बस्तर बॉर्डर में शरारती युवकों ने हाथियों पर बरसाए पत्थर, भड़के 22 गजराज के दल ने बालोद DFO को दौड़ाया

Wild elephant in Balod: गांव में घुसे हाथियों के दल की निगरानी कर रही बालोद डीएफओ सतोविशा समाजदार को भी दंतैलों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। अचानक एक गजराज डीएफओ के गाड़ी के आगे आकर खड़ा हो गया।

By: Dakshi Sahu

Published: 22 Oct 2020, 01:30 PM IST

बालोद/डौंडी. डौंडी के जंगल से निकलकर बस्तर सीमा में आराम फरमा रहे जंगली हाथियों के दल पर कुछ शरारती युवकों ने पत्थर बरसा दिया। जिसके भड़का हाथियों का दल फिर डौंडी वन क्षेत्र में लौट गया है। अब ये हाथी गांवों में तबाही मचा रहे हैं। बुधवार को गांव में घुसे हाथियों के दल की निगरानी कर रही बालोद डीएफओ सतोविशा समाजदार को भी दंतैलों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। अचानक एक गजराज डीएफओ के गाड़ी के आगे आकर खड़ा हो गया। जब तक चालक समझ पाता तब तक हाथी डीएफओ की गाड़ी का पीछा करने लगा। किसी तरह चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए अपनी और डीएफओ की जान बचाई

बस्तर बॉर्डर में शरारती युवकों ने हाथियों पर बरसाए पत्थर, भड़के 22 गजराज के दल ने बालोद DFO को दौड़ाया

डौंडी वनपरिक्षेत्र के रजोलीडीह से 19 अक्टूबर को हाथियों का दल बस्तर के कच्चे-साल्हे बॉर्डर की ओर बढ़ गया था। ईरागांव के बगरूम पाठ नाम से प्रसिद्ध पत्थरों वाली ऊंची पहाड़ के नीचे छोटे जंगल में हाथी आराम फरमा रहे थे। पहाड़ पर चढ़े बस्तर बॉर्डर के कुछ शरारती युवकों ने हाथियों पर पत्थर बरसाकर उनके विचरण और आराम को ***** कर दिया, जिससे दल गुस्से में नजर आने लगा। युवक सुबह से देर रात तक पहाड़ के ऊपर से रुक-रुक के हाथियों पर पत्थर बरसाते रहे। रात्रि में पटाखे फोड़कर और टार्च लाइट दिखा कर हद से ज्यादा परेशान कर दिया। जिससे बौखलाकर हाथियों का दल पुन: डौंडी क्षेत्र जंगल में लौट आया।

दो दिन से एक स्थान पर जमे
15 जून को गुरुर वन परिक्षेत्र से डौंडी जंगल क्षेत्र पहुंचे 22 सदस्यीय हाथी दल ने कई किसानों के खेतों की फसल को तबाह कर दिया है। इससे वन विभाग की चिंता बढ़ गई है। फसल की बर्बादी रोकने विभाग हर प्रयत्न कर रहा है। बताया गया कि हाथी जंगल में दिन में विचरण कर आराम करते हैं। अंधेरा होने पर अन्य स्थल की ओर आगे बढऩे लगते हैं। दो दिनों से एक ही स्थल कक्ष क्रमांक 275 वन परिक्षेत्र में जमावड़ा रहना वन विभाग के लिए सोचनीय तथ्य बन रहा है। इसलिए वन अमला पहरा देकर हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।

अब पेड़ों को जड़ से उखाड़ रहे हाथी
22 जंगली हाथियों का दल अभी दो दिनों से खुर्सीटिकुल जंगल कक्ष 275 में डेरा डाले हुए है। गुस्से में आ चुके हाथियों ने मंगलवार रात ग्राम खुर्सीटिकुल के विभिन्न हिस्सों के खेतों की धान फसल को रौंद दिया। वहीं ग्राम सरपंच के सौर ऊर्जा वाली बोर पाइप को तोड़ मरोड़कर क्षति पहुंचाई है। इससे किसान बेहद चिंतित हो गए हैं। हाथियों की हरकतों से वन अमले का सिरदर्द भी बढ़ गया है। हाथियों का दल खुर्सीटिकुल के खेत की फसल के अलावा लारी-बाड़ी व जंगल के भेलवा पेड़ों को जड़ से उखाड़कर फेंक रहे हैं।

सामने आई वन विभाग की लापरवाही
वन विभाग का मानना है कि डौंडी वन क्षेत्र छोड़कर बस्तर बॉर्डर प्रवेश कर चुके हाथियों का दल वापसी नहीं करता। यह दल केवल आगे ही बढ़ते जाता है। कभी पीछे लौटता ही नहीं है। लेकिन कुछ नासमझ लोगों ने पत्थर बरसाए, पटाखे फोड़े और लाइट जलाई। तभी मजबूरी में वापस हुए। बस्तर बॉर्डर पहुंचकर हाथियों ने जान माल की कोई क्षति नही पहुंचाई थी। फिर भी युवकों ने पत्थर बरसा दिया। डौंडी रेंज के कर्मचारी ने कहा कि भानुुप्रतापपुर से यहां ड्यूटी में उपस्थित कर्मचारी ने कोई रोकटोक नहीं किया। जिसके चलते युवकों ने पत्थर बरसाना जारी रखा।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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