बच्चों ने कहा हमें नहीं पता मोबाइल पर कहां से आया मौत का साया ब्लू वेल गेम

Dakshi Sahu

Publish: Sep, 16 2017 01:41:54 (IST)

Police Station, State Highway 5, Deori Bangla, Balod, Chhattisgarh, India
बच्चों ने कहा हमें नहीं पता मोबाइल पर कहां से आया मौत का साया ब्लू वेल गेम

जिला मुख्यालय में भी जानलेवा मोबाइल गेम ब्लू व्हेल खेलने से 6 बच्चों ने अपने हाथ की कलाई काट कर निशान बना लिया है।

बालोद. जिला मुख्यालय में भी जानलेवा मोबाइल गेम ब्लू व्हेल खेलने से 6 बच्चों ने अपने हाथ की कलाई काट कर निशान बना लिया है। इस घटना के बाद से पुलिस के साथ पालकों के होश उड़ गए हैं। इसलिए घटना सामने आने के दूसरे दिन से पुलिस पूरी तरह सक्रिय हो गई है। वे गुरुवार को ही योजना बनाकर शुक्रवार को स्कूलों के साथ सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। एसपी दीपक झा व एडिश्नल एसपी जेआर ठाकुर के मार्गदर्शन में पुलिस की विशेष टीम जागरूकता अभियान चला रही है।

बच्चों पर रखी जा रही है कड़ी नजर
इधर जानलेवा मोबाइल गेम ब्लू व्हेल के बारे में इन बच्चों से पूछताछ के बाद इनके पालकों से भी पूछताछ की गई। एएसपी जेआर ठाकुर ने बताया बच्चों का कहना है कि उसके मोबाइल में किसने ब्लू व्हेल गेम डाउन लोड किया हमें पता नहीं है, पर यह सही है कि बच्चों के हाथ की कलाई में कुछ निशान बना है, जो ब्लू व्हेल गेम खेलने के दौरान ऐसे निशान खेलने वाले लोग अपने शरीर पर बनाए देखे
गए हंै।

वहीं इन बच्चों पर कड़ाई से नजर रखी जा रही है, क्योंकि पकड़े गए ये बच्चे अपने स्कूल में ही ब्लू व्हेल गेम खेल रहे थे, पर पुलिस जांच में अभी तक कोई बड़ा तथ्य सामने नहीं आया है, लेकिन बच्चों के हाथों में बनाए निशान से सभी सकते में हैं।

एसडीएम ने बच्चों से की अपील
बच्चे के उपयोगी सभी उपकरणों पर नजर रखें। स्क्रीन के समय की निगरानी करें व उनकी ऑन लाइन गतिविधियों पर नजर रखें।
अपने बच्चे के व्यवहार का बारिकी से आंकलन करें। किसी भी असामान्य बदलाव जैसे मनोदशा, कम या ज्यादा बातचीत, पढ़ाई में रूचि कम होना, ग्रेड गिरना आदि।
स्कूल के शिक्षक व अधिकारियों से बात करें या बाल मनोवैज्ञानिक से चर्चा करें।
यदि आपको पता चलता है कि आपका बच्चा ब्लू व्हेल चैलेंज गेम खेल रहा है तो तुरंत उसके इंटरनेट उपयोग करने पर रोक लगा दें। पुलिस को सूचित करे।
शिक्षकों को छात्रों के ग्रेड गिरने व उनके सामाजिक व्यवहार पर नजर रखना चाहिए एवं व्यक्तिगत ऐसे बच्चों से बात करें जो अन्य बच्चों के साथ ज्यादा बातचीत नहीं करते हैं।
यदि शिक्षक को बच्चों के व्यवहार में कुछ संदेहास्पद या खतरनाक लगता है तो तुरंत स्कूल अधिकारियों एवं अभिभावक को सूचित करें ।
पुलिस से सहायता के लिए नंबर 100 डायल करें।

सरदार पटेल मैदान में जहां स्वछता सप्ताह में सभी स्वछता का संकल्प ले रहे थे, पर इस कार्यक्रम के ठीक एक दिन पहले ही नगर के छह बच्चों ने ब्लू व्हेल गेम से अपने हाथ की कलाई काटकर निशान बनाए हैं, पर इस कार्यक्रम के लिए बच्चों की भीड़ लाई गई थी, पर किसी ने इस गंभीर विषय पर चर्चा नहीं की, जबकि वर्तमान में सबसे खतरनाक खेल यही है।

जब पत्रिका ने एसडीएम हरेश मंडावी को इस विषय पर पहल करने की बात कही और स्कूली बच्चों को इस गेम से दूर रहने जागरूक व अपील करने की बात कही तो मंच में ही मंच संचालक के माध्यम से स्कूली बच्चों को समझाइश दी गई और इस गेम से दूर रहने की अपील की गई।

बता दें कि इस घटना के बाद पुलिस विभाग सतर्क हो गया है और उक्त मोबाइल को जब्त भी कर लिया है। यही नहीं बच्चों को इस गेम से दूर रहने समझाने के लिए शुक्रवार को पुलिस विभाग पंपलेट लेकर निजी स्कूलों में पहुंची और बच्चों को ब्लू व्हेल गेम से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में बताया गया। साथ ही जागरूकता पंपलेट भी बांटे और सभी से अपील की कि कभी ये ब्लू व्हेल गेम न खेलें।

किसी भी सूरत में इस गेम में न फसें। शुक्रवार को पुलिस विभाग नगर के सेंट कबीर, गुरुकुल विद्यापीठ सहित और भी स्कूलों में जाकर छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया। एससपी बालोद जेआर ठाकुर ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा स्कूल-कॉलेज में जाकर व पालकों से भी अपील कर रहे हैं कि कभी भी इस ब्लू व्हेल गेम न खेलें। यह अभियान अभी जारी रहेगा सभी स्कूल-कॉलेजों में यह जागरूकता अभियान पुलिस टीम द्वारा चलाई जाएगी।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned