बालोद: कोविड सेंटर में अव्यवस्था, मरीज करते हैं टॉयलेट साफ, नहाने के लिए सिर्फ एक ही नल, बीमारी से ज्यादा भूख कर रही बेहाल

कलेक्टर से मोबाइल फोन पर संपर्क कर शिकायत की है। साथ ही लिखित रूप से भी शिकायत पत्र सौंपने की तैयारी भी कर रहे हैं। कोरोना मरीजों को समय पर खाना नहीं देने, बाथरूम की सफाई नहीं करने के साथ डॉक्टर पर मरीजों की जांच नहीं करने का आरोप लगाया है।

By: Dakshi Sahu

Published: 26 Aug 2020, 01:37 PM IST

बालोद. जिले में कोरोना के लगातार मामले सामने आ रहे हैं। लेकिन जिला स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही थमने का नाम ही नहीं ले रही है। शासन की ओर से कोरोना मरीजों के इलाज की सुविधा के लिए लाखों रुपए की सुविधा देने के बावजूद जिला स्वास्थ्य विभाग मरीजों को सुविधाएं नही दे पा रहा है। मरीजों की संख्या बढऩे के बाद भर्ती करने के लिए ग्राम पाकुरभाट के लाइवलीहुड कॉलेज को आइसोलेशन केंद्र बनाया गया है। यहां आधी-अधूरी तैयारी के बीच मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इस आइसोलेशन केंद्र में अव्यवस्था के कारण कोरोना के मरीजों ने सामूहिक रूप से कलेक्टर से मोबाइल फोन पर संपर्क कर शिकायत की है। साथ ही लिखित रूप से भी शिकायत पत्र सौंपने की तैयारी भी कर रहे हैं। आइसोलेशन केंद्र में भर्ती कोरोना मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग पर कोरोना मरीजों को समय पर खाना नहीं देने, बाथरूम की सफाई नहीं करने के साथ डॉक्टर पर मरीजों की जांच नहीं करने का आरोप लगाया है।

आनन-फानन में तैयार किया आइसोलेशन केंद्र
बालोद जिले में जब कोरोना के मामले ही नहीं आए थे, तभी चार माह पहले ही स्वास्थ्य विभाग रायपुर की डायरेक्टर प्रियंका शुक्ला ने जिला स्वास्थ्य विभाग व डीएसओ को आइसोलेशन केंद्र बनाकर तैयार रखने के निर्देश दिए थे। जब कोरोना का विस्फोट होने लगा तो आनन-फानन में आइसोलेशन केंद्र तैयार किया, जहां अधूरी सुविधाएं हैं। बालोद कलेक्टर जनमेजय महोबे ने बताया कि समय पर खाना व सफाई नहीं होने की शिकायत मिली। एसडीएम व तहसीलदार को स्थिति का जायजा लेने निर्देशित किया था। आपसे जानकारी मिल रही है इस पर जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।

रीज ही करते हैं बाथरूम की सफाई
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का बड़ा उदाहरण है, यहां सफाई कर्मचारी की भी व्यवस्था नहीं की गई है। नतीजा यह है कि कोरोना मरीज ही बाथरूम की सफाई करते हैं। गंदगी इतनी है कि बदबू भी उठने लगती है। जब इसकी शिकायत मरीज स्वास्थ्य अधिकारी से करते हंै तो सफाई कराने की बात कहकर भूल जाते हैं। मरीजों को ही सफाई करनी पड़ती है।

सुविधा दिलाने की मांग की
कुछ मरीजों का कहना है बालोद कोविड-19 अस्पताल में इलाज, साफ -सफाई के साथ समय पर खाना मिलता है। कोविड-19 अस्पताल से डिस्चार्ज हुए मरीज भी यहां की तारीफ करते हैं। यही वजह है कि अब आइसोलेशन केंद्र में भर्ती मरीज भी कोविड 19 अस्पताल जैसी सुविधा दिलाने की मांग कर रहे हैं।

आइसोलेशन केंद्र में भर्ती मरीजों की ओर से इस केंद्र में अव्यवस्था के आलम की बात कही जा रही है। इस बात को जिला स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ डॉ. बीएल रात्रे ने नकार दिया। उन्होंने कहा आइसोलेशन केंद्र में कोई समस्या नहीं है। सब ठीक है। आज बिलासपुर में हूं, इस बारे में कुछ बात नहीं कर पाऊंगा।

एक नल में नहाते हैं 80 से ज्यादा मरीज
पत्रिका को आइसोलेशन केंद्र से कई कोरोना मरीजों ने अपनी परेशानी बताई है, जिसमें उन्होंने वहां की स्थिति के बारे में भी बताया है। बताया गया है कि आइसोलेशन केंद्र में 80 से ज्यादा कोरोना संक्रमित पुरुष हैं। लेकिन नहाने के लिए एक नल के भरोसे रहते हैं। कपड़े की धुलाई भी बड़ी मुश्किल से करते हैं।

मरीजों ने यह भी बताया कि जब से भर्ती हुए हैं, तब से डॉक्टर भी जांच करने व हालचाल पूछने नहीं आते हैं। यही नहीं स्टाफ नर्स भी नहीं आ रही थी, तब मरीजों ने नाराज होकर शोर मचाया। इसके बाद स्टाफ नर्स भी आकर दवाई को भी बेड में दूर से देकर चली जाती हैं।

समय पर नहीं मिलता है मरीजों को भोजन
रीजों का कहना है कि यहां खाना भी समय पर नहीं मिलता। सुबह 10 बजे चाय नाश्ता आता है। ढाई बजे करीब दोपहर का भोजन मिलता है। वहीं रात में भी भोजन साढ़े 9 बजे के करीब मिलता है। आइसोलेशन केंद्र में डेढ़-दो साल के बच्चे के साथ उनके मां व 11 साल की बच्ची से लेकर 60 से 70 साल की वृद्ध भी भर्ती हैं। समय पर खाना नहीं मिलने से बच्चे सहित लोग भूख से तड़प जाते हैं। इनकी भूख से स्वास्थ्य विभाग को कोई फर्क नहीं पड़ता।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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