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एनपीके खाद नहीं मिल रहा, डीएपी पहुंचते ही दो घंटे में खत्म

किसान परेशान, माह भर सेखाद के लिए लगा रहे चक्कर
कर्मचारियों पर निकाल रहे भड़ास

बालाघाट

Published: July 18, 2021 11:59:14 am

वारासिवनी. खाद की किल्लत के कारण किसान परेशान हैं। वारासिवनी क्षेत्र में खरीफ की बोवनी 20 दिन पहले हो चुकी है। किसानों को धान, तुवर, मक्का, तिल सहित सभी फसलों में डीएपी 3000 एवं 2000 एनपीके खाद की आवश्यकता है। लेकिन सोसायटियों में खाद उपलब्ध नहीं हो रहा है। रमरमा सोसायटी में डीएपी खाद आठ दिन से नहीं आ रहा है। करीब 10 दिन बाद डीएपी खाद की 200 बोरी सोसायटी में पहुंची। खाद पहुंचते ही किसानों की भीड़ लग गई। मात्र दो घंटे में ही 200 कट्टी खाद खत्म हो गई। कई किसान खाद नहीं मिलने पर मायूस होकर लौट गए।
समिति रमरमा के रासायनिक खाद सेंटर पर खाद लेने आए किसान मीर नियाज अली ने बताया पिछले एक महीने से डीएपी खाद के लिए आ रहा हूं, अब तक नहीं मिला है। मजबूरन सुपर फासपेट, यूरिया खाद लेना पड़ रहा है। वह भी 10 दिन बाद उपलब्ध हुआ। किसान दिनेश बेरा ने बताया कि सोसायटी में कई दिनों से खाद उपलब्ध नहीं हो रहा है। डीएपी खाद भी आठ दिन में आया। वहीं एनपीके भी उपलब्ध नहीं है। अगर समय पर फसलों को रासायनिक खाद नहीं दिया, तो उत्पादन पर असर पड़ेगा।
नाकाम साबित हो रहे सरकार
किसान विमला राउत ने सरकार को नाकाम बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार पूरी तरह से किसानों को रासायनिक खाद देने में नाकाम साबित हो रही है। समय पर फसलों को खाद नहीं देने से फसल अच्छी नहीं होगी। महंगाई से किसान पहले ही त्रस्त है। अब खाद का संकट किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। इधर कर्मचारी डीएपी यूरिया आने की बात कह रहे। शुक्रवार को एक गाड़ी डीएपी खाद सोसायटी में आने की सूचना मिलते ही किसान सुबह आठ बजे ही सोसायटी के बाहर बैठ गए। खाद लेने के लिए किसान इतने परेशान हैं कि शारीरिक दूरी और मास्क की अनिवार्यता भी भूल गए। रातीखेड़ी सोसायटी में यूरिया खाद उपलब्ध है। डीएपी और एनपीके खाद नहीं है।
वर्सन
ये आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष 385 मीट्रिक टन खाद का लक्ष्य रखा गया था। जिसमें 173 मीट्रिक टन मिला है। जिसमें से 136 मीट्रिक टन विक्रय हुआ है और 37 मीट्रिक टन खाद बचत है। अभी लक्ष्य के अनुरूप 212 मीट्रिक टन खाद आना बाकी है। जिसमें डीएपी एवं एनपीके के लिए किसान अत्यधिक परेशान हैं।
राजकुमार राणा, प्रभारी रासायनिक खाद सेंटर
एनपीके खाद नहीं मिल रहा, डीएपी पहुंचते ही दो घंटे में खत्म
एनपीके खाद नहीं मिल रहा, डीएपी पहुंचते ही दो घंटे में खत्म
लॉकडाउन के बाद रासायनिक खाद की कमी आई है। आठ दिन बाद डीएपी खाद की एक गाड़ी आई, जो किसानों को वितरित की गई। रेक लगने पर दो गाड़ी यूरिया खाद सोमवार तक उपलब्ध होने की संभावना है। वहीं एनपीके खाद शायद नहीं आने वाली।
एमएल ऐड़े, प्रबंधक रमरमा सोसायटी

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