...तो रक्तदान करने आगे क्यों आएंगे रक्तदाता

...तो रक्तदान करने आगे क्यों आएंगे रक्तदाता

Mukesh Yadav | Updated: 14 Jun 2019, 08:07:21 PM (IST) Balaghat, Balaghat, Madhya Pradesh, India

रक्तदाताओं को प्रोत्साहित करने नहीं कोई योजना
पड़ोसी गोंदिया महाराष्ट्र जिले जैसी सुविधाओं का भी अभाव

मुकेश यादव
बालाघाट. हमारा ध्येय रक्तदान कर किसी जरूरतमंद, गरीब असहाय की मदद करना है, चाहे फिर वह किसी भी ब्लॉक या जिले का क्यों न हो। इसके एवज में हमारी कोई लालसा या स्वार्थ भी नहीं होता है। लेकिन कुछ विशेष मौकों पर रक्तदाताओं को मान सम्मान या सराहना मिले तो निश्चित तौर पर जिले में इतने रक्तदाता रक्तदान करने सामने आ सकते हैं कि किसी भी परिस्थिति में सभी को नि:शुल्क ब्लड मुहैया कराया जा सकता है।
आज विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर पत्रिका ने जिले के अग्रणी रक्तदाताओं से चर्चा की, तो कुछ ऐसी ही कई खामियां निकलकर सामने आई। जो कि रक्तदाताओं को हतोत्साहित करतीं है। जिले में पिछले दो वर्षो से रक्तदान शिविरों का आयोजन करवा रहे अपना परिवार शोसल मीडिया ग्रुप के प्रमुख हितेश अजीत की माने तो जिले में रक्तदान दिवस तो मनाया जाता है, लेकिन रक्तदाता दिवस के विषय में किसी को कोई जानकारी तक नहीं है। ऐसे में इस दिन ऐसे युवा स्वयं को उपेक्षित महसूस करते हैं, जो कि जिले में होने वाले प्रत्येक रक्तदान शिविर में स्वयं से हिस्सा लेकर रक्तदान करते आ रहे हैं और आगे भी करते रहने का संकल्प ले चुके है। हितेश के अनुसार युवाओं में इस तरह की भावनाएं उत्पन्न न हो इसके लिए उनके द्वारा ही अपने गु्रप के युवाओं के सहयोग से १४ जून को सम्मान समरोह का आयोजन किया जाता है। ताकि पूरे उत्साह के साथ हर वक्त रक्तदान के लिए तैयार रहने वाले युवाओं को भी प्रोत्साहन मितला रहे और वे अपने स्वस्थ्य जीवन के पूरे कार्यकाल में ऐसे ही निस्वार्थ भाव से रक्तदान करते रहे और दूसरों को प्रेरित करें। हितेश के अनुसार यदि शासकीय स्तर भी इस दिवस को मनाया जाने लगे और कुछ ऐसे ही अग्रणी युवाओं को प्रोत्साहित किया जाए, तो यह कार्य रक्तदाताओं के रक्तदान कार्य में नई ऊर्जा व संजीवनी का कार्य कर सकता है।
नहीं मिल पाया था सहयोग
अपना परिवार ग्रुप प्रमुख हितेश अजीत के अनुसार जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में स्टॉफ की भी भारी कमी है। इस कारण एक बार हट्टा में शिविर आयोजन के दौरान उन्हें बालाघाट के स्टॉफ की मदद नहीं मिल पाई थी और उन्हें मजबूरन गोंदिया जिले के ब्लड बैंक स्टॉफ की मदद लेनी पड़ी थी। हितेश के अनुसार ब्लड बैंक में स्टॉफ की पूर्ती किया जाना आवश्यक है। स्टॉफ की कमी के कारण एक से अधिक स्थानों पर रक्तदान शिविर के आयोजन नहीं हो पाते हैं। जबकि शहर मुख्यालय के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी रक्तदान शिविरों के आयोजन करवाए जा सकते हैं।
अब तक सैकड़ों यूनिट रक्तदान
