कारखाने में गन्ना लेकर पहुंचे 200 किसान कर रहे गाड़ी खाली करने का इंतजार

दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना में नए सत्र की पेराई की तैयारी पूरी हो चुकी है, पर बायलर भट्ठी अभी गरम नहीं हो पाई है। शक्कर कारखाने में गन्ने से भरी 200 किसानों की गाडिय़ों की कतार लग गई है।

By: Chandra Kishor Deshmukh

Published: 07 Jan 2019, 08:30 AM IST

बालोद. औपचारिक पूजा के साथ जिले का एक मात्र दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना में नए सत्र की पेराई की तैयारी पूरी हो चुकी है, पर बायलर भट्ठी अभी गरम नहीं हो पाई है। इसे गरम करने में अभी और समय लगेगा। इधर शक्कर कारखाने में गन्ने से भरी गाडिय़ों की कतार लग गई है। लगभग 200 किसान अपने गन्ने लेकर कारखाना पहुंच गए हैं। जानकारी अनुसार भट्ठी के गरम नहीं होने की वजह से कारखाने में पेराई शुरू नहीं हो सकी है। इसके कारण गन्ना लेकर पहुंचे किसानों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।

आग लगाने के 24 घंटे बाद हाई टेंप्रेचर में कारखाने को चालू किया जाएगा
शक्कर कारखाने के प्रबंधन ने जानकारी दी है कि गन्ने की पेराई 7 जनवरी से लगातार जारी रहेगी। रविवार को भी कारखाना प्रबंधक बायलर भट्ठी में आग लगाने की तैयारी में रहे, शायद देर रात या फिर सोमवार सुबह ही भट्ठी में आग लगाए जाएंगे। आग लगाने के 24 घंटे बाद हाई टेंप्रेचर में कारखाने को चालू किया जाएगा तब जाकर कारखाने में पेराई लगातार जारी रखी जाएगी।

लगातार घाटे में कारखाना, इस बार बेहतर उत्पादन की उम्मीद
गौरतलब है कि जिले का एक मात्र शक्कर कारखाना अभी तक घाटे से उबर नहीं पाया है, क्योंकि कारखाना में तेज गति से गन्ने की पेराई व शक्कर का उत्पादन नहीं हो पा रहा है इस वजह से यहां उत्पादित शक्कर की कम बिक्री हो रही है। अभी भी कारखाने में बीते साल गन्ना पेराई कर उत्पादित किए गए शक्कर बचे हुए हैं। अब फिर से गन्ना पेराई का नया सत्र आ गया है।

इस बार बॉयलर ने धोखा दिया, तो और बढ़ जाएगी मुसीबत
बीते साल शक्कर कारखाने में गन्ने की पेराई लगातार जारी थी, पर कुछ दिन बाद कारखाने के बॉयलर मशीन में लगातार आई खराबी की वजह से अधिकारियों के साथ किसान हलकान रहे। बीते साल 4 बार कारखाने में काम बंद करना पड़ा था। इस बार बॉयलर मशीन को ठीक तरह से दुरूस्त किया गया है। इन्हीं मशीन पर ही पूरा कारखाना टिका हुआ है।

क्या है बॉयलर मशीन
मिली जानकारी के मुताबिक बायलर मशीन से ही कारखाना संचालित होता है। इसमें खराबी आ जाने से पूरा कारखाना बंद हो जाता है। बॉयलर में पानी रहता है जो गर्म होकर भाप बनकर प्रेशर से टरबाइन को चलाता है, जिससे पूरे कारखाना में बिजली सप्लाई होती है तब कारखाना शुरू होता है।

Show More
Chandra Kishor Deshmukh Bureau Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned