बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि ने मचाई तबाही, फसलें हुई बर्बाद

ओलावृष्टि से मैदान, आंगन, खेत में बिछी बर्फ की चादर, रुक-रुककर दिनभर बरसे इंद्रदेवता

By: Bhaneshwar sakure

Published: 17 Feb 2021, 10:49 PM IST

बालाघाट. जिले में पिछले दो दिनों से बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। ओलावृष्टि से जहां मैदान, आंगन, खेत में बर्फ की चादर बिछ गई। वहीं फसलों को भी काफी नुकसान हुआ है। सर्वाधिक नुकसान गेहूं, चना, मटर और सब्जियों की फसल को हुई है। बेमौसम बारिश से किसानों के साथ एक बार फिर से दोहरे पर दो आषाढ़ वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। बुधवार को पूरे दिन सूर्य देवता के दर्शन नहीं हुए। पूरे दिन भी रुक-रुककर बारिश होते रही। लगातार बारिश होने से न केवल फसलों को नुकसान पहुंचा है। बल्कि शीतलहर का प्रकोप भी बढ़ गया है। जिले में बैहर, बिरसा, गढ़ी, बालाघाट क्षेत्र में समनापुर, गुडरू, ठेमा, हिरबाटोला, चमरवाही, बीजापुर, चकरवाही, लामता, चरेगांव, लालबर्रा सहित जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में ओलावृष्टि व बारिश होते रही।
जिले में लगातार दूसरे दिन भी बारिश होते रही। बुधवार को पूरे दिन रुक-रुककर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होते रही। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, बारिश का दौर मंगलवार की देर रात से जारी था। इधर, बुधवार को पूरे दिन बारिश होने की वजह से लोगों को अपने दैनिक कार्यों को पूरा करने में काफी विलंब हुआ। सड़कें सूनी रही। लोग अपने ही घरों में दुबके हुए रहे। वहीं जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई है, उनमें से कुछेक स्थानों का प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया। वहीं फसल क्षति के लिए सर्वे के निर्देश भी दिए।
मौसम परिवर्तन होने के कारण बालाघाट जिले में दो दिनों से वर्षा हो रही है। इस वर्षा व ओलावृष्टि के कारण गेहूं, चना की फसल को काफी नुकसान हुआ है। वहीं बादल छटने के बाद अब शीतलहर चलने व पाला पडऩे की संभावना बन सकती है।

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Bhaneshwar sakure Bureau Incharge
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