उफनते नाले पर जान जोखिम में डालकर पार करते रहे विद्यार्थी

दो घंटे की बारिश, काशी नाला आया उफान पर, दो घंटे से अधिक समय तक आवागमन रहा बाधित, लांजी क्षेत्र के काशी नाला का मामला

By: Bhaneshwar sakure

Published: 13 Aug 2019, 09:29 PM IST

बालाघाट. दो घंटे की झमाझम बारिश और नदी-नालों का बढ़ा जल स्तर। लेकिन यहां पर ग्रामीणों और विद्यार्थियों का उफनते नाले से जान जोखिम में डालकर पार करना किसी हैरत से कम नहीं था। विडम्बना यह है कि इस उफनते नाले को पार करने के दौरान वहां पर रोकने-टोकने वाला कोई भी मौजूद नहीं था। मामला लांजी क्षेत्र के काशी नाला (सती टिकरा) का है। इस नाले के उफान पर रहने की वजह से करीब दो घंटे आवागमन पूरी तरह से बंद रहा। आधा दर्जन से अधिक ग्रामों का सड़क संपर्क टूटा रहा। जैसे ही नाले से
जानकारी के अनुसार मंगलवार को लांजी क्षेत्र में दोपहर करीब दो बजे से मूसलाधार बारिश हुई। इस मूसलाधार बारिश के कारण अनेक नदी-नाले उफान पर आ गए। खासतौर पर लांजी से चीचटोला होते हुए पौनी पिपलगांव मार्ग पर चीचटोला गांव के बाद स्थित काशी नाला उफान पर था। काशी नाले के उफान पर होने से करीब आधा दर्जन गांव के ग्रामीणों का सड़क संपर्क टूट गया। इस मार्ग से सती टिकरा, पिपलगांव, टोनेसराड़, पौनी, खोलमारा सहित आधा दर्जन से अधिक गांव के लोग आवागमन करते हैं। वहीं स्कूली बच्चे भी शिक्षा अध्ययन करने के लिए इसी मार्ग से जाते हैं। मंगलवार को दोपहर में हुई मूसलाधार बारिश के चलते काशी नाला उफान पर था। इधर, जैसे ही स्कूली विद्यार्थियों की छुट्टी हुई, वैसे ही बच्चों ने यहां इंतजार करना मुनासिब नहीं समझा। इतना ही नहीं यहां मौजूद ग्रामीणों ने भी इन बच्चों को रोकने की कोशिश नहीं की। यहां छात्र-छात्राओं के साथ-साथ ग्रामीणों ने भी उफनते नाले को पार किया। शुक्र है कि इस दौरान किसी भी प्रकार का हादसा नहीं हुआ। लेकिन विद्यार्थियों का इस तरह से उफनते नाले को पार करना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।

Bhaneshwar sakure Bureau Incharge
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