जनपदों और पंचायतों में रहे ताले, नहीं हो पाए काम

एक दिवसीय हड़ताल पर रहे ग्रामींण विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारी

By: mukesh yadav

Published: 12 Jul 2021, 09:28 PM IST

बालाघाट. योजनाओं में टारगेट फिक्स कर दिए जाने और मानसिक प्रताडऩा का शिकार होकर साथी कर्मचारियों द्वारा आत्महत्या किए जाने के आरोप के साथ मांगों को लेकर सोमवार को ग्रामींण विकास विभाग से जुड़े करीब १२ विभागों के अधिकारी कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। सोमवार को जिले की सभी जनपदों और पंचायतों में ताले लटके दिखाई दिए। यहां पहुंचे लोगों को बिना काम करवाए ही बैरंग लौटना पड़ा और परेशानिया उठानी पड़ी। सभी हड़ताली अधिकारी कर्मचारियों ने कमला नेहरू हॉल में शोक सभा का आयोजन कर अपने दिवंगत साथियों को शोक श्रद्धांजलि अर्पित की।
हड़ताल पर रहे पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और जनपद सीईओ, उपयंत्री संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया कि मांगों को लेकर सभी १२ विभागों ने एक होकर संयुक्त मोर्चा का गठन किया है। इन्होंने बताया कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रदेश सरकार की गुड लिस्ट में नम्बर 1 बनने की होड में ग्राम पंचायत के सबसे छोटे कर्मचारी रोजगार सहायक से लेकर, सीईओ व जनपद का समस्त अमला प्रताडि़त और त्रस्त है। खरगौन के भीमनगांव में पदस्थ सीईओ राजेश बाहेती एवं धार जिले के गंधवानी जनपद में उपयंत्री के पद पर पदस्थ प्रवीण पवार के वरिष्ठों की मानसिक प्रताडऩा और अति कार्यभार एवं दबाव के कारण फांसी के फंदे पर झूलकर आत्महत्या जैसे दुखद कदम उठाए हंै जिससे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का सम्पूर्ण अमला स्तब्ध और दुखी है। प्रताडऩा और अभियानों में मशीन की तरह पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों को जोत कर थोपने का काम खरगौन और धार तक ही सीमित नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के 52 जिला मुख्यालय से प्रचलित और संचालित है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के समस्त कर्मचारियों की अनार्थिक मागों पर सरकार का ध्यान बार-बार आवेदनए ज्ञापन देने के बाद भी आकर्षित नहीं हो रहा है। पंचायत विभाग और ग्रामीण विकास विभाग का कुनबा अपने संगठनों के माध्यम से विगत 4-5 वर्षों से अपनी ज्वलंत मांगे जिसमें अधिकांश अनार्थिक और संशोधन मात्र की है। संगठन के संयुक्त मोर्चा ने 12 जुलाई को उपरोक्त ज्ञापन को कलेक्टर के माध्यम से और जनपद मुख्यालय से अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया। वहीं मांगों के निराकरण की मांग की गई।

mukesh yadav Reporting
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