मुंडेसरा घाट में मशीन से कर रहे थे रेत का खनन

Bhaneshwar Sakure

Publish: May, 19 2019 09:18:56 PM (IST)

Balaghat, Balaghat, Madhya Pradesh, India

बालाघाट/किरनापुर. नियमों को ताक पर रखकर बाघ नदी से दिन दहाड़े मशीन लगाकर रेत का न केवल अवैध खनन किया जा रहा था। बल्कि उसका परिवहन भी कर रहे थे। यहां विडम्बना यह है कि नदियों में मशीन से खनन बंद है। लेकिन यहां पर बेखौफ होकर मशीन लगाकर रेत का खनन किया जा रहा था। इतना ही नहीं नदी में डंपरों को भरा भी जा रहा था। रविवार को सूचना मिलने पर लांजी एसडीओपी नितेश भार्गव ने गोपनीय ढंग से न केवल रेत घाट में दबिश दी। बल्कि मौके से १६ डंपर, ४ ट्रैक्टर और एक जेसीबी को जब्त किया। मामला किरनापुर क्षेत्र के मुंडेसरा रेत घाट का है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत मुंडेसरा के पास बहने वाली बाघ नदी में प्रशासन द्वारा रेत घाट पंचायत को स्वीकृत किया गया है। लेकिन यहां पंचायत द्वारा रेत घाट का संचालन न कर इसे माफिया मनमाफिक संचालित कर रहे हैं। घाट में रोजाना जेसीबी मशीन से खनन किया जा रहा है। लेकिन इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। पंचायत पदाधिकारी भी आंखों में पट्टी बांधे हुए है। हालांकि, घाट से रेत का परिवहन किए जाने के लिए माफिया द्वारा बकायदा पंचायत की रायल्टी का उपयोग कर रहे हैं। पूर्व में इसकी शिकायत भी की गई थी। लेकिन माफिया का नेटवर्क मजबूत होने की वजह से उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। हालांकि, पूर्व में राजस्व अमले द्वारा इस घाट पर दबिश दी गई थी। जहां से कुछ वाहनों को जब्त किया गया था। यह कार्रवाई एसडीओपी लांजी नितेश भार्गव के नेतृत्व में आरक्षक रवि राउत, सोनू कुशवाह, धनेंद्र टेंभरे, देवेंद्र तुरकर, अनिल परमार, रामकिशोर पटेल, प्रधान आरक्षक महेश के साथ पुलिस लाइन से 7 पुलिसकर्मियों द्वारा की गई है।
कार्रवाई से माफिया में हड़कंप
लांजी एसडीओपी नितेश भार्गव के अनुसार मुंडेसरा रेत घाट में मशीन से खनन किए जाने की सूचना मिली थी। जिसके आधार पर उन्होंने अपनी एक टीम का गठन किया। रविवार की सुबह मौके पर पहुंचे। जहां एक जेसीबी मशीन से खनन किया जा रहा था। जबकि डंपर और ट्रैक्टर मौके पर मौजूद थे। इसके बाद कार्रवाई की जानकारी किरनापुर पुलिस को दी गई। बाद में सभी वाहनों को किरनापुर थाने लाकर खड़ा कर दिया गया है। इधर, इस कार्रवाई से रेत माफिया में हड़कंप मच गया है।
महाराष्ट्र राज्य में होता है परिवहन
मुंडेसरा के बाघ नदी में जिस स्थान पर रेत घाट स्वीकृत हुआ है, वह महाराष्ट्र राज्य की ओर है। यहां रेत का खनन कर उसका आसानी से महाराष्ट्र राज्य में परिवहन कर दिया जाता है। रेत घाट महाराष्ट्र राज्य की ओर होने के कारण यहां कार्रवाई के लिए प्रशासनिक अमला भी आसानी से नहीं पहुंच पाता है। इस कारण रेत माफिया बेखौफ होकर रेत का अवैध खनन व परिवहन करते हैं।
खनिज विभाग का सूचना तंत्र हो रहा फैल
रेत के अवैध खनन और परिवहन मामले में खनिज विभाग को कार्रवाई करना चाहिए। लेकिन यहां खनिज विभाग का सूचना तंत्र या तो फैल हो रहा है या फिर सूचना मिलने के बाद भी जानबूझकर कार्रवाई नहीं की जा रही है। मुंडेसरा रेत घाट में इतने बड़े पैमाने पर मशीन से रेत का अवैध खनन, परिवहन होने की सूचना खनिज विभाग को नहीं मिलना उनकी कमजोर कार्यप्रणाली या फिर रेत माफिया से आपसी सांठगांठ को दर्शाता है।
इनका कहना है
मुंडेसरा रेत घाट से डंप स्थल से रेत को वाहनों में भरा जा रहा था। मौके पर वाहन चालकों से दस्तावेज मांगे गए तो उनके द्वारा कोई दस्तावेज नहीं दिखाए गए। बाघ नदी में बड़े संख्या में वाहन लगे हुए थे। नदी में भी दस्तावेज मांगने पर किसी ने कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। सभी वाहनों को पकड़कर पुलिस थाना किरनापुर लाया गया है। जेसीबी लगाकर रेत का उत्खनन करना या वाहनों में भरा जाना प्रतिबंधित है। लेकिन मुंडेसरा रेत घाट में ऐसा किया जा रहा था। सभी वाहनों की रायल्टी सहित वाहनों के दस्तावजों की जांच की जा रही है।
-नितेश भार्गव, एसडीओपी, लांजी

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