पति, बच्चों की मौत के बाद भटक रही थी वृद्धा

वन स्टाप सेंटर के सहयोग से घर पहुंची भटक रही वृद्धा

By: Bhaneshwar sakure

Updated: 10 Sep 2021, 09:35 PM IST

बालाघाट. राखी का त्यौहार जहां सभी बहने अपने भाई को राखी बांधने उनके घर जाती है, ठीक उसी तरह एक 62 वर्षीय महिला रूपवती महेरा (परिवर्तित नाम) पति गगन महेरा जिला बालाघाट पहुंच गई। 26 अगस्त को किरनापुर बस स्टैंड में घूम रही महिला की सूचना मिलते ही डायल-100 ने वृद्ध महिला को थाना किरनापुर लाया।
किरनापुर पुलिस द्वारा महिला को वन स्टाप सेंटर बालाघाट लाया गया। वन स्टाप सेंटर में महिला से स्नेह व सहानुभूति का व्यवहार किया गया तो महिला को थोड़ी राहत महसूस हुई। जब थोड़ा पारिवारिक माहौल मिला तो उसने बातचीत करना शुरु कर दिया। चूंकि महिला की भाषा समझ नहीं आने से महिला का घर का पता लगाना मुश्किल हो रहा था। लगातार परामर्श व पूछताछ से वृद्ध महिला द्वारा जिला दमोह का नाम लिया गया।
वन स्टाप सेंटर की प्रशासक रचना चौधरी के मार्ग दर्शन में केश वर्कर यानिता राहंगडाले, बहुउद्देशीय कार्यकर्ता प्रीति हरिनखेड़े द्वारा जिला दमोह के पुलिस कंट्रोल रूम में संपर्क कर महिला की जानकारी के विषय में पूछताछ कर महिला की फोटो भेजी गई। दमोह पुलिस कंट्रोल रूम द्वारा सभी थाने व चौकी में माहिला की फोटो भेजी गई। इसके बाद थाना तेजगढ़ के थाना प्रभारी ब्रजेश पांडे के संपर्क से इस वृद्ध माहिला के बारे में पता लगाया गया तो पता चला कि संबंधित चौकी जबेरा में महिला की गुमशुदा रिपोर्ट दर्ज है।
वृद्ध महिला के बारे में पता चलने पर महिला के परिजन नाती आलोक महेरा (परिवर्तित नाम) व बेटी देवंती से वन स्टाप सेंटर बालाघाट द्वारा वीडियो कालिंग के माध्यम से महिला की शिनाख्त कराई गई। बेटी देवंती (परिवर्तित नाम) द्वारा बताया गया कि वृद्ध महिला के पति व दो बच्चों की मृत्यु उपरांत महिला का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। अपने खोए हुए परिवार को वापस देख महिला खुश हो उठी, नाती आलोक और बेटी देवंती द्वारा भी महिला को बालाघाट से ले जाने के लिए सहमती जताई गई। 29 अगस्त को नाती आलोक मेहरा द्वारा अपनी नानी को अपने साथ सुरक्षित वापस घर परिवार के पास ले जाया गया है। महिला अपने परिवार को पाकर बहुत प्रसन्न थी। वृद्ध महिला व परिवार के द्वारा वन स्टाप सेंटर बालाघाट का आभार प्रगट किया गया। इस तरह वन स्टॉप सेंटर के प्रयासों द्वारा खोई हुई वृद्ध महिला को उसके अपने परिवार में पुनर्वास करवाया गया है।

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