जिले भर में रहा बंद का असर, महिलाएं भी उतरी सड़क पर

जिले भर में रहा बंद का असर, महिलाएं भी उतरी सड़क पर

Bhaneshwar sakure | Publish: Sep, 06 2018 09:37:56 PM (IST) Balaghat, Madhya Pradesh, India

बसों का नहीं हुआ संचालन, परेशान होते रहे लोग, एसडीएम को रैली निकाल सौंपा ज्ञापन

बालाघाट. एससी/एसटी अध्यादेश के विरोध में बालाघाट पूरी तरह बंद रहा। इस दौरान किसी भी प्रकार की कोई हिंसक घटनाएं नहीं हुई। जिला मुख्यालय के अलावा वारासिवनी, कटंगी, तिरोड़ी, खैरलांजी, परसवाड़ा, लांजी, किरनापुर, बैहर, बिरसा सहित अन्य सभी मुख्यालयों में इसका असर रहा। इधर, जिला मुख्यालय में सर्व समाज के लोगों ने सड़क पर उतरकर सर्वोच्च न्यायालय का अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान के नारे लगाकर प्रदेश व केन्द्र सरकार का विरोध जताया। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एससी/एसटी एक्ट में न्यायहित में निर्णय दिया था। लेकिन भारत सरकार द्वारा तानाशाही कर सत्ता के लालचवश एससी/एसटी एक्ट में विधि विरूद्ध अध्यादेश लाकर ७८ प्रतिशत जनता के साथ अन्याय किया गया है। जिसका खामियाजा सरकार को आगामी चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
धारा १४४ रही लागू
भारत बंद के दौरान कलेक्टर द्वारा भी शांति व्यवस्था कायम रखने धारा 144 लागू कर दी थी। बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। व्यापारियों व बस संचालकों द्वारा स्वेच्छा से ही बंद को समर्थन दिया गया। इस दौरान नगर की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। बंद के दौरान शहर में किसी तरह की अप्रिय घटना न हो जिसके चलते नगर के प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस तैनात रही। पुलिस के आला अधिकारी लगातार शहर में गश्त करते रहे।
पुलिस रही मुस्तैद, शांतीपूर्ण रहा बंद
बंद को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा व शांति व्यवस्था कायम रखने पुलिस की तैनाती की गई थी। मुख्यालय सहित मोहगांव, मलाजखंड, भीमजोरी, मरारीटोला, दमोह, सालेटेकरी, मण्डई, सोनगुड्डा, कचनारी, मानेगांव सहित अन्य गांवों में भी बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
हट्टा में हुआ प्रदर्शन
बंद के दौरान रजेगांव, किरनापुर, हट्टा में भी बंद रहा। हट्टा मुख्यालय में महिलाओं ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया। नगर में सभी दुकानें व पेट्रोल पम्प एवं बसें बंद रही।
बिरसा भी रहा बंद
भारत बंद के आव्हान पर बिरसा मुख्यालय में भी बंद का खासा असर दिखाई दिया। सभी चाय-पान, दवा दुकान सहित अन्य दुकानें व पेट्रोल पम्प भी बंद रहा। जिससे लोगों को आवश्यकता की सामग्री खरीदने परेशान होना पड़ा। सभी दुकानें बंद रहने से सड़कों पर सन्नाटा सा छाया रहा। स्कूलें खुली रही लेकिन विद्यार्थियों की संख्या नगण्य रही।
कटंगी शहर दिन भर रहा बंद
कटंगी. एससी-एसटी एक्ट के विरोध में देशव्यापी भारत बंद को कटंगी शहर ने समर्थन किया। सवर्ण समाज के आव्हान पर इस बंद का आयोजन किया गया। नगर में दिन भर दुकानें, प्रतिष्टान बंद रहे है और कहीं भी कोई अप्रिय घटना या तनावग्रस्त माहौल नहीं बना। सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था की दृष्टि से पुलिस जगह-जगह तैनात रही। इस बंद के आयोजन को लेकर नगर के सवर्ण समाज ने एक दिन पूर्व सभी दुकानदारों व प्रतिष्ठानों से समर्थन में दुकानों को बंद रखने की अपील की थी। बंद के दौरान नगर में राहगीरों को काफी परेशानियों को सामना करना पड़ा। आमजन चाय, पानी और अन्य जरूरत की सामग्रियों के लिए इधर-उधर भटकते दिखाई दिए। इस मौके पर सर्वण समाज की तरफ से जितेन्द्र अग्रवाल, राकेश शर्मा, विशाल कोठारी, देवीप्रसाद तिवारी, योगेन्द्र विश्वकर्मा, साकेत मिश्रा, रितेश तिवारी, रमाकांत तिवारी, हेमंत राजपूत, यशवंत टेम्भरे, मोतीलाल भगत, मुकेश चौकसे, बापू कोहड़े, विनित मोर, अनिल नर्सवानी सहित अन्य ने अनुविभागीय अधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
गढ़ी में भी रहा बंद का असर
गुरुवार को भारत बंद के आव्हान का असर गढ़ी मुख्यालय सहित क्षेत्र में रहा। इस दौरान दुकाने नहीं खुलने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
परसवाड़ा में भी बंद रहे प्रतिष्ठान
गुरुवार को परसवाड़ा मुख्यालय सहित क्षेत्र में भारत बंद के आव्हान का असर रहा। कोई भी दुकानें नहीं खुली। बसों का संचालन नहीं हो पाया। निजी स्कूल सहित अन्य संस्थान भी बंद रहे। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। परसवाड़ा बंद का असर मुख्यालय सहित चंदना, लिंगा, चीनी, भिड़ी सहित अन्य गांवों में भी देखा गया।
किरनापुर में रहा मिला-जुला असर
भारत बंद के आव्हान का किरनापुर में मिला-जुला असर रहा। तहसील मुख्यालय में महज सोशल मीडिया के माध्यम से 6 सितम्बर को बंद को लेकर आव्हान किया गया था। लेकिन गुरूवार को सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते ना तो किसी भी संगठन द्वारा सड़कों पर निकलकर बंद करने की अपील की गई और न ही किसी तरह का प्रदर्शन किया गया। मूसलाधार बारिश के चलते व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान को बंद रखा था। दोहपर लगभग 1 बजे के आसपास बारिश का दौर थमने के उपरांत दुकाने खुलना शुरू हो गई।हालांकि मार्गों पर यात्री बसे नहीं चलने से अधिकतर मार्ग सुने रहे।इस दौरान शासकीय कार्यालय एवं स्कूल पूर्ववत खुले रहे।
वारासिवनी में भी रहा बंद का असर
एससी एसटी एक्ट के संशोधन के विरोध में सवर्ण समाज, सपाक्स, भारतीय विकास मंच सहित लगभग एक दर्जन संगठनों के द्वारा गुरुवार को कराया गया वारासिवनी बंद पूरी तरह सफल रहा। सुबह से ही नगर की सभी दूकाने बंद रही। यात्री बसों का संचालन नहीं हो पाया। लोग परेशान होते रहे। शैक्षणिक संस्थानों में भी बंद का असर रहा। नगर के सभी पेट्रोल पंप भी बंद रहे। सुबह से बारिश होने के बाद भी लोग सड़कों पर उतरे। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई। प्रदर्शन के दौरान भारतीय विकास मंच के जिलाध्यक्ष हरीनारायण चौबे, कवि प्रणय श्रीवास्तव, सपाक्स कर्मचारी संगठन से केके पांडे, श्याम शर्मा सहित अन्य ने सभा को संबोधित भी किया। प्रदर्शन के बाद सभी लोगों द्वारा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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