नल-जल योजना के इंतजार में पथरा रही आंखे

निर्माण के पूर्व ही जर्जर हो गई पानी की टंकी, वापस हो गई स्वीकृत राशि

By: mukesh yadav

Published: 26 Nov 2018, 04:31 PM IST

बालाघाट/उकवा। गांव में पानी की समस्या तो वर्षो पुरानी है साहब! पिछले ३० वर्षो से घर पर ही नल-जल योजना के कनेक्शन लगाकर पानी मुहैया कराए जाने के सपने दिखाए जाते रहे हैं। लेकिन आज तक ऐसा कुछ भी नहीं हो पाया है। अब तो नल-जल योजना के इंतजार में हमारी आंखे भी पथराने लगी हैं, लेकिन योजना हमारे जीते जी शुरू भी हो पाएगी की नहीं कोई गारंटी नहीं है। कुछ इसी तरह से अपना दर्द मॉयल नगरी उकवा के बड़े-बुजुर्ग नल-जल योजना के शुभारंभ को लेकर बंया करते हैं।
दरअसल उकवा क्षेत्र में पेयजल समस्या को लेकर करीब ३० वर्ष पूर्व से नल-जल योजना की शुरूआत किए जाने का ढिंढोरा पीटा जाता रहा है। अब युवा अवस्था से नल-जल योजना का जुमला सुनते-सुनते यहां के ग्रामीण उम्रदराज हो गए है। लेकिन नलजल योजना की शुरूआत नहीं हो पाई है। नल-जल योजना ग्रामीणों के लिए सपना ही बनी हुई है।
दो बार किया जा चुका भूमिपूजन
ग्रामीणों ने बताया कि योजना की शुरूआत में करीब करीब ६७ लाख रुपयों की स्वीकृति मिली थी। इसके बाद कार्य की शुरूआत करने मंत्री गौरीशंकर बिसेन के द्वारा पिछले १५ वर्षो में दो बार एक उकवा व दूसरा समानपुर में भूमिपूजन भी किया जा चुका है। लेकिन निर्माण अब तक पुरा नहीं हो सका है। ग्रामीण आज भी योजना के मूर्त रूप लेने राह ताक रहे हैं। उनका यह इंतजार पिछले ३० वर्षो बाद भी खत्म नहीं हो सका है।
जर्जर हो गई पानी की टंकी
ग्रामीणों के अनुसार योजना को लेकर गांव के आंगनवाड़ी भवन एवं पशु अस्पताल एवं बाजार भरने के बीच बनी पानी की टंकी को दिखाकर उससे पानी सप्लाई किए जाने की बात कही गई थी। वर्तमान में बारिश पानी झेलकर पिछले ३० वर्षो में पानी की टंकी भी पूरी तरह से जर्जर होकर क्षतिग्रस्त हो गई है। जो कब ढह जाए कहा नहीं जा सकता है। लेकिन नल कनेक्शन तक नहीं किए जा सके हैं। अब तो टंकी को ढहाए जाने की मांग भी उठने लगी है। लेकिन इस ओर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
सपना बन गई योजना
पीएचई विभाग व पंचायत से जुड़े जानकारों की माने तो वर्तमान समय में उकवा में ऐसी कोई नल-जल योजना प्रगतिरत नहीं है। योजना को लेकर स्वीकृत की गई राशि भी निर्माण नहीं किए जाने के फेर में वापस हो गई है। कुल मिलाकर उकवा के ग्रामीणों की यह महत्वकांक्षी योजना उनके लिए सपना बनकर रह गई है। जिसका भविष्य में भी लाभ ग्रामीणों को मिल पाएगा या नहीं इस प्रश्न का जवाब भी किसी के पास नहीं है।
वर्सन
नल-जल योजना को लेकर स्वीकृत राशि वापस हो चुकी है। यह योजना मूर्त रूप ले पाएगी की नहीं इसकी जानकारी हमारे पास नहीं है। वर्तमान में पानी टंकी जर्जर हो जाने के कारण उसे ढहाए जाने की कार्रवाई की जा रही है। हमने पीएचई को पत्र लिखा है। उनके द्वारा टंकी को ढहाया जाएगा।
संजय मर्सकोले, उकवा सरपंच

mukesh yadav Reporting
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