पति की हत्या के बाद न्याय के लिए दर-दर भटक रही महिला, पुलिस वालों पर लगाया गंभीर आरोप

पति की हत्या के बाद न्याय के लिए दर-दर भटक रही महिला, पुलिस वालों पर लगाया गंभीर आरोप
Manju pathak

Sarweshwari Mishra | Updated: 11 Oct 2019, 10:38:47 AM (IST) Ballia, Ballia, Uttar Pradesh, India

आजमगढ़ कमिश्नर से सुनाई आपबीती, कहा एफआईआर दर्ज कर आरोपियों को भेजें जेल

बलिया. आजमगढ़ की कमिश्नर कनक त्रिपाठी के बलिया पहुंचते ही मिश्रौली थाना क्षेत्र के उंभाव जिला बलिया की रहने वाली मंजू पाठक अपने स्वर्गवासी पति अविनाश चंद्र पाठक के लिए गुहार लगा रही है। मंजू पाठक ने उंभाव थाना द्वारा अपने मृत पति की हत्या की तहरीर न लिखी जाने की शिकायत भी की।


बता दें कि 19 सितम्बर की रात मंजू पाठक के पति अविनाश चंद्र पाठक की हत्या हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि उनके पति की हत्या उन्हीं के साथियों ने की और हत्या को आत्महत्या में बदलने के लिए खेत में उनकी लाश को ऐसे पानी में फेंका गया जिसमें आदमी डूब ही नहीं सकता। उसके बावजूद भी पुलिस ने इसे आत्महत्या का केस मानते हुए मुकदमा दर्ज करने से मना कर दिया। मंजू पाठक ने पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके मृत पति के शरीर पर जो चोट के निशान भी थे लेकिन पोस्टमार्टम में भी कोई चोट का निशान नहीं आया। श्रीमती पाठक ने कमिश्नर आजमगढ़ श्रीमती त्रिपाठी से गुहार लगाई है कि मेरे पति के हत्यारों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करके आरोपियों को जेल भेजा जाए ।


ये था पूरा मामला
दरअसल, स्वर्गीय अविनाश पाठक से इनके मित्र रामप्रकाश यादव ने 100000 एक सप्ताह में वापस करने के नाम पर लिया था और एक सप्ताह में देने की बात कही थी । जब स्वर्गीय पाठक ने एक सप्ताह के बाद पैसे की डिमांड की तो 19 तारीख की शाम को रामप्रकाश यादव यह कहकर अपने साथ ले गया कि चलिए आपका पैसा देते हैं और उसके बाद अविनाश का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया और सुबह उनकी लाश खेत में पड़ी मिली । इन लोगों का आरोप है कि अपराधी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अविनाश की हत्या की है । श्रीमती पाठक की गुहार सुनने के बाद मंडलायुक्त ने एसओ उभांव को फोन द्वारा एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया । वहीं जब इस संबंध में एसओ उभांव से वार्ता की गई तो उनका कहना था कि उनकी दरख्वास्त पर पुलिस अधीक्षक बलिया के निर्देश के अनुक्रम में एफ आई आर दर्ज किया जाएगा, अभी तक पुलिस अधीक्षक ने इस संबंध में कोई आदेश नहीं दिया है ।

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