लॉकडाउन इम्पैक्टः बारात नहीं आई तो दो बहनों का हुआ ऑनलाइन निकाह, उधर दो बारातियों संग पहुंचा दूल्हा

लॉकडाउन पर नई शुरुआत
- नहीं आ सकी बारात तो दो बहनों का हुआ ऑनलाइन निकाह
- उधर, दुद्धी में सिर्फ दो बारातियों संग पहुंचा दूल्हा
- आगरा में महामारी के चलते पिता ने रुकवाई बेटी की शादी

पत्रिका लाइव.
बलिया. कोरोना वायरस के चलते देशभर में हुए लॉकडाउन से लोगों को तमाम परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। इस मुश्किल दौर में तमाम ऐसे पूर्व निर्धारित कार्य हैं जो टाले नहीं जा सकते। ऐसे में लोग पूरे नियमों का पालन करते हुए और सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखते हुए अपने काम कर रहे हैं। इसी तरह के दो उदाहरण देखने में आए हैं। बलिया में बारात न आ पाने से दो सगी बहनों का निकाह ऑनलाइन पढ़ाया गया। जबकि मिर्जापुर के दुद्धी में भीड़ से बचने के लिए दूल्हा सिर्फ दो बारातियों के साथ पहुंचा।

बलिया नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नंबर 5 में बुधवार को अहमद कुरेशी उर्फ छोटे कुरेशी की दो बेटियों का निकाह तय था। लेकिन कोरोना की वजह से बारात न आने पर शाम 4 बजे मदरसा दारुल उलूम जकरिया के सदर मुदर्रीस व मीर शिकार टोला मस्जिद के पेश इमाम मुफ्ती मोहम्मद अहसन दोनों बेटियों का बिना दूल्हे का ऑन लाइन निकाह पढ़ाया। छोटे कुरेशी की बेटी नगमा परवीन का निकाह नालंदा (बिहार) के आगामा निवासी मोहम्मद मंजूर कुरैशी, पुत्र शमशेर कुरैशी से और एक अन्य बेटी का निकाह गया के अबगीला जगदीशपुर निवासी कलीम कुरेशी मरहूम के पुत्र शाहनवाज अख्तर कुरैशी से पढ़ाया गया।

यहां आए सिर्फ दो बाराती-
उधर, सोनभद्र के दुद्धी में लॉकडाउन के चलते बारात में दूल्हे के साथ सिर्फ दो बाराती आए। वह भी एक गाड़ी से। निकाह के बाद दुल्हन अपने पति के साथ छत्तीसगढ़ होते हुए झारखंड की सीमा तक गई। वहां कनहर नदी पुल को पैदल पार किया और दूसरी गाड़ी से अपने ससुराल भंडरिया चली गई। बारात दुद्धी के अमवार चौकी क्षेत्र व बभनी ब्लॉक के डूब क्षेत्र कोरची गांव में आई। बारात में सिर्फ एक दूल्हा और दो बाराती थे। बारात झारखंड के भंडरिया गांव से आई। दोपहर 12 बजे बारात पहुंची। तय समय पर निकाह पढ़ा गया। उसके बाद बारात दुल्हन को विदा करा कर ले गए।

आगरा में पिता ने रुकवाई बेटी की शादी
आगरा में कोरोनावायरस के चलते एक पिता ने भी अपनी बेटे की शादी रुकवा दी। क्योंकि बारात आती तो भीड़ लगती और संक्रमण फैलने का खतरा हो जाता। परिजनों का कहना है कि वायरस का असर खत्म हो जाएगा तब बेटी के हाथ पीले करेंगे। मामला आगरा की बाह तहसील का है। यहां के बुन्दू शेख की बेटी नगमा को ब्याहने के लिए इटावा के हाशिम पुत्र आसिफ बारात लेकर आने वाले थे। लेकिन पिता ने दूल्हे को बारात लाने से मना कर दिया। दुल्हन नगमा के पिता बुन्दू शेख का कहना है कि हम गरीब लोग हैं। वायरस के प्रकोप को देखते हुए शादी रोक दी है। अब जो भी नुकसान हुआ हो, इस वायरस के खत्म होने के बाद ही हम बेटी की शादी करेंगे।

Abhishek Gupta Desk/Reporting
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