30 हजार रुपए का ऋण लेकर किया मजदूरी भुगतान

दो वर्ष बाद भी पौधरोपण के मजदूरी का नहीं हो पाया भुगतान, पीडि़त ने जनसुनवाई में पहुंचकर लगाई गुहार

By: Bhaneshwar sakure

Published: 24 Jul 2018, 09:16 PM IST

बालाघाट. किरनापुर विकासखंड के ग्राम सुसवा निवासी पांडूरंग बाहे शिकायत लेकर आया था कि उसने गांव के मजदूरों के द्वारा वर्ष 2016-17 में पौधरोपण किया गया था। लेकिन उन्हें अब तक मजदूरी का भुगतान नहीं मिला है। मजदूरों की मजदूरी का भुगतान करने के लिए उसने प्रायवेट समूहों को लोन देने वाली कंपनी से अपनी पत्नी के नाम 30 हजार रुपए का ऋण लेकर मजदूरी का भुगतान किया है। लेकिन शासन की ओर से उसे अभी तक कोई भुगतान नहीं मिला है। उसने मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया। साथ ही उसे व उनके मजदूरों को 475 दिनों की मजदूरी का भुगतान कराए जाने की मांग की। गौरतलब है कि प्रत्येक मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई की कड़ी म 24 जुलाई को कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में 76 आवेदन पर सुनवाई करते हुए उसका निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में किरनापुर विकासखंड के ग्राम सिंगोड़ी का दिगंबर पटले शिकायत लेकर आया था कि ग्राम सभा की बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना में उसका नाम अनुमोदन किया गया था। लेकिन ग्राम पंचायत द्वारा उसका नाम प्रोसिडिंग से काट दिया गया है। जबकि वह आवास योजना का लाभ लेने के लिए पूरी तरह से पात्र है। उसे आवास योजना की राशि दिलाई जाए। तिरोड़ी तहसील के ग्राम बोनकट्टा का विकास मालाधरे का प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग लेकर आया था। उसका कहना था कि उसका कच्चा मकान जर्जर हो चुका है और कभी भी गिर सकता है। उसका नाम आवासहीन की सूची में 9 वें नंबर पर है। उसे आवास बनाने के लिए राशि मंजूर की जाए। जनसुनवाई में वारासिवनी का युवा तनय चौरे शिकायत लेकर आया था कि वह आईआईटी मुंबई से स्नातक है और मुंबई में एक प्रायवेट कंपनी में जाब करता है। मध्यप्रदेश शासन की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत उसने 1 मई 2017 को पीवीसी पाइप इंडस्ट्री लगाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक वारासिवनी से ऋण लिया है। लेकिन शाखा प्रबंधक शैलेन्द्र राय द्वारा अब उसे ऋण की दूसरी किश्त नहीं दी जा रही है। जिसके कारण उसका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। उसने बैंक से ऋण की किश्त दिलाए जाने की मांग की है।

Bhaneshwar sakure Bureau Incharge
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