काम हो पाए हैं। वहीं वर्षो से लंबित कई बड़ी सुविधाओं की सौगात वर्तमान परिषद भी नागरिकों को नही दे सकी है, हालांकि उसमें कुछ प्रक्रिया आगे जरूर बढ़ी है। वहीं अब नगर परिषद अपने गिनती के बचे दिनों में उन कामों को अंजाम दे रही है, जिसमें नियमों का सरासर उल्लंघन होता प्रतीत हो रहा है। बस स्टैंड, हाट बाजार, तालाब सौंदर्यीकरण, रैन बसेरा, अतिक्रमण जैसी समस्याओं से आज भी जनता जुझ रही है।
इनका कहना है-
निविदा समिति ने सीसी नाली को रद्द कर दिया था लेकिन पीआईसी की बैठक में जो निर्णय लिया गया. उसी आधार पर निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ है।
राधेश्याम चौधरी, प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी

mukesh yadav Reporting
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