इन्वेस्टर्स मीट में प्राप्त निवेश पर धरातल हो कार्य

निवेश के प्रस्तावों को गति प्रदान करने मंत्री ने ली अधिकारियों, उद्यमियों की बैठक

By: Bhaneshwar sakure

Updated: 12 Sep 2021, 10:02 PM IST

बालाघाट. इन्वेस्टर्स मीट में प्राप्त निवेश के प्रस्तावों को गति प्रदान करने और अब तक इस दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा के लिए 12 सितम्बर को मंत्री रामकिशोर कावरे की अध्यक्षता में जिले के अधिकारियों एवं उद्यमियों की बैठक का आयोजन किया गया था। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में पूर्व कलेक्टर दीपक आर्य, कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा, जिपं सीईओ विवेक कुमार, पूर्व विधायक रमेश भटेरे, मौसम हरिनखेड़े, एमआईडीसी के कार्यकारी निदेशक सीएस धुर्वे, एमपीईबी के अधीक्षण यंत्री एमए कुरैशी, लोनिवि कार्यपालन यंत्री राजीव श्रीवास्तव, बालाघाट चेंबर्स ऑफ कामर्स अध्यक्ष अभय सेठिया, उद्यमी आशीष त्रिवेदी, हर्ष त्रिवेदी अतुल वैद्य सहित अन्य मौजूद थेे।
मंत्री कावरे ने बैठक में अधिकारियों व उद्यमियों से कहा कि इन्वेस्टर्स मीट में जिले में निवेश संबंधी जो भी प्रस्ताव उद्यमियों की ओर से प्राप्त हुए हैं, वह धरातल पर भी नजर आना चाहिए। यह केवल इन्वेस्टर्स मीट बनकर न रह जाए। बल्कि उसके परिणाम भी सामने आने चाहिए। निवेश के इच्छुक उद्यमियों को जमीन आबंटन से लेकर अन्य अनुमतियां व अधोसंरचना उपलब्ध कराने में कितनी प्रगति हुई इसकी नियमित रूप से समीक्षा होना चाहिए। इसके लिए उद्यमियों एवं अधिकारियों की एक समिति बनाकर हर 15 दिनों में बैठक आयोजित की जाए और इस दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की जाए। शासन स्तर पर संबंधित विभाग के मंत्री स्तर पर जो कुछ भी समस्याएं आएंगी उनके निराकरण के लिए वे स्वयं प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को आबंटन के लिए जो जमीन चिन्हित की गई है वहां पर सड़क बनाने का काम किया जाएगा। प्रथम चरण में बोडुन्दाकला और खापा में सड़क निर्माण के लिए प्रयास किया जाएगा। उन्होंने लघु उद्योगों के अंतर्गत राइस मिलर्स के लिए कनकी में में क्लस्टर्स बनाने कहा।
कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा ने बैठक में बताया कि उद्यमियों को जिला स्तर से जो सुविधाएं दी जा सकती हैं, उन पर तत्परता से कार्य किया जाएगा और जिले में निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि बालाघाट जिले में उद्योग स्थापना के लिए लैंड बैंक भी बनाया गया है। इसमें जिले के 39 ग्रामों की लगभग 1216 हेक्टेयर जमीन को चिन्हित किया गया है। यह चिन्हित जमीन उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए शासन की नीति के अनुरूप आबंटित की जाएगी।

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