आखिर क्यों इस छात्रा ने आईटीआई के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया

आखिर क्यों इस छात्रा ने आईटीआई के मुख्य गेट पर ताला जड़  दिया
आखिर क्यों इस छात्रा ने आईटीआई के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया

Chandra Kishor Deshmukh | Publish: Oct, 06 2019 08:01:01 AM (IST) Balod, Balod, Chhattisgarh, India

शासकीय आईटीआई में शुक्रवार को एक छात्रा ने पहले जमकर हंगामा किया फिर आईटीआई खुलने के आधा घंटा बाद तक शिक्षकों के नहीं पहुंचने पर मेनगेट पर ही ताला जड़ दिया।

बालोद @ patrika. शासकीय आईटीआई में शुक्रवार को एक छात्रा ने उस वक्त हंगामा करना शुरू कर दिया जब वह निर्धारित समय 7.30 बजे पर पहुंची और आधे घंटे तक इंतजार किया। जब प्रेयर हुआ तो लगभग आधा दर्जन छात्र ही वहां मौजूद थे। आधे घंटे तक वहां केवल एक ही शिक्षक थे। जिसे देखकर आधे घंटे बाद एक छात्रा ने मेनगेट पर ही ताला जड़ दिया।

आधे घंटे बीतने के बाद भी नहीं पहुंचे थे शिक्षक व प्राचार्य
बालोद आईटीआई में डौंडी क्षेत्र के कुमुड़कट्टा से पढऩे आने वाली छात्रा देविका सहित लगभग 7 लोग 7.30 बजे आईटीआई पहुंच चुके थे। उस समय केवल एक शिक्षक वहां मौजूद थे। प्रेयर भी हो गई और कक्षा भी लग गई। आधे घंटे बीत गए लेकिन वहां न तो प्राचार्य पहुंचे और न ही अन्य शिक्षक। जिसे देखकर छात्रा देविका ने वहां मौजूद कक्षा शिक्षक को जानकारी देते हुए आईटीआई में रखे ताले व चाबी को लेकर मेनगेट के पास पहुंची और ताला लगा दिया।

थोड़ी देर होने पर लगा देते हैं अबसेंट
देविका ने कहा कि वह 30 किमी दूर से प्रतिदिन आईटीआई पढऩे आती है। आईटीआई लगने का समय जल्दी होने की बात कहते हुए उनके व उनके साथियों ने पिं्रसिपल के पास आवेदन देकर समय सारिणी में बदलाव की बात कही थी। प्रिंसिपल ने समय बदलने से इनकार कर दिया। छात्रा ने कहा कि कभी साधन नहीं मिलने के कारण अगर आईटीआई पहुंचने में देर हो जाती है तो उनका अबसेंट लगा दिया जाता है।

दूसरे शिफ्ट के शिक्षक पहुंचे तो देखा मेनगेट पर लगा था ताला
आईटीआई में सुबह 9.30 बजे दूसरे शिफ्ट लगती है। उस समय शिक्षक, बच्चे व प्रिंसिपल आईटीआई पहुंचे तो मेनगेट पर अंदर से ताला लगा हुआ था। छात्रा को मनाने की कोशिशें की गई लेकिन वह नहीं मानी। अंत में बाहर खड़े बच्चों को 10.30 बजे छुट्टी करनी पड़ी।

टीचर्स आते हैं मनमर्जी से
ताला जडऩे वाली छात्रा देविका रावटे ने बताया कि मैं डौंडी के कुमुड़कट्टा गांव से यहां पढऩे आती हूं। सुबह 4 बजे उठकर बड़ी मुश्किलों से पहुंचती हूं और आने में थोड़ा लेट हो जाए तो हमेशा अबसेंट लगा दिया जाता है। वहीं यहां पढ़ाने वाले टीचर्स अपने मनमर्जी से आते हैं। जिससे परेशान होकर मैंने ताला लगा दिया। देविका ने बताया यहां दूर से पढऩे आने वाली बच्चियों के लिए किसी भी तरह हॉस्टल की सुविधा नहीं है।

छात्रा को समझाइश के तौर पर दिया जाएगा नोटिस
पूरे मामले में आईटीआई प्रिंसिपल अंशुल शुक्ला ने कहा कि मुझे जानकारी है कि यहां पढऩे आने वाले कई छात्र दूर ग्रामीण अंचलों से आते हैं, जिसके चलते कभी साधन नहीं मिलने के कारण समय पर नहीं पहुंच पाते, इसे मैं समझता हूं। उनके कक्षा शिक्षक अगर थोड़ी बहुत देर होने पर छात्रों का अबसेंट लगा देते हैं तो यह गलत है। छात्र अबोध है लेकिन आवेश में आकर इस तरह का कृत्य करना गलत है। दोबारा इस तरह की गलती न दोहराए इसके लिए समझाइश के तौर पर छात्रा को नोटिस दिया जाएगा।

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