ये हैं छत्तीसगढ़ के पैड मैन भोज साहू, गांव की महिलाओं और बेटियों की तकलीफ समझकर फ्री में बांटते हैं सेनेटरी नेपकिन

बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम देवरी (द) के पर्यावरण प्रेमी भोज साहू ने अपने गांव में महिलाओं व किशोरी बालिकाओं को एक माह से नि:शुल्क सेनेटरी नैपकिन दे रहे हैं। (Balod's padman Bhoj Sahu)

By: Dakshi Sahu

Published: 16 Dec 2020, 12:33 PM IST

बालोद. महिलाओं के आर्थिक विकास और उन्हें सामाजिक कुरीतियों से बाहर निकालने का दावा हर स्तर पर किया जाता है, लेकिन महिलाओं के हर माह की तकलीफ को समझ पाना हर किसी के लिए संभव नहीं है। महिलाओं के इस दर्द को कोई समझ नहीं सकता। महिलाएं अपनी इस तकलीफ को किसी से साझा भी नहीं कर पाती। लेकिन बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम देवरी (द) के पर्यावरण प्रेमी भोज साहू ने अपने गांव में महिलाओं व किशोरी बालिकाओं को एक माह से नि:शुल्क सेनेटरी नैपकिन दे रहे हैं। इस पर आने वाला खर्च भी खुद उठा रहे हैं। वे नैपकिन खरीदकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दे देते हैं। जिसके बाद जरूरतमंद महिलाओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नि:शुल्क वितरण कर रहे हैं। इस नेक कार्य से जिले में यह गांव आदर्श बना हुआ है।

बालोद जिले का पहला गांव जहां फ्री में मिलता है पैड
ग्राम देवरी (द) जिले का पहला ऐसा गांव है, जहां इस तरह की पहल की जा रही है। जानकारी के मुताबिक इस गांव की 175 महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन वितरण किया जाता है। पर्यावरण प्रेमी भोज साहू ने बताया कि उसने सुना था कि राजनांदगांव जिले के एक गांव में माहवारी के समय महिलाओं को एक सप्ताह तक घर से बाहर रखा जाता है। उन्होंने सोचा कि उनके गांव की महिलाओं एवं युवतियों को इस तरह की समस्याओं से जूझना नहीं पड़े, इसलिए इसकी शुरुआत की। वे गांव की मितानिन, सरपंच व महिला समूह के माध्यम से अपने खर्च पर यह सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध करा रहे हैं। महिलाएं जब भी जरूरत पड़े तो उसे गांव की आंगनबाड़ी केंद्र से नि:शुल्क प्राप्त कर सकते हैं।

ये हैं छत्तीसगढ़ के पैड मैन भोज साहू, गांव की महिलाओं और बेटियों की तकलीफ समझकर फ्री में बांटते हैं सेनेटरी नेपकिन

पर्यावरण प्रेमी भोज को अब पैड मैन भी कहते हैं
भोज साहू शासकीय कार्यों में सहयोग कर ही रहे हैं, लेकिन जनहित के कार्य में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पर्यावरण संरक्षण के लिए गांव-गांव में जाकर पौधे लगाने, प्लास्टिक का उपयोग न करने, नशा मुक्त गांव बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे है। गांव में महिलाओं के लिए इस तरह की सुविधा उपलब्ध कराने भोज साहू को अब पर्यावरण प्रेमी के साथ पैड मैन भी कहते हैं।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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