बीजेपी इस दिग्गज महिला नेता को लोकसभा चुनाव में बनाएगी प्रत्याशी, इस सीट से लड़ाएगी चुनाव

सपा को दे चुकी है टक्कर, विरोधियों में बढ़ी बेचैनी

बलिया. 2019 लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है। सभी राजनीतिक दलों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। 2017 विधानसभा चुनाव में बीजेपी से बगावत कर चुनाव लड़ने वाली केतकी सिंह की पार्टी में वापसी हो गई है। लोकसभा चुनाव से पहले इनकी वापसी से बलिया में पार्टी मजबूत होगी। 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी केतकी सिंह को बलिया लोकसभा सीट से उम्मीदवार बना सकती है। केतकी ने 2017 चुनाव में बांसडीह से चुनाव लड़ा था और मामूली अंतर से चुनाव हारा था। बताया जा रहा है कि केतकी सिंह को इस बार भाजपा अपना उम्मीदवार बना सकती है।


यूपी चुनाव को लेकर एक जनसभा में खूब रोई थी केतकी सिंह
यूपी चुनाव के लिए टि‍कट बंटवारे को लेकर बीजेपी नेत्री केतकी सिंह एक जनसभा में जमकर रोयीं। यहीं से उन्‍होंने जान देने से लेकर जान लेने तक का ऐलान भी कर दिया। वहीं, इसी लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी सांसद रविंद्र कुशवाहा ने कहा, हमें केतकी सिंह को विधायक बनाना है कोई माई का लाल विधायक बनाने से नहीं रोक सकता। मैं इस सभा में आया हूं और हमें यहां आने के लिए किसी की इजाजत की जरुरत नहीं है।


बांसडीह से कटा था टिकट
दरअसल, बांसडीह विधानसभा सीट से बीजेपी ने केतकी सिंह का टिकट काटकर अपने सहयोगी दल भासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को दे दिया है। इस फैसले से बीजेपी की उम्मीदवार केतकी सिंह सहित सलेमपुर सांसद रविंद्र कुशवाहा भी आहत दिखे। केतकी सिंह की मानें तो वह अपनों की साजिश का शि‍कार हुई हैं। केतकी सिंह ने कहा, जिसके लिए जान दी है उसकी जान वह ले भी सकती है।बीजेपी सांसद ने कहा- केतकी सिंह को विधायक बनाना है इस सीट को गठबंधन के चलते टि‍कट भासपा को मिलने के बाद भी इस बागी जनसभा में इसी सलेमपुर क्षेत्र से बीजेपी सांसद रविंद्र कुशवाहा मौजूद हैं। उन्‍होंने कहा, केतकी सिंह को विधायक बनाना है और कोई इसको रोक नहीं सकता। पार्टी आला कमान से बात हो रही है और इस सीट के लिए कुछ भी हो सकता है।

2012 में सपा को दी थी टक्कर
भाजपा की प्रबल दावेदार केतकी सिंह ने 2012 यूपी विधानसभा चुनाव में सपा के रामगोविंद चौधरी को कड़ी टक्कर दी थी। अब भासपा और भाजपा गठबंधन के बाद ओमप्रकाश राजभर ने बांसडीह विधानसभा सीट से अपने उमीदवार को लड़ाने की ज़िद पर अड़े हैं। जिस मांग पर बीजेपी को झुकना पड़ा और आखिरकार अपनी ही नेता केतकी सिंह को बाहर का रास्ता दिखाना पड़ा।

sarveshwari Mishra Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned