बलिया गोलीकांड में सवालों के घेरे में पुलिस, हमलावर को छोड़ने का आरोप

-डीआईजी ने कहा-आरोपी का भागना पुलिस की लापरवाही
-मृतक के परिजनों ने कहा, राजनीतिक दबाव में छोड़ दिया हमलावर को
-7 गिरफ्तार, हर आरोपी के पीछे लगायी गयी पुलिस की 3-3 टीमें

By: Mahendra Pratap

Updated: 16 Oct 2020, 05:12 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

बलिया. एसडीएम और सीओ के सामने हुई एक युवक की हत्या को लेकर पूरे प्रदेश में बवाल मचा हुआ है। इलाके में तनाव है। भारी संख्या में पुलिसबल तैनात है। मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह अब तक पुलिस की पकड़ में नहीं आया है। हालांकि, सात अन्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस ने हमलावर को पकड़ लिया था। लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते उसको छोड़ दिया गया। इससे पहले शुक्रवार की सुबह मृतक का पोस्टमार्टम किया गया।

बलिया के डीएम हरिप्रताप शाही ने बताया कि इस मामले में आठ लोग नामजद और 25 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें सात लोगों की गिरफ्तारी कर ली गई है। एक-एक आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए तीन-तीन टीमें लगाई गई है। जो भी नामजद आरोपी हैं, वे जल्द ही गिरफ्तार किए जाएंगे। सभी संभावित जगहों पर छापेमारी की जा रही है।

स्थानीय पुलिस की लापरवाही : डीआईजी

डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि जिस हथियार की फायरिंग से शख्स की मौत हुई है वह लाइसेंसी रिवॉल्वर थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट होगा की गन शॉट की इंजरी किससे हुई है। मृतक के भाई ने बताया है कि पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया था। लेकिन उसे छोड़ दिया गया। पुलिस का कहना है कि वह भीड़ का फायदा उठाकर वह भाग गया। अब डीआईजी का कहना है कि यह निश्चित रूप से पुलिस की लापरवाही है और इस पर सख्त एक्शन होगा।

यह था मामला

दुर्जनपुर गांव में बड़े अफसरों की टीम के सामने ही भरी दोपहरी गोलियों की बारिश कर दी गई और एक शख्स को मार डाला गया था। जिस जगह पर हंगामा बरपा है, कोटे की दुकान के लिए बैठक चल रही थी। खुद एसडीएम और सीओ मौजूद थे। तमाम पुलिसवाले भी थे, लेकिन मर्डर हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हंगामा होते ही अधिकारियों ने बैठक स्थगित कर दी और जाने लगे।

कई पर कार्रवाई

इस मामले में लापरवाही बरतने पर मुख्यमंत्री ने एसडीएम, सीओ समेत कई पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। भाजपा विधायक ने कहा, क्रिया की प्रतिक्रिया होती है गोलीकांड पर बलिया के बैरिया से बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने आरोपी का पक्ष लेते हुए कहा है कि गोलीकांड के आरोपी को पीटा गया। ऐसे में क्रिया की प्रतिक्रिया होगी ही। सुरेंद्र सिंह ने कहा कि वहां प्रशासन पहले से मौजूद था। फिर भी गोलीकांड के आरोपी के पिता को लोगों ने डंडे से मारा। उन्होंने कहा, आरोपी के परिजन भी घायल हुए हैं, उनके आरोपियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। गौरतलब है कि गोली मारने वाला धीरेंद्र प्रताप विधायक सुरेंद्र सिंह का करीबी है।

अखिलेश ने कहा, अपने लोगों की गाड़ी पलटाएगी सरकार

प्रदेश की कानून व्यवस्था पर निशाना साधते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहाकि, बलिया में सत्ताधारी भाजपा के एक नेता के, एसडीएम और सीओ के सामने खुलेआम, एक युवक की हत्या कर फऱार हो जाने से उप्र में क़ानून व्यवस्था का सच सामने आ गया है। उन्होंने ट्विट किया है कि अब देखें क्या एनकाउंटरवाली सरकार अपने लोगों की गाड़ी भी पलटाती है या नहीं।

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