विश्व मृदा दिवस पर कृषि विज्ञान केन्द्र में संगोष्ठी का हुआ आयोजन

कृषकों को मृदा से संबंधित दी जानकारी

बालाघाट. राणा हनुमान सिंह कृषि विज्ञान केन्द्र, बडग़ांव बालाघाट में विश्व मृदा दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के लगभग 150-200 किसानों ने हिस्सा लिया। विश्व मृदा दिवस मनाने का प्रमुख उद्देश्य है मृदा का कटाव रोकना। कार्यक्रम में सीएस कोरी प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी कृषि बालाघाट, सनोडिया अनुविभागीय अधिकारी कृषि लांजी, रीता सिहोरे सरपंच ग्राम पंचायत बडग़ांव, मंगल खरे सरपंच ग्राम पंचायत कोस्ते और कृषि विज्ञान केन्द्र के सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहें।
विश्व मृदा दिवस के उपलक्ष्य में केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख डॉ. आरएल राऊत ने कहा की मिट्टी हैं तो हमारा जीवन हैं। पानी के साथ-साथ मृदा भी हमारा जीवन हैं। यह मिट्टी प्रकृति की देन हैं। इसे हमे स्वास्थ्य बनाए रखना हैं। भविष्य में इसको बचाना हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड हर किसान को बनवाना ही चाहिए। जिससे हम मिट्टी को स्वस्थ्य रख सकते हैं। मृदा को स्वस्थ्य बनाने के लिए मृदा का कटाव रोकना चाहिए। कटाव रोकने के लिए उतनी ही जुताई करें जितनी आवश्यकता हो। खरीफ धान की फसल निकालने के तुरंत बाद सीडड्रील से सीधी बुआई कर चना, गेंहूॅ, अलसी लगा सकते हैं। जिससे किसान को अच्छा लाभ और समय भी बचा सकते हैं। खाद बनाने का तरीका बदल कर हम मिट्टी को बचा सकते है। डॉ. बीके प्रजापति ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के बारे में समझाया तथा मिट्टी के पोषक तत्वों की जानकारी दी। मिट्टी की पोषकता कैसे बनाए रखे यह समझाते हुए फसल चक्र का महत्व बताया। रबी में धान लगाने की जगह अगर हम चना, गेहूं, अलसी आदि रबी फसलों का उपयोग कर मृदा का स्वास्थ्य बनाए रख सकते हैं। डॉ. एसके जाटव ने मृदा परीक्षण का महत्व समझाया। मृदा दिवस मनाने की जरूरत क्यों पड़ी यह समझाया। सनोडिया ने बताया स्वस्थ धरा-खेत हरा का नारा देकर मृदा स्वास्थ्य का महत्व समझाया। कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय, बालाघाट के छात्रों ने मृदा दिवस मनाने का महत्व समझाया। कार्यक्रम में सीएल कोरी ने विश्व मृदा दिवस के उपलक्ष्य में किसानों को कहा कि मिट्टी की उर्वरता बचाये रखें, फसल चक्र का उपयोग कर मिट्टी परीक्षण जरूर करवाएं। पूर्वजों की खेती और अपना खेती करने के तरीके से हम जानते हैं कि मृदा स्वास्थ्य बिगडऩे में हमारे पूर्वजों से ज्यादा हमारा हाथ हैं। किसानों ने रासायनिक दवा खाद पूर्ण जानकारी लेकर ही खेत में डालना चाहिए। रासायनिक खादों का संतुलित उपयोग करना चाहिए। मिट्टी परीक्षण कराकर आप अपनी जमीन की स्वास्थ्यता की जानकारी उचित रासायनिक खाद ही खेत में डाल सकते हैं। इसके अलावा अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

Bhaneshwar sakure Bureau Incharge
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