scriptEnvironment park being improved by spending 84 lakhs | 84 लाख खर्च कर सुधारा जा रहा पर्यावरण पार्क | Patrika News

84 लाख खर्च कर सुधारा जा रहा पर्यावरण पार्क

बालोद जिला मुख्यालय के पानाबरस डिपो में बनाए जा रहे पर्यावरण पार्क व बायोडायवर्सिटी पार्क का निर्माण तीन साल में भी नहीं हो पाया। पर्यावरण पार्क निर्माण पर पहले लगभग एक करोड़ 26 लाख खर्च किए गए। वहीं अब 84 लाख की लागत से पर्यावरण पार्क व बायोडायवर्सिटी पार्क का निर्माण किया जा रहा है।

बालोद

Published: May 10, 2022 10:33:04 pm

बालोद . जिला मुख्यालय के पानाबरस डिपो में बनाए जा रहे पर्यावरण पार्क व बायोडायवर्सिटी पार्क का निर्माण तीन साल में भी नहीं हो पाया। पर्यावरण पार्क निर्माण पर पहले लगभग एक करोड़ 26 लाख खर्च किए गए। वहीं अब 84 लाख की लागत से पर्यावरण पार्क व बायोडायवर्सिटी पार्क का निर्माण किया जा रहा है। वन विभाग की माने तो पार्क को पूरी तरह से तैयार होने में दो माह का समय और लगेगा। जिसके बाद पार्क को जिलेवासियों के लिए खोल दिया जाएगा। पर्यावरण पार्क काफी चर्चित है। इसका कारण है करोड़ों खर्च कर लगाए गए झूले, एडवेंचर टूट गए हैं।

तीन साल में नहीं हो सका पूरा
पर्यावरण पार्क

टूटे हुए एडवेंचर, झूले सब बनाए जाएंगे
वन विभाग के डीएफओ आयुष जैन ने बताया ति यह योजना उनके आने के पहले की है। अब इस पार्क को जल्द तैयार करने के प्रयास जारी है। इसके लिए नए सिरे से कार्य किया जा रहा है। पार्क में जितने भी एडवेंचर व झूले टूटे हैं। सबकी मरम्मत की जाएगी।

यह था पर्यावरण पार्क का उद्देश्य
पर्यावरण पार्क बनाने का उद्देश्य यह था कि यहां आने वालों को सुकून के पल मिल सके। लोगों को घूमने-फिरने व आराम करने की अच्छी जगह मिल सके। बच्चों के खेलने के लिए अच्छा माहौल मिल जाए।

पार्क में होंगी ये सुविधाएं
वन विभाग के मुताबिक कैम्पा मद से लाखों की लागत से बालोद-दल्ली मार्ग स्थित पानाबरस डिपो के समीप 40 हेक्टेयर जंगल क्षेत्र में इस बायो डायवर्सिटी का निर्माण किया जाएगा। जिलेवासी जंगली हिरण व कोटरी को नजदीक से देख सकेंगे। वहां दुर्लभ प्रजाति के पौधे भी लगाए जाएंगे। वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए ग्रासलैंड बनाकर क्षेत्र में पाए जाने वाले सबसे ज्यादा वन्य प्राणी हिरण, कोटरी व खरगोश का आदि का संरक्षण भी किया जाएगा। पार्क का निर्माण लोगों को प्रकृति से जोड़कर जैव विविधता को समझाना है।

कुर्सी लगाने सहित छिटपुट कार्य बाकी
डीएफओ आयुष जैन ने कहा कि पर्यावरण पार्क व बायोडायवर्सिटी पार्क का निर्माण अंतिम चरण में हैं। जल्द ही इसका निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा। आने वाले दो माह के भीतर इस पार्क को जिलेवासियों के लिए खोल दिया जाएगा। वर्तमान में पूरे पार्क में बैठने के लिए कुर्सी लगाने का कार्य चल रहा है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

मौसम अलर्ट: जल्द दस्तक देगा मानसून, राजस्थान के 7 जिलों में होगी बारिशइन 4 राशियों के लोग होते हैं सबसे ज्यादा बुद्धिमान, देखें क्या आपकी राशि भी है इसमें शामिलस्कूलों में तीन दिन की छुट्टी, जानिये क्यों बंद रहेंगे स्कूल, जारी हो गया आदेश1 जुलाई से बदल जाएगा इंदौरी खान-पान का तरीका, जानिये क्यों हो रहा है ये बड़ा बदलावNumerology: इस मूलांक वालों के पास धन की नहीं होती कमी, स्वभाव से होते हैं थोड़े घमंडीबुध जल्द अपनी स्वराशि मिथुन में करेंगे प्रवेश, जानें किन राशि वालों का होगा भाग्योदयमोदी सरकार ने एलपीजी गैस सिलेण्डर पर दिया चुपके से तगड़ा झटकाजयपुर में रात 8 बजते ही घर में आ जाते है 40-50 सांप, कमरे में दुबक जाता है परिवार

बड़ी खबरें

Maharashtra Political Crisis: अयोग्यता नोटिस के खिलाफ शिंदे गुट पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, सोमवार को होगी सुनवाईMaharashtra Political Crisis: एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने पर दिया बड़ा बयान, कहीं यह बातBypoll Result 2022: उपचुनाव में मिली जीत पर सामने आई PM मोदी की प्रतिक्रिया, आजमगढ़ व रामपुर की जीत को बताया ऐतिहासिकRanji Trophy Final: मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास, 41 बार की चैम्पियन मुंबई को 6 विकेट से हरा जीता पहला खिताबKarnataka: नाले में वाहन गिरने से 9 मजदूरों की दर्दनाक मौत, सीएम ने की 5 लाख मुआवजे की घोषणाअगरतला उपचुनाव में जीत के बाद कांग्रेस नेताओं पर हमला, राहुल गांधी बोले- BJP के गुड़ों को न्याय के कठघरे में खड़ा करना चाहिए'होता है, चलता है, ऐसे ही चलेगा' की मानसिकता से निकलकर 'करना है, करना ही है और समय पर करना है' का संकल्प रखता है भारतः PM मोदीSangrur By Election Result 2022: मजह 3 महीने में ही ढह गया भगवंत मान का किला, किन वजहों से मिली हार?
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.