हर्राभाट में नाव चलाकर ग्रामीणों को बचाया

हर्राभाट में नाव चलाकर ग्रामीणों को बचाया

Mukesh Yadav | Updated: 08 Aug 2019, 08:48:26 PM (IST) Balaghat, Balaghat, Madhya Pradesh, India

बिरसा तहसील में बीती रात में 151 मिलीमीटर वर्षा होने के कारण जमुनिया नदी में बाढ़ आ गई है

बालाघाट-बिरसा तहसील में बीती रात में 151 मिलीमीटर वर्षा होने के कारण जमुनिया नदी में बाढ़ आ गई है। जिससे नदी के किनारे के हर्राभाट में एक स्थान पानी से घिर गया और वह टापू में बदल गया था। इस टापू में स्थित मकानों के ३५ लोग जिसमें महिला, पुरुष व बच्चे और उनके मवेशी पानी से घिर गए थे। बैहर एसडीएम चन्द्रपताप गोहल ने बताया कि जैसे ही उन्हें सूचना मिली उनके द्वारा तत्काल राहत व बचाव के उपाय किए गए है। होमगार्ड के जवानों को तत्काल नाव के साथ हर्राभाट के लिए रवाना किया गया। सभी लोगों और उनके मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इन लोगों के रात्रि में ठहरने और भोजन की व्यवस्था ग्राम पंचायत भवन व स्कूल भवन में करा दी गई है। अब नदी का पानी भी उतरने लगा है। समाचार लिखे जाने तक जमुनिया नदी का जल स्तर कम हो रहा था। गुरुवार को रेस्क्यू करने के दौरान प्लाटून कमांडर जोगेश विश्कर्मा, एएसआई महेश कुमार उईके, एनएसीएओ 3, सैनिक 7, ड्राइवर 2 सहित 14 लोगों की टीम ने रेस्क्यू किया।
छपला से देवगांव मार्ग पर बहा पुल
बिरसा क्षेत्र में भारी बारिश होने से गुरुवार की सुबह करीब 8 बजे छपला से देवगांव मार्ग पर जमुनिया नदी पर बना पुल पानी के तेज बहाव से बह गया। पुलिया के टूट जाने से न केवल आवागमन बाधित हुआ। बल्कि छपला से देवगांव का सड़क संपर्क टूट गया। तेज बारिश के चलते सड़क भी बहकर नाले का रुप धारण कर ली। इसके कारण हजारों ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गुरुवार को पूरे दिन बारिश होने के कारण इस पुल व मार्ग की मरम्मत नहीं की जा सकी है। इसी तरह बिरसा क्षेत्र में चकरवाही में बंजर नदी के उफान पर होने के कारण आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया। यहां पर पुल के उफर से पानी बहने के कारण चकरवाही का सड़क संपर्क टूट गया था। गुरुवार की शाम करीब ६ बजे तक स्थिति जस की तस बनी हुई थी। ग्रामीणों द्वारा पानी कम होने का इंतजार किया जा रहा था।
हट्टा क्षेत्र के आधा दर्जन गांव भी बने टापू
बुधवार की रात्रि से हो रही लगातार बारिश के चलते हट्टा क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांव टापू में तब्दील हो गए थे। बुधवार की रात्रि से लेकर गुरुवार की शाम करीब ५ बजे तक ये गांव टापू बने रहे। जैसे-जैसे नदी का जल स्तर कम होते रहा, वैसे-वैसे गांव का पानी कम हुआ। ग्रामीणों के अनुसार किरनापुर क्षेत्र की लगातार बारिश के चलते देव नदी के उफान पर होने के कारण गोदरी, बटकरी, माटे, पिपरटोला, बक्कर सहित अन्य गांव टापू में तब्दील हो गए थे। लगातार बारिश के चलते इस क्षेत्र में किसानों को काफी नुकसान हुआ है। सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई। अनेक किसानों के कुएं धंसक गए। इस क्षेत्र में बारिश कुछ देर थमने के बाद शाम के वक्त फिर वर्षा होने लगे थी। हालांकि, लगातार बारिश के चलते किसी भी प्रकार की जनहानि होने की सूचना नहीं मिली है।
बालाघाट-समनापुर मार्ग पर १० घंटे रहा आवागमन बाधित
बालाघाट मुख्यालय से समनापुर की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग में बुधवार की रात्रि करीब १२ बजे ग्राम पंचायत आमगांव में वर्षों पुराना विशालकाय बरगद का पेड़ गिर गया। जिसके कारण बुधवार की रात्रि से लेकर गुरुवार की सुबह १० बजे तक लगातार दस घंटों तक आवागमन पूरी तरह से बंद रहा। वाहनों के पहिए थमे रहे। ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना प्रशासन व पुलिस को दी गई। ग्रामीण थाना नवेगांव पुलिस ने सुबह करीब ९.३० बजे मौके पर पहुंचकर गिरे हुए पेड़ को हटवाया। इसके बाद इस मार्ग पर आवागमन शुरू हो पाया।
डोरा से चिखलाझोड़ी मार्ग भी रहा बाधित
गुरुवार को लगातार बारिश के चलते नहरा नदी के उफान पर होने के कारण डोरा से चिखलाझोड़ी के बीच सड़क संपर्क टूट गया। यहां गुरुवार की सुबह से लेकर शाम तक आवागमन बाधित रहा। जैसे ही नदी का जल स्तर कम हुआ, वैसे ही आवागमन शुरु हो पाया। इस दौरान राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जिले में 531 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड
जिले में चालू वर्षा सत्र के दौरान १ जून से 8 अगस्त 2019 तक 531 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि में भी 596 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई थी। चालू वर्षा सत्र में अब तक सबसे अधिक 759 मिमी वर्षा परसवाड़ा तहसील और सबसे कम 199 मिमी वर्षा खैरलांजी तहसील में हुई है। इस वर्ष जिले में अब तक गत वर्ष की तुलना में 65 मिमी वर्षा कम हुई है। चालू वर्षा सीजन में बालाघाट तहसील में 667 मिमी, वारासिवनी में 690 मिमी, बैहर में 558 मिमी, लांजी में 479 मिमी, कटंगी में 271 मिमी, किरनापुर में 658 मिमी, लालबर्रा मे 460 मिमी, बिरसा में 645 मिमी, तिरोडी में 465 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है। 8 अगस्त को सुबह 8 बजे समाप्त हुए 24 घंटे के दौरान बालाघाट तहसील में 67 मिमी, वारासिवनी में 96 मिमी, बैहर मे 60 मिमी, लांजी में 72 मिमी, कटंगी में 17 मिमी, किरनापुर मे 80 मिमी, खैरलांजी में 14 मिमी, लालबर्रा में 65 मिमी, बिरसा में 151 मिमी, तिरोड़ी में 13 मिमी, परसवाड़ा तहसील में 68 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है।

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