जिले में अब तक 71 हजार से अधिक लोगों का हुआ आगमन

करीब 20 हजार लोगों के और आने की संभावना, बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश, जिले में संक्रमण को रोकने के लिए कलेक्टर ने ली अधिकारियों की बैठक

By: Bhaneshwar sakure

Published: 05 May 2020, 07:47 PM IST

बालाघाट. जिले में अब तक कोरोना पॉजीटिव एक भी प्रकरण नहीं पाए जाने के कारण 4 मई से लॉकडाउन में आंशिक छूट दी गई है। लेकिन जिले में बड़ी संख्या में अन्य राज्यों से मजदूरों और अन्य लोगों का आना जारी है। जिसके कारण जिले में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अब अधिक सक्रियता और जागरूकता की जरूरत है। इसी परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर दीपक आर्य ने मंगलवार को को सभी एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए। बैठक में एसपी अभिषेक तिवारी, अपर कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह, जिपं सीईओ रजनी सिंह भी उपस्थित थे।
कलेक्टर आर्य ने बैठक में बताया कि जिला ग्रीन जोन में होने के कारण जिले में लॉकडाउन में आंशिक छूट दी गई है। लेकिन अब कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए हम सभी को अधिक सक्रियता और जिम्मेदारी से कार्य करने की जरूरत है। लॉकडाउन घोषित होने के बाद 23 मार्च से अब तक बालाघाट जिले में 71 हजार श्रमिक और अन्य लोग बड़े शहरों, अन्य राज्यों से वापस आ चुके है। इतनी बड़ी संख्या में श्रमिकों के वापस आने के मामले में बालाघाट जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। अभी भी 15 से 20 हजार लोगों के अन्य राज्यों से जिले में आने की संभावना है।
कलेक्टर आर्य ने अधिकारियों से कहा कि अन्य राज्यों से अपने घर वापस आने वालों को रोका नहीं जा सकता है। लेकिन कोरोना संक्रमण को रोकने अब बार्डर के चेक पोस्ट पर अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। देश के रेड जोन वाले तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, आंधप्रदेश, तमिलनाडू और अन्य स्थानों से लोग बालाघाट जिले में वापस आ रहे है। इन आने वाले सभी लोगों की बार्डर पर स्वास्थ्य जांच करना और उन्हें होम क्वॉरंटाइन में रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। बैठक में तय किया गया कि जिले में रजेगांव, मोवाड़, बोनकट्टा, कोयलारी, कारंजा, कंजई, सालेटेकरी, पादरीगंज बार्डर चेक पोस्ट पर बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की ट्रेवल हिस्ट्री सहित अन्य जानकारी तैयार कर कम्प्यूटर में एन्ट्री की जाएगी। बॉर्डर चेक पोस्ट पर स्वास्थ्य जांच के बाद स्वस्थ्य पाए गए लोगों को बसों से उनके गांव तक पहुंचाया जाएगा और उन्हें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली होम्योपैथिक दवाएं दो मास्क और पीले रंग की एक पर्ची दी जाएगी । बाहर से गांव में आने वाला व्यक्ति यह पर्ची गांव की आशा कार्यकत्र्ता को देगा और होम क्वॉरंटाइन का कढ़ाई से पालन सुनिश्चित करेगा। बाहर से आने वाले लोगों को उनके गांव छोडऩे के बाद बस को बार्डर चेक पोस्ट पर सेनेटाइज किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि गांव में बाहर से आए लोग होम क्वॉरंटाइन का कढ़ाई से पालन कर रहे हैं या नहीं इस पर निगरानी रखने के लिए प्रत्येक दो ग्राम पंचायत पर एक सेक्टर आफिसर नियुक्त कर दिए गए है। ग्रामीण विकास विभाग के उपयंत्री, आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक और जन शिक्षक को सेक्टर ऑफिसर नियुक्त किया गया है। बाहर से आए लोग होम क्वॉरंटाइन का पालन नहीं करेंगें और गांव में सार्वजनिक स्थलों पर घूमेंगें तो सेक्टर आफिसर सीधे पुलिस को सूचित करेंगें। पुलिस अधिकारियों द्वारा ऐसी सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह बैठक में तय किया गया कि गांव को सुरक्षित रखे जाने के लिए प्रत्येक गांव में जागरूक लोगों की एक समिति बनाई जाएगी।

Bhaneshwar sakure Bureau Incharge
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