बालोद : मौत के 6 घंटे बाद दिया शव, परिजनों ने प्रशासन पर भड़ास निकाली, अब तक 112 लोग गवां चुके हैं अपनी जान

बालोद जिले में कोरोना संक्रमण भले ही कम हुआ हो, लेकिन मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। गुरुवार को जिले में एक और मरीज की मौत हो गई। अब जिले में कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 112 हो गई है।

By: Chandra Kishor Deshmukh

Published: 12 Feb 2021, 06:22 PM IST

बालोद. जिले में कोरोना संक्रमण भले ही कम हुआ हो, लेकिन मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। गुरुवार को जिले में एक और मरीज की मौत हो गई। अब जिले में कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 112 हो गई है। गुरुवार को बालोद के वार्ड-8 निवासी दयाराम देवांगन (63) की मौत हुई। इनके बेटे इंद्रजीत ने धमतरी के बठेना अस्पताल व यहां के प्रशासन पर जमकर भड़ास निकाली।

स्वास्थ्य ज्यादा बिगडऩे पर कोरोना जांच की गई
इंद्रजीत ने बताया कि उनके पिता को कई परेशानी थी, जिसका इलाज कराने धमतरी के बठेना अस्पताल ले गए। जहां एक से 9 फरवरी तक जनरल वार्ड में भर्ती रख कर इलाज किया। यह नहीं बताया कि वह कोरोना पॉजिटिव हैं। क्योंकि इनकी जांच नहीं की थी। स्वास्थ्य ज्यादा बिगडऩे पर 10 फरवरी को रायपुर एमएमआई अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी कोरोना जांच की गई, जिसमें रिपोर्ट पॉजिटिव आई। कोरोना पॉजिटिव की जानकारी मिलते ही परिजन तत्काल गुरुवार को बालोद ला रहे थे। बालोद कोरोना अस्पताल से राजनांदगांव ले जाने की तैयारी थी। लेकिन उनकी मौत हो गई।

सुबह 11 बजे मौत, शाम 4 बजे मिला शव
मृतक के बेटे इंद्रजीत ने बताया कि उनके पिता की मौत सुबह 11 बजे कोरोना अस्पताल बालोद के सामने हो गई। लेकिन कोरोना मृतक का शव परिजनों को सौपने में 6 घंटे लगा दिए। कोरोना अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक जब तक तहसीलदार, एसडीएम से अनुमति नहीं मिलेगी, तब तक उनके शव को परिजनों को नहीं सौंप सकते। इन जिम्मेदार अधिकारियों की धीमी कार्रवाई की बदौलत ही शव को परिजनों को शाम 4 बजे सौंपा गया। सुबह से ही मृतक की पत्नी उषा बाई अपने पति के पास ही रोती रही।

शाम 5 बजे किया अंतिम संस्कार
कोरोना से मौत की पुष्टि के बाद मृतक के शव को स्थानीय मुक्तिधाम में ले जकार कोरोना गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार किया गया। वहीं अब मृतक के सम्पर्क में आए लोगों की भी कोरोना जांच की जाएगी।

सावधानी जरूरी, 900 जांच में मिल रहे 1 से 6 संक्रमित
जिला प्रशासन के निर्देश पर कोरोना जांच की संख्या बढ़ा दी गई है। क्योंकि कुछ दिनों से 400 से 700 लोग ही कोरोना की जांच करवा रहे हैं। अब लोगों को कोरोना जांच के लिए जागरूक किया जा रहा है। कुछ दिनों से जिले में 900 से अधिक लोगों की कोरोना जांच की जा रही है। जिसमें से प्रतिदिन 1 से 6 मरीज ही मिल रहे हैं। फरवरी माह के 10 दिनों में ही 36 मरीज मिल चुके हैं।

अस्पतालों में कोरोना जांच रिपोर्ट दिखाने पर ही इलाज
कोरोना संक्रमण भले ही कम हुआ हो लेकिन अभी भी कोरोना का डर बना हुआ है। लोगों को अभी भी सतर्कता बरतने की जरूरत है। अगर कोई गम्भीर मरीज है तो उनका कोरोना जांच अनिवार्य है। यही नहीं भर्ती के बाद कोरोना जांच करना जरूरी किया गया है। निजी अस्पतालों में भी पहले कोरोना जांच की रिपोर्ट मांगते हैं। दरअसल अभी भी कोरोना के मरीज मिल रहे हैं और लगातार हो रही मौत भी चिंता का कारण बनी हुई है।

जिले में कोरोना के 4 नए मरीज मिले
गुरुवार को जिलेभर में कोरोना के मात्र 4 नए मामले सामने आए हैं। मरीजों की संख्या बढ़कर 9887 हो गई है। स्वस्थ होने पर 2 मरीज को डिस्चार्ज किए गए। एक्टिव मरीजों की संख्या घटकर 192 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कोरोना से मरने वालों की संख्या 112 है। जिलेभर में विभिन्न जगहों और गांव में शिविर लगाकर गुरुवार को 1061 लोगों की कोरोना जांच की गई। अभी तक 1 लाख 56 हजार 866 लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है। जिसमें 9887 लोग संक्रमित मिले हंै। अभी तक 9584 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं। 20 कोरोना संक्रमित अपने घर पर इलाज करा रहे हैं।

Chandra Kishor Deshmukh Bureau Incharge
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