मदद के नाम पर धोखा, ATM कार्ड बदलकर खाते से पैसे निकालने वाले तीन आरोपी यूपी से गिरफ्तार

जिन लोगों को एटीएम चलाना नहीं आता, उन्हें सहयोग करने की बात कहकर एटीएम बदल देते थे। एटीएम से पिन नम्बर पताकर रुपए निकाल लेते थे।

By: Dakshi Sahu

Published: 16 Jan 2021, 05:49 PM IST

बालोद. नए साल में बालोद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बालोद पुलिस की विशेष टीम ने 2019 में हुए एटीएम फ्रॉड के तीन आरोपियों को उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार कर लिया। तीनों को बालोद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। शुक्रवार को इसका खुलासा एसपी ने पुलिस कंट्रोल रूम में प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। पकड़े गए सभी आरोपी उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। तीनों आरोपी छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में खुद की कार से पहुंचते। एटीएम में जिन लोगों को एटीएम चलाना नहीं आता, उन्हें सहयोग करने की बात कहकर एटीएम बदल देते थे। एटीएम से पिन नम्बर पताकर रुपए निकाल लेते थे।

2019 में टीकम यादव के एटीएम को किया था बदली
एएसपी डीआर पोर्ते ने बताया कि यह मामला 2019 का है। प्रार्थी टीकम कुमार यादव पिता कन्हैया राम यादव पता-ग्राम कोटगांव थाना अर्जुन्दा, कोरगांव हाईस्कूल में कर्मचारी है। जो 10 जुलाई 2019 को सिकोसा एसबीआई एटीएम में पैसा निकालने गया। एटीएम से पैसा नहीं निकलने पर प्रार्थी के बगल में खड़े अज्ञात व्यक्ति ने पैसा निकाल कर देने के नाम पर प्रार्थी के एटीएम कार्ड और पिन नम्बर प्राप्त कर लिया। अपने पास रखे एटीएम कार्ड से प्रार्थी के एटीएम कार्ड को बदलकर फरार हो गया। प्रार्थी ने एटीएम कार्ड देखने पर दूसरे का होने पर एसबीआई बैंक जाकर जानकारी ली। किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके खाते से युको बैंक के एटीएम से 8000 रुपए निकाल लिया। थाना गुंडरदेही में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया था।

यूपी पुलिस ने की आरोपियों को पकडऩे में सहायता
धारा 420 के आरोपियों को पकडऩे के लिए पुलिस को मेहनत करनी पड़ी। उत्तरप्रदेश पुलिस से भी सहायता ली गई। दोनों पुलिस टीम मिलकर अलग-अलग जगह से आरोपियों को पकडऩे में सफल हुई। आरोपी हिंदराज पिता रामभरोसे निवासी सगरा सुन्दर थाना लालगंज जिला प्रतापगढ़ (उ.प्र.), दूसरा आरोपी का नाम इरशाद पिता सफीर (20) निवासी चकवंदतोड थाना कोतवाली जिला प्रतापगढ़ व तीसरा आरोपी शैलेन्द्र कुमार यादव पिता लाल बहादुर यादव (22) निवासी सगरा थाना कोतवाली जिला प्रतापगढ़ (उप्र) हैं। सभी को 13 जनवरी को उनके निवास स्थल से गिरफ्तार कर बालोद लाया गया। फिलहाल आरोपी ने अपना गुनाह कबूल लिया है। पुलिस आगे की पूछताछ कर रही है।

एसपी के निर्देशन में बनी थी स्पेशल टीम
मामले को सुलझाने के लिए एसपी जितेंद्र सिंह मीणा, एएसपी डीआर पोर्ते, एसडीओपी दिनेश सिन्हा ने स्पेशल टीम बनाई थी। आठ जनवरी को टीम उत्तरप्रदेश रवाना हुई। स्पेशल टीम ने साइबर सेल से तकनीकी जानकारी एवं बैंक खातों की डिटेल प्राप्त कर प्रतापगढ़ उत्तरप्रदेश रवाना होकर टीम वहां ग्रामीण वेशभूषा में 10 दिन रहकर अज्ञात आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर प्रकरण के 3 आरोपियों को घटना में प्रयुक्त उसकी स्विफ्ट कार के साथ गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

मामले को सुलझाने में इनका रहा योगदान
धोखाधड़ी के प्रकरण को सुलझाने व आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी गुंडरदेही रोहित मालेकर, सउनि हुसैन सिंह वाकुर, प्रधान आरक्षक रामप्रसाद गजभिये, साइबर सेल से प्रधान आरक्षक रूमलाल चुरेन्द्र, आरक्षक पूरन देवांगन, आरक्षक मिथलेश यादव, आरक्षक विपिन गुप्ता, आरक्षक संदीप यादव का सराहनीय भूमिका रहा। इनके प्रयास से आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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