टुईयापार में विरोध के बाद भी रेत का खनन जारी

पंचायत को पांच माह के लिए स्वीकृत किया गया है घाट

बालाघाट. विधानसभा क्षेत्र कटंगी-खैरलांजी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टुईयापार (चन्द्रकुंआ) में पंचायत को स्वीकृत रेतघाट का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। इसके बावजूद भी स्वीकृत क्षेत्र से रेत के खनन का सिलसिला लगातार जारी है। हालांकि, ग्रामीणों की शिकायत पर रेतघाट का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया गया है। जिसमें 5 माह के लिए स्वीकृत ढाई एकड़ के रेतघाट से 2 माह में 2 एकड़ से रेत खनन की पुष्टि हुई है। मतलब 3 माह अभी शेष है। लेकिन 90 फीसदी रेत खनन की जा चुकी है। ग्रामीणों ने इस बात को ध्यान में रखते हुए ढाई एकड़ में रेत खनन के बाद तत्काल रोक लगाने की मांग की है। गत दिनों टुईयापार के ग्रामीणों ने बावनथड़ी बचाओं का बैनर लेकर रेतघाट के सामने विरोध प्रदर्शन करते हुए घाट बंद कराने की मांग की थी। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी थी कि अगर रेतघाट बंद नहीं किया गया तो अनवरत आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीण गंगाराम डहरवाल, रूपचंद पुष्पतोड़े, रूपचंद नेटी, बड़ीराम साकरे, भोजराम मेश्राम, नरेन्द्र सोनवाने, लोकेश पुष्पतोड़े, शिवराम पुरी, महेन्द्र सोनवाने, योगेश पुष्पतोड़े, रेवाराम गोपाले, योगराज सोनवाने, राजेन्द्र सोनवाने, भरतलाल, प्रवीण मेश्राम सहित अन्य ग्रामीणों ने 1 नवबंर को टुईयापार में रेतघाट के विरुद्ध वृहद आंदोलन किया था। यहां के सरपंच पर ग्रामीणों ने मनमानी का आरोप लगाते हुए अवैध रेत खनन करने की बात कही थी। हालाकिं अब भी रेत खनन जारी है।

Bhaneshwar sakure
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