वीआरएस कंपनी ने तोड़ी सावरी में रेशम विभाग की बिल्डिंग

वीआरएस कंपनी ने तोड़ी सावरी में रेशम विभाग की बिल्डिंग

mukesh yadav | Publish: Sep, 07 2018 09:33:00 PM (IST) Balaghat, Madhya Pradesh, India

शिकायत के बाद जांच करने के लिए भोपाल से आए अधिकारी

कटंगी। मुख्यालय से 9 किमी. दूर सावरी रोड पर स्थित रेशम विभाग का अनुपयोगी भवन को वीआरएस कंपनी ने रेशम विभाग के अधिकारियों को गुमराह कर तोड़ा है। यह बात ग्रामीणों ने रेशम विभाग के जांच दल में शामिल क्षेत्रीय अधिकारी भोपाल अशोक कुमार घुरैया को बताई। ग्रामीणों के अनुसार वीआरएस कंपनी ने बिना किसी अनुमति के इस भवन को ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद क्रेशर लगाकर उक्त जमीन का उपयोग भी किया। जिसकी शिकायत 181 में की गई थी। इसके बाद शुक्रवार को 3 सदस्यों का एक जांच दल मौके पर पहुंचा। जिसने ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर पंचनामा कार्रवाई पूरी की। हालाकिं जांच दल ने इस बात की पुष्टि नहीं की कि वीआरएस कंपनी के खिलाफ किस प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।
प्राप्त जानकारी अनुसार करीब 2 दशक पहले रेशम विभाग के लिए इस बिल्ंिडग का निर्माण किया गया था। इस बिल्डिंग को किस उद्देश्य से बनाया गया था, इस बात की पुख्ता जानकारी विभाग के पास भी मौजूद नहीं है। लेकिन सूत्रों ने बताया कि भवन का निर्माण रेशम कीट पालन के लिए किया जाना था। रेशम विस्तार अधिकारी आईएल पटले ने बताया कि सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक उक्त भवन आज तक विभाग को आवंटित ही नहीं हो पाया है। बहरहाल, यह बड़ी ही चौकाने वाली बात है कि जिस मकसद के साथ इस भवन को तैयार किया गया था, उस भवन को आज तक विभाग को ही नहीं सौंपा गया है।
बता दें कि यह भवन उपयोग नहीं होने की वजह से जर्जर हो रहा था। ग्रामीणों की माने तो इस भवन के उपयोगिता को लेकर कई बार क्षेत्रीय नेताओं एवं प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यानाकर्षण भी कराया गया। लेकिन कभी किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
मलबरी स्थापित करने की मांग
रेशम विभाग के चौकीदार कोमल प्रसाद ने बताया कि वीआरएस कंपनी जब उक्त भवन को तोड़ रही थी, तो उन्होंने इस संबंध में वरिष्ट अधिकारियों को मौखिक रुप से शिकायत की थी। इसके बाद कंपनी को भवन तोडऩे से रोका भी था। लेकिन कंपनी ने कलेक्टर से अनुमति लेकर भवन तोडऩे की बात कहीं थी। यहीं बात कंपनी ने विस्तार अधिकारी को भी कहीं थी। लेकिन जब अधिकारी ने कंपनी से अनुमति पत्र दिखाने के लिए दबाव बनाया तो कंपनी ने काम बंद कर दिया और जगह खाली कर भाग खड़ी हुई। वर्तमान समय में उक्त स्थान किसी काम का नहीं है। ग्रामीणों ने उक्त स्थान पर मलबरी स्थापित करने की मांग की है। ताकि ग्रामीणों को रोजगार मुहैया हो सकें।
वर्सन
शिकायत के आधार पर आज मौके का निरीक्षण किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि वीआरएस कंपनी ने भवन तोड़ा है जो अनुपयोगी था।
अशोक कुमार घुरैया, क्षेत्रीय अधिकारी रेशम विभाग

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