110 मकानों की ग्रामीण जनता एक मात्र हैंडपंप के सहारे

110 मकानों की ग्रामीण जनता एक मात्र हैंडपंप के सहारे

Mukesh Yadav | Publish: Apr, 22 2019 08:36:06 PM (IST) | Updated: Apr, 22 2019 08:36:07 PM (IST) Balaghat, Balaghat, Madhya Pradesh, India

कॉलेज टोला में सुख गए कुंए

कटंगी। मुख्यालय से महज तीन किमी. दूर ग्राम पंचायत चिचगांव के अंतर्गत आने वाले कालेज टोले में पानी के लिए त्राहिमाम मचा हुआ है। पानी की किल्लत से यहां घरों में विवाद की स्थितियां बन गई है। दरअसल, यहां पीने के पानी के पर्याप्त साधन नहीं है। एक मात्र हंैडपंप के भरोसे पुरा टोला पानी ले रहा है। कड़ाके की गर्मी ने यहां सरकार के जल भंडारण की योजनाओं को फेल कर दिया है, यहां पर मनरेगा जैसी योजनाओं से निर्मित कुएं तक सुख चुकी है, जिससे ग्रामीणों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सर्वाधिक दिक्कत सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान ग्रामीणों को झेलनी पड़ रही है। चुकिं पंचायत भी जलाभाव में पानी टैंकर उपलब्ध नहीं करवा पाती।
110 मकानों और करीब 550 की आबादी वाले इस टोले में पेयजल और निस्तार की समस्या से लोगों का बुरा हाल है। आलम यह है कि पीने के पानी की किल्लत से लोग हलाकान और परेशान हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग भी लोगों की समस्या को दूर करने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की किल्लत होने से सामाजिक कार्यक्रमों में खलल पैदा होती है। ग्रामीण बताते है कि हर साल गर्मी के मौसम में जलसंकट का सामना करना पड़ता है। लेकिन इसके बावजूद पंचायत कुओं का गहरीकरण नहीं करवा रही है। इस कारण लोगों को पेयजल के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। ज्ञात हो कि यहां सुबह होते ही यहां के एक मात्र हैंडपंप पर ग्रामीणों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती है। घर के कुछ लोगों का तो पुरा दिन केवल पानी ढोने में ही निकल जाता है।
ग्रामीण महिला अनिता कुर्वे, चन्द्रकला कोहरे, तामेश्वरी गोस्वामी, गीता राउत, सुलोचना सहारे, पुष्पा गोस्वामी, पार्वता जमरे, सजनी सैय्याम, शीला खरकाटे ने बताया कि करीब एक माह पहले ही गांवों की दोनों कुओं ने दम तोड़ दिया है। टोले में मात्र दो हैंडपंप है, जिसमें से एक ने अब कम पानी उगलना शुरू दिया है। जबकि दुसरे से काफी देर से पानी निकलता है, उन्होंने बताया की आम आदमी तो आम आदमी जानवर भी बेहाल हैं। इधर, पानी की किल्लत की वजह से लोग अपने घरों में बने शौचालयों का उपयोग भी नहीं कर पा रहे हैं। चुकिं समस्या यह है कि बड़ी मुश्किल से लाए गए पानी से परिवार अपनी प्यास बुझाएगा कि शौचालय में खर्च करेगा। इस बीच सबसे कठिन समस्या पशुओं की हो रही है, वे पानी के लिए दर बदर भटकते नजर आ रहे है। ग्रामीणों ने लोक स्वास्थय यांत्रिकी विभाग से यहां पानी के लिए नए हंैडपंप खनन करने की मांग की है। वहीं पंचायत से कुओ की गहराई बढ़ाने की मांग की है।

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