जिले में रक्तदाताओं के विषय में बात करें तो सामने आता है कि प्रतिवर्ष महापुरूषों की जन्म जयंती, तीज त्यौहार और विशेष मौकों पर किसी न किसी संस्था या समूह द्वारा सैकड़ों यूनिट रक्तदान कर ब्लड बैंक में जमा करवाया जाता है। खासकर अपना परिवार ग्रुप, भाऊ परिवार, राजपूज क्षत्रिय समाज, आर्ट ऑफ लिविंग, संत निरंकारी मंडल, आर्मी के जवान साल भर किसी न किसी बहाने शिविरों का आयोजन कर रक्तदान करते आ रहे हैं। इस तरह के प्रयास से कुछ मौकों पर ऐसा भी सामने आया कि छह: हजार यूनिट की क्षमता वाले जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में आवश्यकता से अधिक ब्लड संग्रहित हो गया था।
यह कमियां कर रही हतोत्साहित
रक्तदाताओं को हतोत्साहित करने जिले में कुछ कमियां भी सामने आती है, जिन्हें दूर करना रक्तदाता अत्यंत आवश्यक बताते हैं। रक्तदाताओं की माने तो कई बार ऐसे मौके भी आते है, जब रक्तदाता को स्वयं ब्लड की आवश्यकता होती है और आर्थिक अभाव में उसे भटकना या गिड़गिड़ाना पड़ता है। इसके लिए पड़ोसी गोंदिया (महा) जिले में अच्छी सुविधाएं ब्लड बैंक द्वारा बनाई है। इसके अनुसार ९० या उससे अधिक यूनिट में रक्तदान करने वाले समूह या संस्था को उतनी ही कूपनें दी जाती है, जिसकी मदद से रक्तदाता या संस्था किसी भी समय नि:शुल्क ब्लड प्राप्त कर सकते है। कूपन की वैद्यता भी दो वर्ष की होती है और उक्त कूपन के माध्यम से रक्तदाता अन्य जिलों में होने पर भी वहां के ब्लड बैंक में कूपन जमा कर नि:शुल्क ब्लड प्राप्त कर सकता है। वहीं बालाघाट के ब्लड बैंक की कूपन की वैद्यता महज तीन माह की होती है। जो कि सिर्फ इसी ब्लड बैंक के लिए होती है। ऐसे में यदि तीन माह में रक्तदाता कूपन के माध्यम से किसी को ब्लड की मदद नहीं कर सका तो उसकी कूपन कोई काम की नहीं रह जाती है।
मिलना चाहिए सम्मान
प्रतिवर्ष रक्तदान शिविरों के बड़े आयोजनकर्ताओं के अनुसार रक्त का निर्माण नहीं किया सकता है। यह किसी के डोनेट करने पर ही प्राप्त है। रक्तदाता रक्तदान कर किसी की जिंदगी बचाने का कार्य करते हैं, इतने बड़े और पुण्य का कार्य करने के बावजूद उन्हें वह मान सम्मान नहीं मिल पाता है जो कि मिलना चाहिए। इनकी माने तो विशेष मौकों खासकर रक्तदाता दिवस पर ऐसे युवाओं का सम्मान भी किया जाना चाहिए जो कि हमेंशा रक्तदान करते आ रहे हैं।
वर्सन
अपना परिवार ग्रुप के माध्यम से हम कोई न कोई सामाजिक सरोकार के कार्य करते आ रहे है। रक्तदान शिविर में भी बढ़चढ़ कर रक्तदान किया जाता है। हमारे ग्रुप की तरफ से हम सभी युवाओं से अपील भी करना चाहेंगे कि हर कोई बढ़चढ़ कर रक्तदान करें। आपका रक्त किसी को जीवनदान दे सकता है।
हितेश अजीत, सोशल मीडिया ग्रुप प्रमुख

हमारे ब्लड बंैक में छह हजार यूनिट ब्लड संग्रहण की क्षमता है। प्रतिमाह करीब ५०० यूनिट ब्लड नि:शुल्क भी दिया जाता है। कुछ विशेष ब्लड ग्रुप लगने के दौरान ही कुछ परेशानी होती है। हम रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हैं। वहीं अपील भी है कि सभी स्वस्थ्य व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान करने से कोई शारीरिक परेशानी नहीं होती है।
डॉ एके जैन, सिविल सर्जन व ब्लड बैंक प्रभारी

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