बैंकों की हड़ताल, परेशान हुए उपभोक्ता

बैंकों की हड़ताल से बुधवार को उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

By: Bhaneshwar sakure

Updated: 22 Aug 2017, 08:46 PM IST

बालाघाट. बैंकों की हड़ताल से बुधवार को उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। केन्द्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के तत्वावधान में मंगलवार को बैंक के कर्मचारियों ने एक दिवसीय हड़ताल की।
बैंकों में लटके रहे ताले
कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से जिले के राष्ट्रीयकृत बैंकों में ताला लटके रहे। बैंक के कर्मचारियों द्वारा मांगों को लेकर स्टेट बैंक के सामने एकत्रित होकर प्रदर्शन कर केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
तीन करोड़ रुप से अधिक का कारोबार प्रभावित
इधर, इस हड़ताल के चलते तीन करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। इधर, जिन उपभोक्ताओं को बैंक कर्मियों के हड़ताल की जानकारी नहीं थी, उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। लीड बैंक मेनेजर अनिल बाघमारे के अनुसार जिले में सवा सौ से अधिक शाखाओं से वित्तीय लेनदेन होता है। जिसमें से करीब ६८ राष्ट्रीयकृत बैंक मंगलवार को बंद रहे। बैंकों के बंद रहने से तीन करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है। हालांकि, आंदोलन से पहले नकद निकासी के लिए एटीएम में पर्याप्त मात्रा में राशि डाल दी गई थी। जिसके चलते उपभोक्ताओं को ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ा है। हालांकि, ग्रामीण अंचलों में थोड़ी परेशानी हो सकती है। उन्होंने बताया कि बालाघाट जिले में एक दिन एक राष्ट्रीयकृत बैंक करीब ५ लाख रुपए का लेन-देन करता है।
ये है मांगें
संघ के पदाधिकारियों ने अपनी प्रमुख मांगों के संबंध में बताया कि खराब ऋण वसूली के लिए संसदीय समिति की अनुशंसा को लागू किया जाए। खराब ऋण वसूली के लिए कड़े कदम उठाने व प्रस्तावित एफआरडीआई बिल वापस लिया जाए। बैंक्स बोर्ड ब्यूरों की समाप्ति व सभी संवर्गो की समुचित भर्ती के साथ साथ बैंक कर्मचारी व अधिकारियों के मुद्दों का निराकरण करने सहित अन्य मांगें शामिल है।
मांगें पूरी नहीं तो उग्र आंदोलन
संघ के पदाधिकारियों ने केन्द्र सरकार को मांगों के संबंध में पूर्व में भी ज्ञापन सौंपा गया था। लेकिन मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा मांगें पूरी नहीं की गई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल व उग्र आंदोलन किया जाएंगा।

Bhaneshwar sakure Bureau Incharge
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