छात्रों को दी पर्यावरण, विज्ञान की जानकारी

विज्ञान आसपास की खोज विषय पर छात्रों को कराया भ्रमण

By: Bhaneshwar sakure

Published: 04 Jan 2018, 11:52 AM IST

बालाघाट. शासकीय माध्यमिक शाला नैतरा के कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों ने बुधवार को बाटनिकल गार्डन गर्रा बालाघाट का भ्रमण किया। साथ ही पुरातत्व संग्राहलय बालाघाट, छोटी लाइन का डिब्बा धरोहर जंक्शन का भ्रमण किया। यह भ्रमण विज्ञान आसपास की खोज विषय पर आधारित थी।
स्कूल के 46 छात्र-छात्राओं को सात शिक्षक-शिक्षकाओं के साथ शाला समिति के अध्यक्ष रामूलाल दमाहे ने पर्यावरण समेत अनेक जानकारी से अवगत कराया। प्रधान पाठक आरके रंगलानी ने विद्यार्थियों को वनस्पति उद्यान की जानकारी के साथ ही जैविक खाद बनाने का उपकरण दिखाए। वहीं शिक्षक ललित दुबे ने छोटी लाइन का इतिहास, गार्ड का डिब्बा का महत्व और पुरातत्व के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी दी। बच्चों ने वन भोज व खेलकूद का आनंद लिया।
इस अवसर पर प्रधान पाठक आरके रंगलानी, शिक्षक शंकर नेमा, ललित दुबे, एनएल ऐड़े, अनिल हरिनखेड़े विज्ञान प्रभारी, अध्यापिका यासमीन कुरैशी, वीना कोर्राम सहित सभी विद्यार्थी मौजूद थे।
प्रकृति की पाठशाला में जंगल से रूबरू हुए विद्यार्थी
कटंगी. मप्र ईको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा जनसामान्य में वन, वन्य प्राणियों एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने के लिए इन दिनों विशेष अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को प्रकृति की पाठशाला में वन तथा वन्यप्राणियों के जीवन से रूबरू करवाया जा रहा है। मंगलवार को उपवनमंडलाधिकारी एलकेवासनिक के निर्देशन व परिक्षेत्र अधिकारी के मार्गदर्शन पर १०६ स्कूली विद्यार्थियों को कोड़मी बीट में कक्ष क्रमांक 487 खिड़कीघाट जंगल का भम्रण कराया गया। यहां इन विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, पक्षी वन्य जीवदर्शन, औषधि वन प्रबंधन की जानकारी प्रदान की गई। वहीं प्राकृतिक स्थल में मनोरंजन के साथ प्रकृति के विभिन्न आयामों को जानने, सीखने व रोमांच का अवसर प्रदान किया गया। जिसके तहत एक दिवसीय ईको-कैम्प का आयोजन हुआ। इस दौरान खिड़की घाट का भम्रण कर रहे विद्यार्थियों को वन कर्मचारियों ने बेहड़ा, सागौन, महारु, कासन, तेंदूपत्ता, देवस, वनतुलसी, बांस की विभिन्न प्रजाति के पेड़ पौधों से परिचय कराया। उनके औषधीय गुणों की जानकारी दी। वनरक्षकों ने बच्चों को बताया कि लेन्टान खरपतार वनों के विस्तार में किस प्रकार से बाधक है। पक्षियों का मानव जीवन में किस प्रकार से सुबह से लेकर शाम तक महत्व है और वन्यप्राणी अधिनियम में तिल्ली को मारना भी अपराध की श्रेणी में क्यों आता है, विद्यार्थियों को वन्यप्राणी के पंजों, विष्ठा के आधार पर उनकी पहचान, शिकार की प्रवृत्ति, टाईगर अपने क्षेत्र निर्धारित कैसे करते है, प्रत्येक वन्यप्राणियों के व्यवहार में क्या अंतर है. इसकी विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य एसआर राहंगडाले, परिक्षेत्र सहायक सहित वनरक्षक मौजूद रहे।
सहकारिता एवं उद्योग समिति की बैठक ८ को
बालाघाट. जिला पंचायत की सहकारिता एवं उद्योग समिति की बैठक का आयोजन ८ जनवरी को किया गया है। समिति की सभापति रोहिणी हरिनखेड़े की अध्यक्षता में इस बैठक का आयोजन हाथकरघा कार्यालय वारासिवनी में दोपहर 3 बजे से किया गया है। इस बैठक में विभिन्न विभागों की स्वरोजगार योजनाओं व सहकारिता विभाग की योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। इस अवसर पर सभी से उपस्थिति की अपील की गई है।

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