वैनगंगा नदी के बड़े पुल से महिला ने नदी में लगाई छलांग

आधे घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन कर होमगार्ड जवानों ने बाहर निकाला, मौके उमड़ी भीड़, सभी हक्के बक्के रह गए लोग

By: mukesh yadav

Updated: 18 Aug 2017, 08:56 PM IST

बालाघाट। जाको राखे साईंया मार सके न कोई अक्सर यह कहावत सुनने को मिलती है। लेकिन इस मुहावरे का प्रत्यक्ष उदाहरण शुक्रवार की सुबह करीब १०.३० बजे शहर के वैनगंगा नदी पुल पर देखने में आया। दरअसल स्वयं को काल के हवाले करने की मंशा से एक महिला ने यहां के रेलवे बड़े पुल से नदी में छलांग लगा दी। लेकिन जान जानी तो दूर महिला को कोई गंभीर चोटें तक नहीं आई। जानकारी लगने पर मौके लोगों की भारी भीड़ एकत्रित हो गई। इसके बाद होमगार्ड जवानों ने दल बल के साथ मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू आपरेशन चलाया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद महिला को सही सलामत नदी से बाहर निकाला गया। हॉलाकि महिला के पैर में मामूली चोटे आई। जिसे १०८ की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार उक्त महिला कोतवाली थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर वार्ड नंबर २४ निवासी बताई जा रही है। जिनका नाम अलका पति दिनेश वासनिक है। कुछ माह पूर्व ही महिला ने पड़ोस के ही दिनेश वासनिक के साथ प्रेम विवाह रचाया था। इसके बाद वह अपने पति के साथ इंदिरा नगर में ही रह रही थी। पुलिस सूत्रों की माने तो कुछ दिनों से महिला मानसिक रूप से परेशान चल रही थी। जिसने दिन-चार दिनों से खाना पीना भी छोड़ दिया था। महिला के पति दिनेश के अनुसार अलका सुबह से कहीं चले गई थी। जब उसकी तलाश की गई तो पता चला कि वह गर्रा पुल में चढ़ गई। लेकिन इसके पहले की महिला को रोक पाते उसने पुल से छलांग लगा दी।
जानकारी सुन हक्के बक्के रह गए लोग
मौकाए वारदात के प्रत्यक्ष दर्शियों की माने तो जितनी ऊंचाई पर पहुंचने के बाद लोग नीचे देखने से भी भयभीत हो जाते हैं। उतनी ऊंचाई पर अलका ना सिर्फ चढ़ी बल्कि उसने अचानक से छलांग भी लगा दी। इसके बावजूद उसे कुछ नहीं हुआ। इस दृश्य को जिसने भी देखा और सुना सभी हक्के बक्के रह गए। सभी को लगा कि महिला नहीं बचेगी। लेकिन महिला को कोई गंभीर चोंटे नहीं आई है।
आधे घंटे तक चला रेस्क्यू
घटना की जानकारी लगने पर मौके पर होमगार्ड एएसआई महेश कुमार उइके अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जिन्होंने लाइफ जॉकेट, नांव, पतवार सहित अन्य उपकरणों के साथ रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया। पहले महिला के नहीं दिखाई देने पर परेशानी हुई। लेकिन करीब आधे घंटे के अंदर जवानों ने महिला को सकुशल बाहर निकाल लिया। पूरे घटना के दौरान हर कोई महिला को देखने उत्सुक दिखाई दिया।
वर्सन
जानकारी लगने पर हमने अपनी टीम के साथ रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया। परिणाम स्वरूप आधे घंटे में ही महिला को बाहर निकाल लिया गया। जिस स्थान पर महिला कूदी थी। वहां पानी के नीचे रेत थी। नहीं तो महिला की जान भी जा सकती थी।
महेश कुमार उइके, होमगार्ड एएसआई

हमने महिला के परिजनों से बात कही है। उक्त महिला परेशान चल रही थी। हॉलाकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह किस बात से परेशान थी। मामले की जांच की जा रही है।
प्रशांत यादव, कोतवाली टीआई

mukesh yadav Reporting
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