लाठी चार्ज के मामले में तीन पुलिस कर्मचारी निलंबित, चार के खिलाफ अपराध दर्ज

Bhaneshwar Sakure

Updated: 14 Sep 2019, 09:13:39 PM (IST)

Balaghat, Balaghat, Madhya Pradesh, India

बालाघाट. लांजी मुख्यालय में शुक्रवार की रात्रि भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान हुए विवाद और पुलिस द्वारा लाठी चार्ज किए जाने के मामले में तीन पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। जिसमें एएसआई देवराम पटले, प्रधान आरक्षक परमानंद भगत और आरक्षक नवीन कोल्हाड़े शामिल है। वहीं इस मामले में वार्ड क्रमांक ०६ मरार मोहल्ला लांजी निवासी रीना पति रामकुमार वड़मे (३०) की शिकायत पर एएसआई देवराम पटले, प्रधान आरक्षक परमानंद भगत, आरक्षक नवीन कोल्हाड़े, एम मानेश्वर के खिलाफ लांजी थाना में धारा २९४, ३२३, ३४ ताहि के तहत अपराध दर्ज किया गया है। वहीं शनिवार को ग्रामीणों ने लांजी चौक पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन करना शुरू किया था। यह प्रदर्शन शाम तक चलते रहा।
जानकारी के अनुसार लांजी मुख्यालय में शुक्रवार की रात्रि में वार्ड क्रमांक ०६ मरार मोहल्ला और वार्ड क्रमांक ०३ के चांदनी चौक से दो सार्वजनिक गणेश उत्सव समिति द्वारा शोभायात्रा निकालकर भगवान गणेश की प्रतिमा को विसर्जन करने ले जाया जा रहा था। रात्रि करीब १० बजे के बाद पुलिसकर्मियों ने शोभायात्रा में शामिल डीजे को बंद करने की बात श्रद्धालुओं से कही। लेकिन श्रद्धालु नहीं माने। इसी दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिसकर्मियों ने विवाद को बढ़ता देख लाठी चार्ज कर दिया। इस दौरान शोभायात्रा में शामिल छोटे-बड़े, बच्चे, महिलाओं पर भी लाठी चार्ज किया गया। जिसके चलते सभी ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने रात्रि में ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था, जो रात्रि करीब ३ बजे तक चलते रहा। इसके बाद शनिवार की सुबह से पुन: प्रदर्शन शुरू हुआ, जो दोपहर करीब ३ बजे तक उग्र रुप में रहा। इसके बाद प्रदर्शन सामान्य स्थिति में आया। शनिवार की शाम तक प्रदर्शनकारी लांजी मुख्य चौक पर डटे हुए थे। इधर, ग्रामीणों के प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद शनिवार को डीआईजी रविशंकर डहेरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश भूरिया भी मौके पर पहुंचे थे। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। वहीं शुक्रवार की रात्रि में प्रदर्शन की सूचना मिलने पर मप्र विधानसभा उपाध्यक्ष हिना कावरे भी लांजी पहुंची थी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। उचित कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। वहीं पुलिस अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।
पूरे दिन चला प्रदर्शन
शनिवार की सुबह करीब ९ बजे से लेकर दोपहर २ बजे तक ग्रामीण उग्र प्रदर्शन करते रहे। इसके बाद कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर प्रदर्शन सामान्य हुआ। लेकिन शाम तक प्रदर्शनकारी चौक पर ही डटे रहे। इस दौरान अनेक बार प्रदर्शनकारियों को समझाइश भी दी गई। लेकिन वे नहीं माने थे। ग्रामीणों का कहना था कि दोषी पुलिस कर्मचारी एक तो शराब के नशे में थे, उपर से उन्होंने लाठी चार्ज कर महिलाओं, बच्चों को भी जमकर पीटा था। इस मामले में दोषी पुलिस कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। वहीं कार्रवाई किए जाने तक भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन नहीं किया जाएगा।
शाम को किया प्रतिमा का विसर्जन
इधर, दोषी पुलिस कर्मचारियों को निलंबित किए जाने के बाद दोनों ही सार्वजनिक गणेश उत्सव समिति द्वारा शनिवार की शाम को दोनों ही प्रतिमाओं का विसर्जन समीपस्थ तालाब में किया गया। इसके पूर्व विवाद होने के बाद से प्रतिमा का विसर्जन नहीं किया गया था।
इनका कहना है
इस मामले में एक एएसआई, एक प्रधान आरक्षक और एक आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है। इसके आदेश जारी कर दिए गए है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
-नितेश भार्गव, एसडीओपी, लांजी

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