scriptWomen becoming self-reliant by bridging the economic disparity | आर्थिक विषमता को पाटकर आत्मनिर्भर बन रही महिलाएं | Patrika News

आर्थिक विषमता को पाटकर आत्मनिर्भर बन रही महिलाएं

समूह के माध्यम से सोसायटियों की तरह कर रही धान की खरीदी, जिले में पहली बार प्रशासन की पहल पर हो रहा है प्रयास, जिले में १३ समूहों द्वारा की जा रही है धान की खरीदी

बालाघाट

Published: December 18, 2021 10:51:50 pm

बालाघाट. घर की चार दिवारी को फांदकर आर्थिक विषमता को दूर कर महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनने का कार्य कर रही है। दरअसल, प्रशासन की पहल पर जिले में पहली बार समूह के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी करवाई जा रही है। धान की खरीदी सोसायटियों की तरह ही महिलाओं द्वारा भी की जा रही है। इससे मिलने वाले आर्थिक लाभ से महिलाएं मजबूत होंगी। जिले में समूह के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य १३ स्व सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार भले ही समूह की महिलाओं के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य किया जा रहा है। लेकिन इसमें महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों को भी रोजगार मिल रहा है। खरीदी के दौरान महिलाओं द्वारा हल्के या कम वजनी कार्य को किया जाता है, जबकि पुरुषों द्वारा वजनी या फिर उन कार्यों को अंजाम दिया जाता है जो महिलाओं द्वारा नहीं किया जा सकता। इन कार्यों से महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों को भी रोजगार मिल रहा है। हालांकि, ज्यादातर समूहों में स्व सहायता समूह की महिलाओं के परिवार के पुरुष सदस्यों द्वारा ही कार्य किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के लिए जिले में 194 केन्द्र बनाए गए है। इनमें से 13 केन्द्र महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित किए जा रहे है। समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के लिए जिले के 1 लाख 15 हजार 698 किसानों का पंजीयन किया गया है। किसान के बैंक खाते आधार नंबर से लिंक होने का सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। जिले में १७ दिसंबर तक ७ लाख क्विंटल से अधिक की धान की खरीदी की जा चुकी है। इसमें से करीब चार लाख क्विंटल धान का परिवहन किया जा चुका है। जिले के 61 हजार किसानों को धान खरीदी के लिए एसएमएस किया जा चुका है। 34 हजार किसानों का सत्यापन शेष है।
समूहों के माध्यम से महिलाओं को मिल रहा रोजगार
आरती आजीविका स्व सहायता समूह कुम्हारी की केन्द्र प्रभारी सावित्री दशरिए ने बताया कि उनके समूह में १५ महिलाएं शामिल है। धान खरीदी के माध्यम से समूह की महिलाओं और उनके परिवारों को रोजगार भी मिल रहा है। जिससे इन समूह की महिलाओं के परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा पहली बार धान खरीदी का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महिलाओं द्वारा भी पुरुषों की तरह ही कार्य कर रही है।
३१.२५ प्रति क्विंटल का मिलेगा कमीशन
समूह की सदस्यों ने बताया कि उन्हें शासन द्वारा प्रति क्विंटल ३१.२५ रुपए का कमीशन दिया जाएगा। ऐसे में समूह द्वारा जितने धान की खरीदी की जाएगी, उतना ही कमीशन समूह को मिलेगा। इससे समूह की आय में वृद्धि होगी। आरती आजीविका समूह की केन्द्र प्रभारी सावित्री दशरिए ने बताया कि उन्हे दो गांवों के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जिम्मेदारी दी है।
एफएक्यू मापदंड का किया जा रहा है पालन
समूह के सदस्यों ने बताया कि धान की खरीदी के दौरान उनके द्वारा एफएक्यू मापदंड का पालन किया जा रहा है। ताकि समूह के द्वारा खरीदे गए धान को रिजेक्शन न किया जा सकें।
आर्थिक विषमता को पाटकर आत्मनिर्भर बन रही महिलाएं
आर्थिक विषमता को पाटकर आत्मनिर्भर बन रही महिलाएं

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Video Weather News: कल से प्रदेश में पूरी तरह से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, होगी बारिशVIDEO: राजस्थान में 24 घंटे के भीतर बारिश का दौर शुरू, शनिवार को 16 जिलों में बारिश, 5 में ओलावृष्टिदिल्ली-एनसीआर में बनेंगे छह नए मेट्रो कॉरिडोर, जानिए पूरी प्लानिंगश्री गणेश से जुड़ा उपाय : जो बनाता है धन लाभ का योग! बस ये एक कार्य करेगा आपकी रुकावटें दूर और दिलाएगा सफलता!पाकिस्तान से राजस्थान में हो रहा गंदा धंधाइन 4 राशि वाले लड़कों की सबसे ज्यादा दीवानी होती हैं लड़कियां, पत्नी के दिल पर करते हैं राजहार्दिक पांड्या ने चुनी ऑलटाइम IPL XI, रोहित शर्मा की जगह इसे बनाया कप्तानName Astrology: अपने लव पार्टनर के लिए बेहद लकी मानी जाती हैं इन नाम वाली लड़कियां
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.