समनापुर फारेस्ट अधिकारियों पर रेत का अवैध कारोबार करने के आरोप

पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रेसवार्ता कर लगाए आरोप
कहां- फारेस्ट नाके के सामने भारी मात्रा में रेत डंप कर किया जा रहा रेत का अवैध कारोबार
वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच व कार्रवाई किए जाने की मांग

By: mukesh yadav

Updated: 17 Oct 2020, 08:13 PM IST

बालाघाट. शहर की समीपस्थ की ग्राम पंचायत समनापुर में फारेस्ट अधिकारियों द्वारा रेत का अवैध कारोबार किया और करवाया जा रहा है। यह आरोप समनापुर पंचायत भवन में प्रेसवार्ता कर सरपंच सहित पंचायत प्रतिनिधियों ने लगाए। पंचायत प्रतिनिधि ओमप्रकाश उर्फ ओमू दशहरे ने बताया कि समनापुर रेंज कार्यालय के रेंजर, डिप्टी रेंजर सहित अन्य वन अमला फारेस्ट क्षेत्र से अवैध रेत का खनन व परिवहन करवा रहे हैं। जिसे अपने कर्मचारियों और अन्य लोगों के माध्यम से विक्रय किया और करवाया जा रहा है। इस मामले में बकायदा ओमू दशहरे द्वारा वन क्षेत्र में ले जाकर ट्रेक्टरों के पहियों के निशान और फारेस्ट नाके के सामने बड़ी मात्रा में किया गया रेत का अवैध डंप भी दिखाया गया है। वहीं डंप को लेकर सवाल खड़े किए हैं। दशहरे के अनुसार फारेस्ट का इतना बड़ा अमला होने के बावजूद वन नाके सामने इतनी मात्रा में रेत का डंप होना और नित्य उक्त डंप से रेत का परिवहन व खरीद फरोख्त वन अमले की कार्यप्रणाली पर कई तरह के प्रश्न चिन्ह खड़े करता है। जब वनों के रक्षक ही इस तरह भक्षक बनकर कार्य करने लगेंगे तो वन और वन इलाकों की सुरक्षा कैसे हो पाएगी यह बड़ा सवाल है। पंचायत प्रतिनिधियों ने पूरे मामले में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप कर पूरे मामले की जांच व कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
ग्रामींणों पर की जा रही कार्रवाई
ओम दशहरे ने वन विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब पंचायत द्वारा ग्राम विकास के कार्यो और ग्रामींणों को आवास सहित अन्य निर्माण कार्यो के लिए नियमानुसार राजस्व क्षेत्र से रेत निकाली जाती है तो फारेस्ट अधिकारी झूठा मामला पंजीबद्ध करवाते हैं। दशहरे के अनुसार २८ सितंबर को भी जब उनके द्वारा ग्राम विकास के लिए नियमानुसार रेत मुहैया करवाई जा रही थी। तब फारेस्ट के बीट गार्ड के माध्यम से रेंजर व डिप्टी रेंजर द्वारा तीन लोगों के उपर ग्रामींण थाने में धारा २९४, ५०६, ३४ आईपीसी के तहत झूठा मामला पंजीबद्ध करवाया गया। इस कारण ग्राम विकास के कार्य रेत के अभाव में प्रभावित हो रहे हैं। वहीं वन अमला जंगलों से अधिक रेत के कारोबार में लगा हुआ है।
कहां से निकाली गई रेत बताएं अधिकारी
पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार वर्तमान में फारेस्ट नाके के समक्ष बड़ी मात्रा में रेत का डंप रखा हुआ है। वन अधिकारी बताएं कि वह रेत कहां से निकाली गई है। यदि रेत फारेस्ट इलाके से निकाली गई है तो किसके द्वारा निकाली गई और उस समय वन अमला क्या कर रहा था। वहीं यदि रेत की जब्ती बनाई गई है तो इतनी बड़ी मात्रा में रेत की जब्त किन लोगों से जब्त की गई और उन पर क्या कार्रवाई की गई इसका लेखा जोखा रेंज अधिकारियों के पास होना चाहिए।
सारे आरोप निराधार
इधर इस पूरे मामले में समनापुर रेंज के रेंजर पीके शर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि जंगल की सुरक्षा के लिए वे अपने पुरे अमले के साथ पूरी इमानदारी से कार्य कर रहे हैं। वन अमले की कार्रवाई से गुस्साए लोग उन पर दबाव बनाने इस तरह के झूठे आरोप लगा रहे हैं। रेंजर शर्मा ने बताया कि जिनके द्वारा आरोप लगाए जा रहे हैं उन्हीं के द्वारा फारेस्ट इलाके से रेत का अवैध खनन व परिवहन किया जा रहा था। तब वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए पुलिस में प्रकरण दर्ज करवाया था। वहीं शर्मा ने पंचायत प्रतिनिधियों सहित ग्रामींणजनों से भी अपील की है कि यदि फारेस्ट क्षेत्र से रेत का खनन व परिवहन होता है उन्हें जानकारी दें किसी को भी बख्शा नहीं जाएगी। वन फारेस्ट नाके के सामने रेत डंप मामले के विषय में भी जानकारी लेने की बात रेंजर शर्मा द्वारा कही गई।
वर्सन
वन अधिकारी नाके के सामने ही बड़ी मात्रा में रेत का डंप कर रेत का कारोबार करवा रहे हैं। वहीं ग्राम विकास के कार्यो के लिए यदि कोई रेत लाता है उन पर मामले दर्ज करवाए जा रहे हैं। इस कारण ग्राम विकास के कार्य प्रभावित हो रहे हैं और ग्रामींणों में आक्रोश है। वरिष्ठों को जांच व कार्रवाई करना चाहिए।
ओमप्रकाश दशहरे, पंचायत प्रतिनिधि

जिन्हें जो भी शिकायत है, पहले वे हमें बताए। यदि फारेस्ट क्षेत्र से रेत निकाली जा रही है तो जानकारी हमें दें हम कार्रवाई अवश्य करेंगे। झूठ आरोप लगाकर हम दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सारे आरोप निराधार है। वन क्षेत्र से अवैध रेत खनन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
पीके शर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी समनापुर

mukesh yadav Reporting
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