हड़बड़ी में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी गड़बड़ी: स्वस्थ्य व्यक्ति को पॉजिटिव बता कोरोना मरीजों के साथ रखा, सकते में परिवार

जिले में कोरोना जांच का दायरा बढ़ाया है, तब से प्रतिदिन 100 से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। बढ़ती मरीजों की संख्या से जिला स्वास्थ्य विभाग भी हांप गया है।

By: Dakshi Sahu

Published: 20 Sep 2020, 01:11 PM IST

बालोद. जिले में कोरोना जांच का दायरा बढ़ाया है, तब से प्रतिदिन 100 से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। बढ़ती मरीजों की संख्या से जिला स्वास्थ्य विभाग भी हांप गया है। अब कोरोना जांच में गड़बड़ी भी सामने आ रही है। जिसे कोरोना पॉजिटिव बताकर आइसोलेशन केंद्र में भर्ती कर रहे हैं, उन लोगों की रिपोर्ट दो दिन बाद नेगेटिव आ रही है। यानी जो पॉजिटिव नहीं है, उसे कोरोना मरीजों के साथ रखा जा रहा है। जिले में इस तरह के दो मामले सामने आ चुके हैं। इन लापरवाहियों से अब परिजन भी स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। मरीजों को सही रिपोर्ट देने की भी सलाह दे रहे हंै। ताकि कोरोना काल मे किसी को यह न लगे कि उसे कुछ हुआ ही नहीं और पॉजिटिव बता कर भर्ती कर रहे है।

निगेटिव मरीज को पॉजिटिव मानकर एम्बुलेंस से लाए
पर्रेगुड़ा निवासी साधना की कोरोना जांच कुछ दिन पहले हुई थी। उनके साथ उनके बड़े पिता व उनकी बेटी की भी कोरोना जांच हुई थी। बड़े पिता गांव के कोटवार हैं। उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई। साधना ने बताया कि शुक्रवार को अचानक शाम को स्वास्थ्य विभाग से एंबुलेंस उनके घर के पास पहुंची। साथ में ग्राम पंचायत सचिव व मितानिन भी पहुंचे। उस समय घर में उनके माता-पिता नहीं थे। उनके घर के सामने आवाज देकर यह बताया गया कि उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। इनका विरोध करने पर जबरदस्ती ही दबावपूर्वक सीधे एम्बुलेंस में बिठाकर आइसोलेशन केंद्र ले गए।

साधना ने कहा-रिपोर्ट दिखाओ, नहीं दिखाया
साधना ने बताया कि रिपोर्ट में पॉजिटिव जरूर बता रहे हो, वह गलत है। उन्होंने कहा कि मेरे पास जो रिपोर्ट है, उसमें नेगेटिव है फिर आप मुझे क्यों ले जाना चाहते हैं। कुछ लोग तो महिला पुलिस बुलाने की धमकी दे रहे थे। जबरदस्ती ले जाने की भी बात कह रहे थे। धमकी के साथ एम्बुलेंस में बिठा कर उनके परिजनों की गैरमौजूदगी में पाकुरभाट में भर्ती करा दिया गया।

एंटीजन में निगेटिव पर आरटीपीसीआर में पॉजिटिव
बीएमओ शिरीष सोनी ने बताया कि साधना की जांच पहले एंटीजन से की, जिसमें नेगेटिव आई पर आरटीपीसीआर जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव है जिसके कारण उसे आइसोलेशन केंद्र में भर्ती कराया गया है।

दो दिन पहले बनगांव निवासी हुमन लाल को भी कोरोना पॉजिटिव बताकर आइसोलेशन केंद्र में भर्ती कराया गया। दो दिन कोरोना मरीजों के साथ रहा। उनकी भी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई। उन्होंने बताया कि 12 सितंबर को कोरोना सैंपल जांच के लिए लिया। सैम्पल की जांच राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में 16 सितंबर को हुई। उसी दिन खैरा की स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने मोबाइल फोन से तत्काल घर जाने कहा, जब पूछा कि क्यों तो जवाब दिया उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। उसे रात्रि में पाकुरभाट आइसोलेशन केंद्र ले गए। दो दिन के बाद गुरुवार को मोबाइल में मैसेज आया कि उनकी रिपोर्ट नेगेटिव है। लेकिन उन्हें आइसोलेशन केंद्र में कोरोना संक्रमितों के साथ रखा गया। उनके परिजनों को होम आइसोलेशन से स्वतंत्र किया गया।

अब लोग पहले मांग रहे पॉजिटिव होने का सबूत
जिले में लगातार कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना की रिपोर्ट अलग-अलग होने से लोग भी समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर किसकी बात माने। कोई मौखिक या फोन से कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि कर देता है लेकिन रिपोर्ट बाद में नेगेटिव आ जाती है। ऐसे में जिसे कोरोना मरीज होने की जानकारी देकर एम्बुलेंस लाने जाते है वे लोग पहले कोरोना पॉजिटिव होने का सबूत मांगने लगे है।

98 नए मरीज मिले, 1583 पहुंची मरीजों की संख्या
शनिवार को जिले में कोरोना के कुल 98 नए मरीज मिले हैं। इन नए मरीजों के साथ कोरोना मरीजों की संख्या 1583 हो गई है। अच्छी बात यह रही कि शनिवार को 47 मरीज स्वस्थ्य होने के बाद डिस्चार्ज हो गए। अब एक्टिव केस 818 हैं। 286 मरीज घर में इलाज करा रहे हैं। शुक्रवार को मिले कोरोना पॉजिटिव मामलों में बालोद ब्लॉक 24, डौंडी ब्लॉक 33, डौंडीलोहारा ब्लॉक 39, गुरुर ब्लॉक 11, गुंडरदेही ब्लाक से 11 मरीज मिले हैं। सीएमएचओ एसएस देवदास ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। कोरोना जांच सेंटर से जानकारी लेकर ही कुछ कह पाऊंगा।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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